बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले को कुछ महीने पहले ही बाल विवाह मुक्त जिला घोषित किया गया था। बावजूद इसके बुधवार को सामने आए एक मामले ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के डौंडी ब्लॉक के ग्राम भर्रीटोला 43 निवासी 20 वर्ष 10 माह के युवक योगेंद्र धनकर ने कानूनी उम्र पूरी होने से पहले ही राजनांदगांव जिले के ग्राम साल्हेटोला की युवती आशा धनकर से विवाह कर लिया। शादी बुधवार तड़के करीब 4 बजे हिंदू रीति रिवाजों के साथ राजनांदगांव जिले में संपन्न हुई थी।
जानकारी के मुताबिक, योगेंद्र धनकर अभी 21 वर्ष की वैधानिक विवाह आयु से दो महीने कम है। विवाह के बाद जब सुबह करीब 7 बजे बारात दूल्हे के गांव लौटी तो मामले की सूचना प्रशासन तक पहुंच गई। इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग सक्रिय हुआ और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई।
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जिलाधिकारी दिव्या मिश्रा के निर्देश पर प्रशासनिक टीम तुरंत गांव पहुंची। एसडीएम सुरेश साहू, तहसीलदार देवेंद्र नेताम, जिला कार्यक्रम अधिकारी समीर पांडे, बाल संरक्षण अधिकारी गजानंद साहू समेत अन्य अधिकारियों ने परिवार से बातचीत की और उन्हें कानून के प्रावधानों की जानकारी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निर्धारित आयु से पहले विवाह करना कानूनन अपराध है और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दूल्हे के पिता से एक लिखित सहमति पत्र लिया। इसमें यह तय किया गया कि युवक के 21 वर्ष पूरे होने तक दुल्हन अपने मायके में ही रहेगी। वैधानिक उम्र पूरी होने के बाद ही दोबारा विधिसम्मत तरीके से विवाह की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
मामले को गंभीर मानते हुए कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने राजनांदगांव कलेक्टर से संपर्क कर इस विवाह को शून्य घोषित करने की मांग भी की है। जानकारी के अनुसार, राजनांदगांव प्रशासन इस संबंध में कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने गांव में जागरूकता अभियान भी चलाया। ग्राम पंचायत भवन की दीवार पर बाल विवाह सामाजिक अभिशाप है जैसे पोस्टर लगाकर ग्रामीणों को जागरूक करने की कोशिश की गई।
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गौरतलब है कि करीब सात महीने पहले ही बालोद जिले को बाल विवाह मुक्त घोषित किया गया था। इसके बाद लगातार शपथ कार्यक्रमों तथा जनजागरूकता अभियानों का आयोजन किया जा रहा था। बावजूद इसके सामने आई इस घटना ने प्रशासन की निगरानी व्यवस्था और जमीनी स्तर पर जागरूकता अभियानों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला परियोजना अधिकारी गुरप्रीत कौर ने बताया कि उन्हें बालोद प्रशासन से मामले की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि दुल्हन बालिग है और बालोद प्रशासन की कार्रवाई रिपोर्ट मिलने के बाद राजनांदगांव स्तर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यह घटना इस बात का संकेत है कि बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को खत्म करने के लिए अभी और सतर्कता तथा मजबूत निगरानी की जरूरत है।
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