
अदानी समूह : अदानी समूह के चेयरमैन गौतम अदानी ने APSEZ द्वारा 500 मिलियन टन कार्गो हैंडलिंग का ऐतिहासिक आंकड़ा पार करने पर इसे केवल एक व्यावसायिक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक “जीवंत विरासत” बताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता संख्याओं से कहीं आगे जाकर उस सोच, विश्वास और साहस को दर्शाती है, जिसने इस सफर को संभव बनाया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी महान संस्था का निर्माण दो बार होता है-पहले विचारों और विश्वास में, और फिर वास्तविक दुनिया में। एपीएसईजेड की यह उपलब्धि भी उसी सोच और निरंतर प्रयास का परिणाम है, जिसमें वर्षों की मेहनत, संघर्ष और समर्पण शामिल है।
जुनून और विश्वास ने सफलता की नींव रखी
अदानी ने इस यात्रा को व्यक्तिगत बताते हुए कहा कि मुंद्रा पोर्ट से शुरू हुआ यह सफर आज एक विशाल नेटवर्क में बदल चुका है, जिसमें देश-विदेश के कई बंदरगाह शामिल हैं। उन्होंने याद किया कि 1990 के दशक में अहमदाबाद से मुंद्रा तक बिना सड़क के रातभर का सफर करना भी एक चुनौती हुआ करता था, लेकिन उसी जुनून और विश्वास ने आज इस सफलता की नींव रखी। उन्होंने कहा कि एपीएसईजेड की ताकत सिर्फ पोर्ट बनाने में नहीं, बल्कि “फ्लो” यानी कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और उद्योग के प्रवाह को विकसित करने में है। यह नेटवर्क आज देश के बुनियादी ढांचे को मजबूती देने में अहम भूमिका निभा रहा है।
कर्मचारियों और श्रमिकों को दिया श्रेय
अपने संबोधन में अदानी ने विशेष रूप से ग्राउंड लेवल पर काम करने वाले कर्मचारियों और श्रमिकों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि क्रेन ऑपरेटर, मरीन टीम, प्लानर, मेंटेनेंस स्टाफ और दूर-दराज से आकर काम करने वाले श्रमिक इस उपलब्धि के असली नायक हैं। उन्होंने श्रमिकों के त्याग और मेहनत को नमन करते हुए इस उपलब्धि को उन्हें समर्पित किया। अदानी ने संगठनात्मक बदलावों का जिक्र करते हुए बताया कि समूह अब तीन-स्तरीय ढांचे की ओर बढ़ रहा है, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया को जमीनी स्तर तक मजबूत किया जा सके और कर्मचारियों को अधिक अधिकार मिल सके। उन्होंने कहा कि भविष्य में वही संगठन सफल होंगे, जहां निर्णय तेजी से और वास्तविक स्थिति के करीब लिए जाएंगे।
2030 तक कंपनी 1 बिलियन टन कार्गो हैंडलिंग की कोशिश होगी
भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है और एपीएसईजेड इस अवसर का लाभ उठाने के लिए तैयार है। उन्होंने लक्ष्य रखा कि वर्ष 2030 तक कंपनी 1 बिलियन टन कार्गो हैंडलिंग तक पहुंचने का प्रयास करेगी। अपने संबोधन के आखिर में अदानी ने कहा कि यह 500 मिलियन टन की उपलब्धि अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। उन्होंने विश्वास जताया कि एपीएसईजेड, अदाणी समूह और भारत का सर्वश्रेष्ठ अभी आना बाकी है।
