होर्मुज को चीर कर हुए भारत पहुंची खुशखबरी, अब LPG-LNG की टेंशन खत्म!
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Indian Ship Crossed Strait Of Hormuz: पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव और युद्ध के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है. कतर से 20,000 मीट्रिक टन एलपीजी (LPG) लेकर चला जहाज ‘एमवी एसवाईएमआई’ होर्मुज स्ट्रेट से गुजरात के कांडला (दीनदयाल बंदरगाह) पहुंच गया है. इन दिनों इस समुद्री रास्ते पर लगातार व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है. संकट के बीच देश की ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखना एक बड़ी कामयाबी है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से पार कर आया एलपीजी गैस.
Strait Of Hormuz News: पश्चिम एशिया में इस वक्त हालात बेहद नाजुक और तनावपूर्ण बने हुए हैं. अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे कड़े संघर्ष ने पूरे क्षेत्र को युद्ध की आग में झोंक दिया है. इसी बीच, भारत के लिए एक बेहद सुकून देने वाली खबर आई है. मिसाइलों और हमलों के भारी खौफ के बीच 20,000 मीट्रिक टन एलपीजी (LPG) लेकर चला एक विशाल जहाज गुजरात के तट पर सुरक्षित पहुंच गया है. अधिकारियों के मुताबिक, यह जहाज दुनिया के सबसे खतरनाक हो चुके समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने में कामयाब रहा है.
अधिकारियों ने जानकारी दी है कि मार्शल द्वीप समूह के झंडे वाला यह जहाज, जिसका नाम एमवी एसवाईएमआई है, कतर से अपनी यात्रा पर निकला था. 13 मई को इसने सफलतापूर्वक होर्मुज स्ट्रेट को पार किया. शनिवार रात करीब 11:30 बजे गुजरात स्थित दीनदयाल बंदरगाह (कांडला) पर अपना लंगर डाला. बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट ओमान के तट के पास स्थित एक बेहद संकरा और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण जलमार्ग है. सामान्य दिनों में पूरी दुनिया के कुल तेल और गैस निर्यात का लगभग 20 प्रतिशत (एक-पांचवां) हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है.
युद्ध से गहराया ऊर्जा संकट
मार्च की शुरुआत से लेकर अब तक 12 एलपीजी टैंकरों और एक कच्चे तेल के टैंकर सहित कुल 13 भारतीय ध्वज वाले जहाज इस स्ट्रेट से गुजर चुके हैं. 28 फरवरी को पश्चिम एशिया में जब से संघर्ष शुरू हुआ है, तब से इस संकरे जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है. अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों और उसके बाद ईरान के जवाबी हमलों ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है. इस भू-राजनीतिक टकराव ने हाल के दशकों में दुनिया के सबसे भीषण ऊर्जा संकटों में से एक को जन्म दे दिया है.
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में दिखाई सख्ती
कमर्शियल जहाजों पर हो रहे इन जानलेवा हमलों को लेकर भारत ने वैश्विक मंच पर बेहद सख्त रुख अपनाया है. भारत ने वैश्विक ऊर्जा और आपूर्ति प्रवाह की सुरक्षा को लेकर संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद की विशेष बैठक में अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथानेनी हरीश ने इन हमलों को सीधे तौर पर ‘अस्वीकार्य’ करार दिया. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नागरिक चालक दल (क्रू मेंबर्स) को निशाना बनाना और नौवहन (समुद्री यातायात) की स्वतंत्रता को बाधित करना किसी भी आधार पर उचित नहीं ठहराया जा सकता है.
ओमान के तट पर भी हुआ था हमला
संयुक्त राष्ट्र में भारत की यह कड़ी प्रतिक्रिया 13 मई को ओमान के तट पर भारतीय ध्वज वाले एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले के ठीक बाद आई है. सोमालिया से आ रहे इस जहाज के सभी 14 चालक दल के सदस्यों को ओमान के अधिकारियों ने सुरक्षित बचा लिया था, हालांकि इस हमले के पीछे किसका हाथ था, यह तुरंत साफ नहीं हो सका. इससे पहले भी इस साल की शुरुआत में क्षेत्र में संघर्ष बढ़ने के बाद से कम से कम दो अन्य भारतीय ध्वज वाले जहाजों को निशाना बनाया जा चुका है. ऐसे में ‘एमवी एसवाईएमआई’ का सुरक्षित भारत पहुंचना एक बड़ी राहत माना जा रहा है.
कतर से 20,000 टन एलपीजी लेकर कौन सा जहाज भारत पहुंचा है?
मार्शल द्वीप समूह के ध्वज वाला मालवाहक जहाज ‘एमवी एसवाईएमआई’ (MV SYMI) कतर से 20,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर गुजरात के दीनदयाल बंदरगाह (कांडला) पहुंचा है.
पश्चिम एशिया संकट के कारण किस प्रमुख समुद्री जलमार्ग पर जहाजों की आवाजाही सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है?
ओमान के तट के पास स्थित ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) पर जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है, जहां से दुनिया के 20 प्रतिशत तेल और गैस का निर्यात होता है.
व्यापारिक जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर संयुक्त राष्ट्र में भारत ने क्या कड़ा संदेश दिया है?
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथानेनी हरीश ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें ‘अस्वीकार्य’ बताया और कहा कि नागरिक चालक दल को निशाना बनाना कतई उचित नहीं है.
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