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Raw Mango Benefits: तेज आंधी और बारिश के बाद अक्सर बागानों में कच्चे आमों का ढेर लग जाता है. किसान और आम लोग अक्सर इन्हें खराब मानकर छोड़ देते हैं या फेंक देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन गिरे हुए कच्चे आमों का सही इस्तेमाल न केवल आपके किचन का स्वाद बढ़ा सकता है, बल्कि यह पर्यावरण और पशुओं के लिए भी बेहद फायदेमंद है? सुल्तानपुर की अनुभवी आम व्यापारी सविता श्रीवास्तव के अनुसार, इन आमों से अचार, अमचूर, चटनी और यहां तक कि जैविक खाद भी तैयार की जा सकती है. आइए जानते हैं कैसे आप इन गिरे हुए आमों को ‘वेस्ट’ से ‘बेस्ट’ बना सकते हैं.

गिरे हुए कच्चे आम से स्वादिष्ट और लाभदायक आम पना बनाया जा सकता है. इसके लिए आम को उबालकर उसका गूदा निकाल लेना चाहिए. फिर उसमें चीनी या गुड़, काला नमक, भुना जीरा और पुदीना मिलाकर शरबत तैयार कर सकते हैं. गर्मी के इस मौसम में यह शरीर को ठंडक देता है और लू से बचाने में मदद करता है. आंधी के बाद पेड़ों से गिरे आम अक्सर जल्दी खराब होने लगते हैं, इसलिए उनका तुरंत उपयोग पना बनाने में किया जा सकता है.

सुल्तानपुर जैसे ग्रामीण जिलों में कच्चे आम को छीलकर उसकी मसालेदार कली बनाई जाती है. इसके लिए सबसे पहले आंधी में गिरे हुए कच्चे आमों के छिलके को निकाल लेना चाहिए और उसके गूदे को भी छिलके की ही तरह छील लेना चाहिए. उसके बाद उसको कुछ दिनों तक धूप में सुखा लें और उसमें मसाले का प्रयोग करके आप उसे बेहतर बना सकते हैं.

आंधी में गिरे हुए आमों का इस्तेमाल जैविक खाद के रूप में किया जा सकता है. जो आम पूरी तरह उपयोग के लायक नहीं बचते, उनसे जैविक खाद बनाई जा सकती है. गिरे हुए आमों को गोबर, सूखे पत्तों और मिट्टी के साथ गड्ढे में डाल देना चाहिए. कुछ समय बाद यह सड़कर अच्छी कंपोस्ट खाद बन जाती है. यह खाद खेतों और बगीचों के लिए बहुत फायदेमंद होती है. रासायनिक खाद की तुलना में जैविक खाद मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में मदद करती है. आंधी में बड़ी मात्रा में गिरे आमों को फेंकने के बजाय खाद बनाना पर्यावरण के लिए भी अच्छा उपाय है.
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गिरे हुए कच्चे आमों को सुखाकर अमचूर तैयार किया जा सकता है. इसके लिए आम को पतले टुकड़ों में काटकर धूप में अच्छी तरह सुखा लें और जब टुकड़े पूरी तरह सूख जाएं तो उसे बारीक पीसकर अमचूर पाउडर बना सकते हैं. यह अमचूर सब्जियों और चाट में खट्टापन देने के लिए उपयोग किया जाता है. बाजार में अमचूर काफी महंगा मिलता है, जबकि घर पर बने अमचूर की गुणवत्ता बेहतर होती है.

आम का व्यापार करने वाली सविता श्रीवास्तव लोकल 18 से बताती हैं कि आंधी में गिरे हुए कच्चे आम का सबसे अच्छा उपयोग अचार बनाने में किया जा सकता है. जिन आमों में अभी जाली नहीं पड़ी है और वे पूरी तरह सड़े नहीं हैं, उन्हें धोकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लेना चाहिए. इसमें नमक, हल्दी, लाल मिर्च, सौंफ, मेथी और सरसों का तेल मिलाकर धूप में रखना चाहिए. कुछ दिनों बाद स्वादिष्ट अचार तैयार हो जाता है. कच्चे आम की कली भी बनाकर कई महीनों तक खाई जा सकती है.

आंधी में गिरे हुए कुछ आम खाने के लायक नहीं रह जाते हैं लेकिन वे पूरी तरह से सड़ते भी नहीं हैं. ऐसे में उनका इस्तेमाल पशुओं के चारे के रूप में किया जा सकता है. गाय, भैंस और बकरियां कच्चे आम के गूदे को आसानी से खा लेती हैं. आम में मौजूद पोषक तत्व पशुओं के लिए ऊर्जा का अच्छा स्रोत बनते हैं. हालांकि, बहुत ज्यादा खट्टे या सड़े आम नहीं देने चाहिए. आम को छोटे टुकड़ों में काटकर भूसे और अन्य चारे के साथ मिलाकर देना बढ़िया रहता है.

यदि आम आधे पके हुए हैं तो उनसे मुरब्बा या मीठे व्यंजन तैयार किए जा सकते हैं. आम को काटकर चीनी की चाशनी में पकाकर स्वादिष्ट मुरब्बा बनता है, जिसे लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है. कुछ लोग गिरे हुए आम से जैम, कैंडी और मीठी चटनी भी बनाते हैं. बच्चों को यह चीजें काफी पसंद आती हैं और घर पर बने उत्पाद बाजार के सामान से ज्यादा शुद्ध माने जाते हैं.

सविता आगे बताती हैं की आंधी में गिरे हुए कच्चे आम टूट भी जाते हैं और फट जाते हैं ऐसे में यदि उनका तत्काल इस्तेमाल न किया जाए तो उसमें सदन भी पैदा हो सकती है. इसलिए आम की चटनी बनाकर इसका उपयोग किया जा सकता है. यदि आम बहुत छोटे या हल्के टूटे हुए हैं तो उनसे खट्टी-मीठी चटनी बनाई जा सकती है. कच्चे आम की चटनी खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ पाचन के लिए भी अच्छी मानी जाती है. इसलिए आम को छीलकर उसमें हरी मिर्च, धनिया, पुदीना, लहसुन और नमक मिलाकर पीस लेना चाहिए.
