पुलिस ने 3 दिन तक खिलाए 10 किलो केले ताकि आरोपी लॉकर की चाबी पॉटी से निकाल दे
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बेंगलुरु में POCSO आरोपी कार्तिक ने थाने की लॉकर चाबी निगल ली, पुलिस ने सर्जरी की जगह 3 दिन में 10 किलो केले खिलाकर चाबी निकलवाई, अब उस पर दूसरी FIR भी दर्ज हुई

बेंगलुरू में अजीबोगरीब मामला, जब पेट से चाबी निकलवाने के लिए आरोपी को केले खिलाए गए.
ये सच्ची कहानी बेंगलुरू की है. पिछले तीन से वहां के एक पुलिस स्टेशन में फिल्मी कहानी चल रही है. एक आरोपी ने पॉक्सो POCSO केस के डर से पुलिस स्टेशन के ही लॉकर की चाबी निगल ली. पुलिस की हालत खराब हो गई. पेट से चाबी निकालने के दो ऑप्शन थे. पहला- सर्जरी. दूसरा- केले. पुलिस ने दूसरा रास्ता चुना. आरोपी के शरीर से चाबी ‘कुदरती’ तरीके से बाहर निकालने के लिए पुलिस ने उसे तीन दिनों तक 10 किलो केले खिलाए. आगे पढ़ें फिर क्या हुआ?
क्यों निगली चाबी?
पकड़ा गया आरोपी कार्तिक उर्फ रामू मूल रूप से बल्लारी का रहने वाला है। उस पर आरोप है कि उसने एक 17 साल की नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया था। 24 अप्रैल को लड़की के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने लोकेशन के आधार पर उसे पकड़ लिया। थाने लाने के बाद जब पुलिस ने उसे डराया कि उस पर ‘पॉक्सो’ (POCSO) जैसी सख्त धाराएं लगेंगी, तो वह बुरी तरह घबरा गया। इसी डर में उसने आव देखा न ताव, पास ही रखी लॉकर की एक चाबी उठाई और उसे गटक गया।
पुलिस के हाथ-पांव फूले: कस्टोडियल डेथ का डर
जैसे ही पुलिस को पता चला कि कार्तिक ने लोहे की चाबी निगल ली है, स्टेशन में अफरातफरी मच गई. पुलिस को सबसे बड़ा डर ‘कस्टोडियल डेथ’ यानी हिरासत में मौत का था. अगर आरोपी की तबीयत बिगड़ती, तो पूरी जिम्मेदारी पुलिस पर आती. इसलिए पुलिस उसे तुरंत एक निजी अस्पताल लेकर पहुंच गई. डॉक्टरों ने सर्जरी के बजाय उसे ‘नेचुरल’ तरीके से चाबी बाहर निकालने की सलाह दी.
3 दिन, 10 किलो केले और कड़ी निगरानी
चाबी बाहर निकालने के लिए पुलिस ने जो रास्ता चुना, वो किसी को भी हैरान कर दे। पुलिसवालों ने तीन दिनों तक अस्पताल में ही डेरा डाल दिया और आरोपी को ‘केला डाइट’ पर रख दिया। चाबी कुदरती तरीके से पेट से बाहर आ जाए, इसके लिए पुलिस उसे सुबह-शाम बस केले ही खिलाती रही। बताया जा रहा है कि तीन दिनों में उसे करीब 10 किलो केले खिलाए गए, ताकि चाबी मल के रास्ते बाहर निकल आए.
आखिरकार, तीन दिनों की मशक्कत और कड़ी निगरानी के बाद आखिरकार चाबी बाहर आ गई. जैसे ही चाबी मिली, पुलिस ने चैन की सांस ली और उसे धोकर वापस लॉकर में लगाया.
अब आरोपी पर चलेगा दोहरा केस
कार्तिक की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं. उस पर पहले से ही नाबालिग को ले जाने का केस चल रहा था, लेकिन अब पुलिस स्टेशन के अंदर जान जोखिम में डालने और ‘आत्महत्या के प्रयास’ जैसी हरकत करने के लिए एक और नई FIR दर्ज की गई है.
सीनियर अधिकारियों की फटकार
भले ही यह मामला सुनने में थोड़ा हास्यास्पद लगे, लेकिन बेंगलुरु पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया है. लॉकर की चाबी आरोपी के हाथ कैसे लगी, इसे पुलिस की बड़ी लापरवाही माना जा रहा है. ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को भविष्य में अधिक सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है.
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