होर्मुज संकट और वैश्विक तनाव के बीच भारत सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने केरोसिन यानी मिट्टी के तेल की सप्लाई आसान बनाने के लिए नियमों में ढील दी है। इसका मकसद है कि जिन इलाकों में गैस या बिजली की कमी है, वहां लोगों को खाना बनाने और रोशनी के लिए तुरंत केरोसिन मिल सके।
सरकार ने साफ किया है कि पेट्रोलियम सुरक्षा और लाइसेंस से जुड़े कुछ नियमों को अस्थायी तौर पर आसान किया गया है। इससे 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जरूरत के हिसाब से केरोसिन की सप्लाई की जा सकेगी। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब ईरान युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हो रही है और कई जगह ईंधन की कमी की आशंका बनी हुई है।
क्या इस फैसले से लोगों को राहत मिलेगी?
सरकार का कहना है कि इस कदम से आम लोगों को सीधा फायदा होगा। खासकर ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में जहां अभी भी लोग केरोसिन पर निर्भर हैं। सरकार ने कहा कि जरूरत पड़ने पर तुरंत केरोसिन उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि किसी को खाना बनाने या रोशनी के लिए परेशानी न हो। यह फैसला अस्थायी है, लेकिन हालात सामान्य होने तक इसे जारी रखा जाएगा।
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