खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की तेल दिग्गज कंपनी एडनॉक (एडीएनओसी) ने ईरान को लपेटे में लिया है। एडनॉक के सीईओ सुल्तान अहमद अल जाबेर ने कहा है कि ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत और बिना किसी शर्त के खोल देना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया की आर्थिक स्थिरता के लिए इस समुद्री मार्ग का स्वतंत्र होना बेहद जरूरी है। पश्चिम एशिया में अमेरिकी-इस्राइली सैन्य कार्रवाई के बाद से ईरान ने होर्मुज को बंद कर रखा है। फिलहाल इस समुद्री रास्ते में 230 जहाज फंसे हैं।
‘यह नेविगेशन की स्वतंत्रता नहीं, जबरदस्ती है’
यूएई के उद्योग और उन्नत प्रौद्योगिकी मंत्री सुल्तान अल जाबेर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने कहा कि ईरान ने 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के बाद से इस रणनीतिक जलमार्ग को प्रभावी ढंग से बंद कर रखा है।
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तेल उत्पादन पर बुरा असर
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज के बंद होने से यूएई के तेल उत्पादन पर गहरा असर पड़ा है। मार्च के मध्य तक यूएई का तेल उत्पादन घटकर आधा रह गया था। एडनॉक जैसी विशाल कंपनी को उत्पादन ठप करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। हालांकि, कंपनी वैकल्पिक रास्तों से निर्यात की कोशिश कर रही है। लेकिन चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं।
ईरान से मुआवजे की मांग
यूएई ने इस मामले में न केवल रास्ता खोलने की मांग की है, बल्कि ईरान को जवाबदेह ठहराने की बात भी कही है। अल जाबेर ने कहा कि यूएई के नागरिक और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर जो ‘अवैध हमले’ हुए हैं, उसके लिए ईरान को पूरी तरह से उत्तरदायी माना जाना चाहिए। उन्होंने इन हमलों से हुए नुकसान की भरपाई की भी मांग की है। होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ‘ऑयल चोकपॉइंट’ है। वर्तमान में लगभग 230 जहाज तेल लेकर वहां खड़े हैं और निकलने का इंतजार कर रहे हैं। अल जाबेर ने चेतावनी दी है कि रास्ता बंद रहने के हर एक दिन का मतलब है कि वैश्विक बाजार में तेल की कमी, बढ़ती कीमतें और आर्थिक झटका।
