- योगी ने हिंसा, भ्रष्टाचार पर घेरा, शाह ने बदलाव की लहर बताई
- कानून-व्यवस्था, विकास और पहचान पर चुनावी संग्राम तेज
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के प्रचार के बीच सियासी घमासान चरम पर पहुंच गया है। तृणमूल कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और अन्य दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अलग-अलग सभाओं में एक-दूसरे पर तीखे हमले किए, जिससे चुनावी माहौल और गरमा गया है।
हुगली जिले के उत्तरपाड़ा में जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों, सुरक्षा बलों और संसाधनों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए ‘केंद्रीय ताकत’ का सहारा ले रही है। ममता ने दावा किया कि कई मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और बड़ी संख्या में हेलीकॉप्टर प्रचार में लगाए गए हैं, लेकिन जनता इसका जवाब वोट के जरिए देगी। उन्होंने नंदीग्राम और भवानीपुर का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन राज्य की जनता ऐसे प्रयासों को विफल कर देगी।
मुख्यमंत्री ने रोजगार और औद्योगिक विकास को अपनी सरकार की उपलब्धि बताते हुए कहा कि राज्य में बेरोजगारी घटी है और नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं। उन्होंने हावड़ा से बर्धमान तक राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे विकास का उदाहरण दिया और हिंदमोटर क्षेत्र में नए कारखानों से रोजगार के अवसर बढ़ने का दावा किया। साथ ही केंद्र सरकार की योजनाओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव के समय घोषणाएं होती हैं, लेकिन लाभ समान रूप से नहीं मिलता।
वहीं, नदिया जिले के नबद्वीप में जनसभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने टीएमसी पर लोकतंत्र को कमजोर करने और अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले चरण के मतदान में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हमले हुए, जो टीएमसी की ‘गुंडागर्दी’ को दर्शाता है। योगी ने दावा किया कि 4 मई को चुनाव परिणाम आने पर टीएमसी के लिए कोई जगह नहीं बचेगी और राज्य में ‘डबल इंजन सरकार’ बनेगी, जो तेज विकास करेगी।
योगी आदित्यनाथ ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के मुद्दे पर भी ममता बनर्जी को घेरा और आरोप लगाया कि टीएमसी ने राजनीतिक कारणों से इसका विरोध किया। उन्होंने बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य को माफियाराज और भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाने का समय आ गया है।
इसी कड़ी में पूर्व बर्धमान जिले के जमालपुर में आयोजित सभा में अमित शाह ने भी ममता सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि पहले चरण के मतदान में भाजपा को 110 से अधिक सीटों पर बढ़त मिलेगी और 4 मई को परिणाम भाजपा के पक्ष में आएंगे। शाह ने कानून-व्यवस्था को प्रमुख मुद्दा बनाते हुए कहा कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े हैं और भाजपा सरकार बनने पर सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
केंद्रीय गृह मंत्री ने टीएमसी पर चुनाव के दौरान हिंसा और डराने-धमकाने की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा कार्यकतार्ओं को डराया नहीं जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे राज्य में परिवर्तन की लहर है और जनता इस बार सत्ता परिवर्तन का मन बना चुकी है।
बंगाल चुनाव में इस बार विकास, कानून-व्यवस्था, पहचान और केंद्र-राज्य संबंध जैसे मुद्दे प्रमुख बनकर उभरे हैं। एक ओर ममता बनर्जी अपनी सरकार के कामकाज और क्षेत्रीय अस्मिता को आधार बना रही हैं, वहीं भाजपा नेतृत्व परिवर्तन और मजबूत कानून-व्यवस्था का वादा कर रहा है।
जैसे-जैसे मतदान की तारीखें नजदीक आ रही हैं, चुनावी बयानबाजी और तेज होती जा रही है। अब सबकी नजर आगामी चरणों के मतदान और 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी है, जो यह तय करेंगे कि बंगाल की सत्ता किसके हाथ में जाएगी।
