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Tamil Nadu Government Formation Live Updates: तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर सियासी संकट गहरा गया है. TVK प्रमुख विजय बहुमत साबित किए बिना शपथ लेने पर अड़े हैं, जबकि राज्यपाल ने साफ कहा है कि 118 विधायकों का सम…और पढ़ें

तमिलनाडु में सरकार गठन पर संकट गहरा गया. (फाइल फोटो PTI)
Tamil Nadu Government Formation Live News: तमिलनाडु की राजनीति इस समय बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है. चुनाव नतीजे आए चार दिन बीत चुके हैं लेकिन राज्य में सरकार गठन का रास्ता अब भी साफ नहीं हो पाया है. अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी TVK ने पहली बार चुनाव लड़ते हुए 108 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया, लेकिन बहुमत के आंकड़े से कुछ कदम दूर रह गई. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद विजय सरकार बना पाएंगे? या फिर संख्या का खेल उनकी राह रोक देगा? इसी बीच गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने लगातार दूसरी बार विजय को यह कहकर लौटा दिया कि बहुमत साबित किए बिना सरकार बनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती. दूसरी तरफ TVK ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अगर DMK और AIADMK साथ आए तो उनके 107 विधायक इस्तीफा देने तक को तैयार हैं. तमिलनाडु में अब यह सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं रह गई है, बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा और जनादेश की व्याख्या का बड़ा संघर्ष बन चुका है.
विजय की पार्टी का दावा है कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते उन्हें पहले सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए और बहुमत परीक्षण विधानसभा में होना चाहिए. पार्टी के अंदर भी बेचैनी बढ़ती दिख रही है. गुरुवार को TVK विधायकों की अहम बैठक हुई, जिसमें कई विधायकों ने पूछा कि आखिर सरकार गठन में देरी क्यों हो रही है. पार्टी महासचिव ‘बुस्सी’ एन आनंद ने विधायकों से धैर्य रखने को कहा और भरोसा दिलाया कि विजय लगातार प्रयास कर रहे हैं. लेकिन दूसरी ओर राज्यपाल का रुख साफ है कि 118 विधायकों का समर्थन दिखाए बिना सरकार गठन संभव नहीं होगा. कांग्रेस के समर्थन के बावजूद TVK का आंकड़ा 113 तक ही पहुंच रहा है. ऐसे में तमिलनाडु की राजनीति में अब जोड़-तोड़, रणनीति और संभावित गठबंधन की चर्चाएं तेज हो गई हैं.
बहुमत के आंकड़े में फंसी विजय की राह
TVK ने चुनाव में 108 सीटें जीतकर ऐतिहासिक प्रदर्शन किया. लेकिन चुनाव आयोग के नियम के मुताबिक विजय को अपनी दो सीटों में से एक छोड़नी होगी. ऐसे में पार्टी की संख्या घटकर 107 रह जाएगी. कांग्रेस के समर्थन के बाद भी आंकड़ा 113 तक ही पहुंच पा रहा है, जबकि सरकार बनाने के लिए 118 सीटें जरूरी हैं. यही वजह है कि गवर्नर ने विजय से साफ कहा कि सिर्फ सबसे बड़ी पार्टी होना काफी नहीं है. सरकार बनाने के लिए स्पष्ट बहुमत जरूरी है. लगातार दूसरी बार विजय को बिना मंजूरी लौटाए जाने के बाद TVK समर्थकों में नाराजगी बढ़ गई है. TVK नेताओं का कहना है कि राज्यपाल को विजय को शपथ दिलानी चाहिए और बहुमत साबित करने का मौका विधानसभा में देना चाहिए. पार्टी का तर्क है कि लोकतंत्र में अंतिम फैसला सदन के फ्लोर पर होना चाहिए, न कि राजभवन में.
दूसरी तरफ DMK और AIADMK की गतिविधियों पर भी सबकी नजर है. TVK ने बड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए कहा है कि अगर दोनों दल मिलकर सरकार बनाने की कोशिश करते हैं, तो उनके सभी 107 विधायक इस्तीफा देने को तैयार हैं. इससे साफ है कि पार्टी किसी भी कीमत पर विपक्षी दलों के गठजोड़ को स्वीकार करने के मूड में नहीं है.
विजय लगातार कर रहे कोशिश
सूत्रों के मुताबिक विजय लगातार दूसरे दलों और निर्दलीय विधायकों से संपर्क में हैं. पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि कुछ और समर्थन मिलने पर सरकार गठन का रास्ता साफ हो सकता है. TVK की रणनीति फिलहाल राजनीतिक दबाव बनाने की भी दिखाई दे रही है. राजनीतिक जानकार मानते हैं कि तमिलनाडु की राजनीति अब बेहद संवेदनशील दौर में पहुंच चुकी है. अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो राज्य में संवैधानिक संकट जैसी स्थिति भी बन सकती है.
