Sun. Apr 26th, 2026

Bihar News :रोहिणी आचार्या ने सीएम सम्राट चौधरी पर कसा तंज, फ्लोर टेस्ट के बहाने सोशल मीडिया पर खूब लिखा – Rjd Party Rohini Acharya Targeted Cm Samrat Chaudhary On Social Media Pretext Of Floor Test Bihar News

rohini acharya slams cm nitish kumar accuses him of repeatedly crossing parliamentary decorum bf0b0e

राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की पुत्री रोहिणी आचार्या आज फिर सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर जमकर बरसी। दरअसल बिहार विधान मंडल में एक दिवसीय सत्र का आयोजन किया गया था। इस दौरान बिहार सरकार को बहुमत साबित करना था। इस एक दिवसीय सत्र के दौरान तेजस्वी यादव और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच प्रत्यक्ष- अप्रत्यक्ष बहस भी हुए। 

यह खबर भी पढ़ें-Bihar: बयान पर बवाल के बाद सांसद पप्पू यादव ने मांगी माफी, बोले- ‘गिद्धों’ से बेटियों को बचाना ही मेरा लक्ष्य

रोहिणी ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि, “सदन में विश्वास मत के प्रस्ताव के दौरान बोलते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट कुमार चौधरी उर्फ़ राकेश कुमार चौधरी उर्फ़ राकेश कुमार मौर्या उर्फ़ सम्राट कुमार मौर्या कहते दिखे कि उनको बिहार की 14 करोड़ जनता का आशीर्वाद प्राप्त है , किस यंत्र – थर्मामीटर की मदद से मुख्यमंत्री ने ये माप लिया ? क्या कुल आबादी के सभी 14 करोड़ लोगों ने वोट किया था ? क्या बिहार में 14 करोड़ मतदाता हैं ? क्या एनडीए ने चुनाव सम्राट चौधरी के नाम व्  चेहरे पर लड़ा था ? जरूर मुख्यमंत्री जी की यादाश्त के साथ कोई केमिकल लोचा है !”

उम्र और डिग्री पर भी सवाल 

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री अपनी उम्र , अपनी डिग्री के बारे में तो बात करते दिखे , पहली बार एफिडेविट भी किसी तरह से सही बोलते देखे – सुने गए , मगर अपनी उम्र , अपनी डिग्री को सही साबित करने , सत्यापित करने के पक्ष में कोई तार्किक – तथ्यपरक बात कहने से बचते दिखे .. 

यह खबर भी पढ़ें-Bihar Vidhan Sabha: तेजस्वी ने सोशल मीडिया पर वायरल बात की याद सम्राट चौधरी को दिलाई: विधानसभा में CM को घेरा

लालू प्रसाद यादव के पक्ष से ऐसे किया हमला 

लालू जी के द्वारा जेल भेजे जाने की बचकानी बात कहते हुए प्रपंच के सहारे मुख्यमंत्री की कुर्सी हासिल करने वाले सम्राट चौधरी ये भूल गए भाजपा के ही लोग कहते हैं कि कानूनी व् न्यायिक प्रक्रिया विधि – विधान के अनुरूप चलती है, किसी के इशारे पर नहीं .. अगर इशारे पर चलती है तो फिर हम लोगों की ये बात साबित होती है कि लालू जी व् उनके परिवार को भी किसी के इशारे पर ही फंसाया गया है ….मुख्यमंत्री अपने संबोधन में ये दंभ भरते तो दिखे कि उन्होंने  नीतीश कुमार जी को मुख्यमंत्री बनाने में महती भूमिका निभायी .. मगर ये बताना भूल गए कि उन्होंने ही नीतीश कुमार जी को हटाने के लिए मुरेठा बांध कर प्रतिज्ञा ली थी, मगर बिना प्रतिज्ञा पूरी हुए मुरेठा खोल भी लिया था .. 

निजी हमले पर कही यह बात 

मुख्यमंत्री अपने संबोधन में खुद पर हो रहे पर्सनल अटैक पर तिलमिलाते दिखे , मगर ये भूल गए कि कैसे उन्होंने एक बेटी के द्वारा अपने पिता को किडनी दिए जाने पर बेहद ही ओछी टिप्पणी की थी .. मुख्यमंत्री को शायद ये भी भान नहीं है कि राजनीतिक – सार्वजनिक जीवन में पर्सनल जैसा कुछ विशेष नहीं होता, सब कुछ पब्लिक के स्कैनर पर होता है और दाखिल हलफनामे के माध्यम से पब्लिक डोमेन में भी होता है , जहाँ गड़बड़ी होती है वहाँ सवाल उठता है और सवाल उठना – उठाना लाजिमी भी है .. मुख्यमंत्री के द्वारा दाखिल हलफनामों से ही सवाल खड़े हुए हैं , मुख्यमंत्री के द्वारा दाखिल हलफनामे ही विरोधाभासी हैं, ऐसी कई विसंगतियां हैं हलफनामों में , जिनका यथोचित जवाब मुख्यमंत्री अभी तक नहीं दे सके हैं ..

यह खबर भी पढ़ें- विधानसभा से महागठबंधन के चार विधायक गायब रहेंगे या ज्यादा? जानिए, क्या है बिहार में विधायकों का गणित

सत्ता किसी की बपौती नहीं होती

मुख्यमंत्री कहते दिखे “सत्ता किसी की बपौती नहीं होती” ऐसा कह मुख्यमंत्री कोई नयी बात नहीं कर रहे , ये जगजाहिर है जनता जिसे चुन कर भेजती है , वही सत्ता में काबिज होता है , मगर वर्त्तमान मुख्यमंत्री को तो जनता ने चुना ही नहीं ,  मुख्यमंत्री ये भूल गए कि वो मुख्यमंत्री का चेहरा तो थे नहीं , चेहरा तो कोई और था , जिसे साजिश के साथ बेबस – लाचार कर हटा दिया गया और मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैक – डोर से आ कर कब्ज़ा जमा लिया वर्तमान मुख्यमंत्री ने..

लालू की पाठशाला की चर्चा 

मुख्यमंत्री ने कहा कि ” वो किसी की पाठशाला से नहीं हैं ” .. बिल्कुल ठीक कहा , मुख्यमंत्री ने घाट – घाट घूम – घूम कर अवसरवादिता की राजनीति की पढाई की है , किसी एक पाठशाला में टिके ही नहीं , अभी जिस पाठशाला में हैं वहाँ कितने दिन टिकेंगे इसकी भी कोई गारंटी नहीं है ..

मुख्यमंत्री के लिए किया भद्दा शब्द का प्रयोग 

अपनी कुर्सी बचाने के लिए नीतीश कुमार जी की चापलूसी में मुख्यमंत्री ये कह गए कि लालू जी को नीतीश जी ने मुख्यमंत्री बनाया .. क्या लालू जी को जनता ने अपना वोट नहीं दिया था ? क्या सारा वोट नीतीश कुमार जी ने ही दे दिया था ? लालू जी के साथ सदैव अपार जनसमर्थन रहा और ये जगजाहिर है कि लालू जी जैसे बड़े और मजबूत जनाधार वाला जननेता न हुआ न भविष्य में होगा .. लालू जी की ऊंचाई तो खुद मुख्यमंत्री अपने उस वायरल वीडियो में स्वीकारते दिखे हैं , जिसमें वो कह रहे हैं कि वो लालू जी को गाली दे – दे कर ही नेता बने, जहाँ आज हैं वहाँ तक पहुँचे हैं .. खुद को खुद ही गालीबाज बताने – साबित करने वाले देश के पहले मुख्यमंत्री हैं जनाब ..

By uttu

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *