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Aaj Ka Mausam Live | Today Weather Live: तूफानी हवाओं के साथ बारिश की एंट्री, साइक्लोनिक सर्कुलेशन से 12 राज्यों में तबाही की चेतावनी, IMD का अलर्ट

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Today Weather Live: देश का मौसम इन दिनों तेजी से करवट ले रहा है और इसकी चाल आम लोगों के लिए उलझन पैदा कर रही है. एक ओर आसमान में काले बादल मंडरा रहे है तो दूसरी ओर तेज धूप भी अपना असर दिखा रही है. यह दोहरा मिजाज मौसम को और ज्यादा खतरनाक बना रहा है. मौसम विभाग (IMD) का ताजा अलर्ट बताता है कि हालात सामान्य नहीं हैं. साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हो चुका है और इसका असर कई राज्यों पर एक साथ देखने को मिलेगा. तेज हवाएं, बारिश और आंधी का खतरा बढ़ गया है. कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है. 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है. इसके साथ ही कई राज्यों में तापमान भी तेजी से बढ़ेगा, इससे लू का असर दिखेगा. यह स्थिति लोगों के लिए दोहरी चुनौती बन सकती है एक तरफ तूफान और बारिश का खतरा, दूसरी तरफ बढ़ती गर्मी. ऐसे में मौसम का यह बदलाव सिर्फ मौसमी नहीं, बल्कि चेतावनी भरा संकेत है, जिसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है.

IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार देश के 12 से ज्यादा राज्यों में एक साथ मौसम बिगड़ने की संभावना है. हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, केरल, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम में तेज बारिश और तूफान का अलर्ट जारी किया गया है. इन राज्यों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, इससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा है. कई इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है, जो जानलेवा साबित हो सकती है. किसानों को खास तौर पर सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि यह मौसम उनकी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकता है. खुले खेतों में काम करने से बचने और सुरक्षित स्थान पर रहने की हिदायत दी गई है.
मध्य प्रदेश में आने वाले दिनों में गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है. (PTI)

दिल्ली-NCR में बढ़ेगी गर्मी और हवाओं का असर

दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल मौसम साफ है लेकिन धूप का असर लगातार बढ़ रहा है. आसमान में हल्के बादल जरूर दिख रहे हैं, लेकिन बारिश की कोई ठोस संभावना नहीं है. हवा की गति तेज बनी हुई है, इससे वातावरण में हल्की ठंडक का एहसास होता है, लेकिन यह ज्यादा देर तक नहीं टिकेगा. अगले 24 घंटों में तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है. अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 19 से 21 डिग्री के बीच रहेगा. हवाएं 10 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी, जिससे हवा की गुणवत्ता में थोड़ा सुधार हो सकता है. हालांकि अगले सप्ताह से गर्मी और ज्यादा बढ़ेगी और लोगों को लू जैसे हालात का सामना करना पड़ सकता है.

यूपी में गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा

  • उत्तर प्रदेश में मौसम अब पूरी तरह से बदल चुका है. पहले जहां आंधी और बारिश से थोड़ी राहत मिली थी, अब वहां सूरज की तपिश बढ़ने लगी है. दिन के समय तेज धूप के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चल रही हैं. इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है और शरीर में पानी की कमी का खतरा भी बढ़ गया है.
  • राज्य के कई जिलों में तापमान 35 डिग्री से ऊपर पहुंच चुका है और आने वाले दिनों में इसमें और बढ़ोतरी हो सकती है. मेरठ, आगरा, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर जैसे शहरों में लू का असर देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में तापमान 3 से 4 डिग्री तक बढ़ सकता है. ऐसे में लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पानी ज्यादा पीने और धूप से बचाव के उपाय करने की सलाह दी गई है.
राजस्थान में इन दिनों मौसम का मिजाज थोड़ा बदला हुआ नजर आ रहा है. (PTI)

बिहार में लू और तेज हवाओं का अलर्ट

  • बिहार में भी मौसम का मिजाज तेजी से गर्म हो रहा है. शुरुआती दिनों में हल्की बारिश के कारण थोड़ी राहत जरूर मिली थी, लेकिन अब तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर जैसे जिलों में गर्मी का असर साफ दिखाई देने लगा है.
  • अगले 3 से 4 दिनों में तापमान 5 से 6 डिग्री तक बढ़ सकता है. इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चलेंगी, इससे लू की स्थिति बन सकती है. यह मौसम खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरनाक हो सकता है. लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, हल्के कपड़े पहनने और ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सलाह दी गई है.

राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर

राजस्थान में इन दिनों मौसम का मिजाज थोड़ा बदला हुआ नजर आ रहा है. एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हुआ है, जिसके कारण जयपुर, अजमेर, कोटा और भरतपुर जैसे इलाकों में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है. कुछ जगहों पर हल्की बारिश और आंधी भी देखने को मिल सकती है. हालांकि यह बदलाव अस्थायी है और ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगा. जैसे ही यह सिस्टम कमजोर होगा, तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी और राज्य के कई हिस्सों में लू का असर शुरू हो जाएगा.

मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का खतरा

मध्य प्रदेश में आने वाले दिनों में गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है. भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा जैसे शहरों में तापमान लगातार बढ़ रहा है. इसी तरह छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में 14 से 17 अप्रैल के बीच लू चलने की संभावना जताई गई है. यह स्थिति खासकर मजदूरों, किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है. गर्म हवाएं शरीर पर सीधा असर डालती हैं और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ा देती हैं. ऐसे में लोगों को धूप से बचने, सिर ढककर बाहर निकलने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है.

पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी

  1. उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब बना रह सकता है. चमोली, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जैसे जिलों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है. तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे ठंड का असर बना रहेगा.
  2. हिमाचल प्रदेश में भी 12 से 17 अप्रैल के बीच मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा. शिमला, कांगड़ा, कुल्लू और मनाली में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है. कई जगहों पर ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा.
  3. जम्मू-कश्मीर में नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हो गया है. घाटी में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है. इससे तापमान में गिरावट आएगी और ठंड का एहसास बना रहेगा. मौसम में यह बदलाव पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों के लिए सावधानी बरतने का संकेत है.
बिहार में भी मौसम का मिजाज तेजी से गर्म हो रहा है. (PTI)

दक्षिण भारत में साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर

दक्षिण भारत में साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर साफ दिखाई दे रहा है. तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में बादल छाए रहेंगे और कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है. कुछ इलाकों में बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है.

नॉर्थ ईस्ट में तेज बारिश और तूफान का खतरा

  • पूर्वोत्तर भारत में मौसम और ज्यादा खतरनाक हो सकता है. अरुणाचल प्रदेश, असम, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम में भारी बारिश और तेज तूफान की चेतावनी जारी की गई है. यहां 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.
  • यह स्थिति बाढ़ और भूस्खलन का कारण बन सकती है. लोगों को घरों में रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है. खासकर पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है.

साइक्लोनिक सर्कुलेशन क्या होता है?

साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक वेदर सिस्टम है, इसमें किसी क्षेत्र में कम दबाव बनने के कारण हवाएं गोलाकार दिशा में घूमने लगती हैं. यह प्रक्रिया वातावरण में नमी को तेजी से इकट्ठा करती है और बादलों के घने समूह बनाती है. इसके कारण तेज बारिश, आंधी और तूफान जैसे हालात बनते हैं. जब यह प्रणाली मजबूत हो जाती है, तो बड़े क्षेत्र को प्रभावित करती है और कई राज्यों में एक साथ मौसम बिगाड़ सकती है.

किन राज्यों में सबसे ज्यादा खतरा है?

पहाड़ी राज्यों जैसे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में तेज हवाओं, बारिश और बर्फबारी का खतरा अधिक है. वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश और तूफान का असर ज्यादा रहेगा. दक्षिण भारत में भी चक्रवाती परिसंचरण के कारण कई राज्यों में मौसम खराब हो सकता है.

क्या यह मौसम किसानों के लिए खतरनाक है?

हां, यह मौसम किसानों के लिए काफी नुकसानदायक साबित हो सकता है. तेज हवाएं और ओले फसलों को बर्बाद कर सकते हैं. बारिश के कारण खड़ी फसलें गिर सकती हैं और कटाई का काम प्रभावित हो सकता है. इसलिए किसानों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करना चाहिए और सुरक्षित उपाय अपनाने चाहिए.

क्या गर्मी और बारिश साथ-साथ रहेंगे?

इस समय देश में मौसम का असामान्य संतुलन बना हुआ है. कुछ हिस्सों में बारिश और तूफान है, जबकि अन्य हिस्सों में गर्मी और लू का असर बढ़ रहा है. यही वजह है कि एक ही समय में देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग मौसम देखने को मिल रहा है.

लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए. तेज धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए और पर्याप्त पानी पीना चाहिए. तूफान या बारिश के दौरान खुले में न रहें और सुरक्षित स्थान पर रहें. बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें.

By uttu

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