भर्ती घोटाले में ED का शिकंजा, बंगाल के पूर्व मंत्री रथिन घोष से घंटों पूछताछ
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नगर पालिका की भर्ती में बहुत बड़ा भ्रष्टाचार हुआ था. 2014 से 2018 के बीच सफाईकर्मी और क्लर्क की नौकरी बंटी थी. ओएमआर शीट में छेड़छाड़ करके अयोग्य लोगों को नौकरी दी गई. इस घोटाले में 3 करोड़ से ज्यादा जब्त हुए हैं. एजुकेशन घोटाले से भी इसका लिंक मिला है.
रथिन घोष से नगर पालिका भर्ती घोटाले में ईडी ने पूछताछ की. (फाइल फोटो)
कोलकाता. पश्चिम बंगाल के पूर्व खाद्य मंत्री रथिन घोष से नगर निकाय भर्ती घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ शुक्रवार को खत्म हो गई. अगले 10 दिन बाद फिर उन्हें पूछताछ में शामिल होने के लिए ईडी ने बुलाया है. घोष सुबह करीब 10 बजे सॉल्ट लेक इलाके में सीजीओ कॉम्प्लेक्स में स्थित ईडी कार्यालय पहुंचे और कहा कि उन्हें यह नहीं पता कि उन्हें किस कारण से बुलाया गया है. इस घोटाले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व मंत्री सुजीत बोस की हाल ही में गिरफ्तारी हुई थी.
इसी विधानसभा चुनाव में रथिन घोष ने मध्यमग्राम से जीत हासिल की थी. ईडी ने इस मामले में रथिन घोष और सुजीत बोस के ठिकानों पर कई बार रेड की थी. चुनाव के दौरान केंद्रीय एजेंसी ने उन्हें पांच बार समन भेजा था, लेकिन वह राजनीतिक व्यस्तताओं और चुनाव प्रचार संबंधी कार्यक्रमों का हवाला देते हुए पेश नहीं हुए थे.
क्या है घोटाला
आरोप है कि 2014 से 2018 के बीच पश्चिम बंगाल की विभिन्न नगर पालिकाओं में सफाईकर्मी, क्लर्क, ड्राइवर और अन्य ग्रुप-डी के पदों पर नियुक्तियों के लिए ओएमआर (OMR) शीट में हेरफेर की गई और रिश्वत लेकर अयोग्य उम्मीदवारों को नौकरी दी गई.
रथिन घोष पर क्या हैं आरोप
घोष उत्तर 24 परगना राज्य के मध्यग्राम नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष हैं और उन पर अयोग्य उम्मीदवारों को रिश्वत के बदले भर्ती कराने के घोटाले में संलिप्त होने का आरोप है. ईडी के सूत्रों के अनुसार, घोष का नाम तब सामने आया जब उसने राज्य की विभिन्न नगरपालिकाओं द्वारा भर्ती प्रक्रिया संचालित करने के लिए नियुक्त एक एजेंसी से आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए, जिनसे 2014 और 2018 के दौरान मध्यग्राम नगरपालिका में भर्ती प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण अनियमितताओं का खुलासा हुआ.
पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी
मई 2026 में, ईडी ने इस मामले में टीएमसी नेता और पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत बोस को गिरफ्तार किया है. उन पर साउथ दमदम नगर पालिका में 150 उम्मीदवारों की अवैध सिफारिश करने और बदले में पैसे व फ्लैट लेने का आरोप है.
अन्य आरोपी
इस घोटाले में एक बिचौलिया आयन सील का नाम भी सामने आया है, जिसकी कंपनी को नगर पालिकाओं में भर्ती प्रक्रिया का जिम्मा दिया गया था. पूर्व खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रथिन घोष भी ईडी के रडार पर हैं.
जांच का दायरा
ईडी ने दावा किया है कि इस घोटाले में 3 करोड़ रुपये से अधिक की जब्ती की गई है और यह घोटाला शिक्षा भर्ती घोटाले से जुड़ा हुआ है.
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डेढ़ दशक से ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय, आनंद तिवारी ने इंदौर, मध्यप्रदेश के देवी अहिल्याबाई विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की. वहीं से फ्रीलांसर के तौर पर दैनिक भास्कर से जुड़ गए. दिल्ली की पत्र…और पढ़ें
