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हिंद महासागर में बजेगा भारत का डंका, INS सुनयना ने गाजी के साथ दिखाया खौफनाक रूप, दुश्मनों की उड़ी नींद

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हिंद महासागर में बजेगा भारत का डंका, INS सुनयना ने गाजी संग दिखाया रौद्र रूप

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आईएनएस सुनयना का यह मिशन बहुत ही ज्यादा खास और अहम है. इस जहाज पर 16 अलग-अलग देशों के सैनिक सवार हैं. यह दुनिया के सामने एक बहुत बड़े सहयोग का भारी प्रतीक है. कमांडर सिद्धार्थ चौधरी ने मालदीव के बड़े अफसरों से खास मुलाकात की. मेजर जनरल इब्राहिम हिल्मी के साथ उनकी बहुत अहम बातचीत हुई. दोनों देशों ने फ्यूचर के लिए अपनी मजबूत रणनीतिक साझेदारी पर जोर दिया. सभी विदेशी सैनिकों ने मालदीव के अफसरों के साथ अपने शानदार अनुभव बांटे.

हिंद महासागर में बजेगा भारत का डंका, INS सुनयना ने गाजी संग दिखाया रौद्र रूपZoom

समुद्री अभ्यास के जरिए भारत और मालदीव ने समंदर में दिखाई अपनी ताकत. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली. भारत और मालदीव के नौसैनिकों ने एक विशेष समुद्री सैन्य अभ्यास को अंजाम दिया है. समुद्र में किए गए इस अभ्यास में भारतीय नौसेना का जहाज आईएनएस सुनयना भी शामिल हुआ. वहीं मालदीव की ओर उनका समुद्री जहाज ‘गाजी’ इस अभियान का हिस्सा बना. नौसेना के मुताबिक, इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच तालमेल, समन्वय और एक साथ काम करने की क्षमता को और बेहतर बनाना था. भारतीय नौसेना का पोत आईएनएस सुनयना इसी सप्ताह मालदीव के ‘माले’ पहुंचा था. इस भारतीय समुद्री जहाज ने अपनी ऑपरेशनल तैनाती के पहले पड़ाव के रूप में माले में प्रवेश किया था. भारतीय नौसैनिक दल की यह महत्वपूर्ण यात्रा ‘आईओएस सागर’ पहल के तहत रही. इस भारतीय पोत पर न केवल भारत बल्कि 16 अलग-अलग मित्र देशों के नौसैनिक मौजूद हैं. इस बहुराष्ट्रीय दल में मालदीव के सैनिक भी शामिल हैं.

भारतीय नौसेना का जहाज आईएनएस सुनयना, अब मालदीव की राजधानी माले के बंदरगाह से अपनी आगे की यात्रा शुरू कर चुका है. यह दौरा भारत और मालदीव के बीच मजबूत होते समुद्री संबंधों का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है. इस यात्रा के दौरान भारतीय नौसेना और मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल के बीच कई महत्वपूर्ण पेशेवर गतिविधियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए. जहाज के प्रस्थान के समय यह विशेष समुद्री अभ्यास भी किया गया. इसमें मालदीव तटरक्षक बल का जहाज गाजी शामिल था.

आईओएस सागर के कमांडिंग अधिकारी कमांडर सिद्धार्थ चौधरी ने इस दौरान मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल के प्रमुख मेजर जनरल इब्राहिम हिल्मी, वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों व तटरक्षक बल के कमांडेंट ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद सलीम से बातचीत की. इन बैठकों में संयुक्त प्रशिक्षण, आपसी सहयोग और भविष्य में रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर विशेष चर्चा हुई. भारतीय नौसेना के इस जहाज में 16 मित्र देशों के नौसैनिकों मौजूदगी से यह एक बहुराष्ट्रीय सहयोग का प्रतीक बन गया है. इन सभी ने मालदीव के अधिकारियों के साथ बातचीत कर अपने अनुभव साझा किए, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समुद्री सहयोग को और बढ़ावा मिला.

नौसेना के मुताबिक यह दौरा केवल सैन्य गतिविधियों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम भी शामिल थे. भारतीय नौसेना और मालदीव के जवानों के बीच खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिससे आपसी भाईचारा और समझ को और मजबूती मिली. आईओएस सागर का यह दौरा भारत और मालदीव के बीच गहरे समुद्री संबंधों को दर्शाता है. यह दोनों देशों की क्षेत्रीय सुरक्षा, स्थिरता और सहयोग की साझा प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

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