शाहरुख खान, ऐश्वर्या राय और माधुरी दीक्षित स्टारर फिल्म ‘देवदास’ को कई लोग बॉलीवुड की बेहतरीन फिल्मों में से एक मानते हैं. 2002 में आई इस रोमांटिक ड्रामा फिल्म ने न सिर्फ घरेलू दर्शकों का ध्यान खींचा, बल्कि विदेशों में भी इसे खूब पसंद किया गया. दर्शकों ने फिल्म में कलाकारों की एक्टिंग, सेट, संगीत और रोमांस की गहराई की जमकर तारीफ की. हालांकि, पाकिस्तानी एक्ट्रेस दनानीर मोबीन की राय कुछ अलग है; उन्होंने इस फिल्म को ‘ओवररेटेड’ (जितनी तारीफ मिली, उससे कहीं ज्यादा) बताया है.
दनानीर ने क्या कहा?
‘मैशन’ के साथ एक बातचीत में, जब दनानीर से किसी ऐसी क्लासिक फिल्म का नाम पूछा गया जिसे वह ‘ओवररेटेड’ मानती हैं, तो उन्होंने ‘देवदास’ का नाम लिया. उन्होंने कहा, ‘इसकी कहानी क्या है? एक शराबी है, एक ऐसी औरत है जिसकी कोई सेल्फ-रिस्पेक्ट (आत्म-सम्मान) नहीं है, एक ऐसा पिता है जो (बीप साउंड) जैसा है, और एक दूसरी औरत है जिसे उस आदमी पर थोपा जाता है… आखिर यह सब क्या हो रहा है? और इसे क्लासिक क्यों माना जाता है? हर कोई इसकी इतनी तारीफ क्यों कर रहा है? मुझे इसके सेट, भव्यता और पहनावे तो समझ आते हैं, लेकिन इसकी कहानी? हम शराबखोरी को इतना ‘ग्लैमराइज़’ (आकर्षक बनाकर पेश) क्यों कर रहे हैं?’
एक्ट्रेस की जमकर हुई ट्रोलिंग
‘देवदास’ की आलोचना करते हुए दनानीर का यह वीडियो क्लिप इंस्टाग्राम पर वायरल हो गया, जहां यूज़र्स उनकी राय सुनकर हैरान रह गए. एक यूजर ने कमेंट किया, ‘एक टिक टॉकर हमेशा एक टिक टॉकर ही रहता है.’ वहीं एक यूजर ने लिखा, ‘कोई उसे बताए कि यह एक क्लासिक इसलिए है, क्योंकि यह एक बेहतरीन ढंग से लिखा गया उपन्यास है—सिर्फ फिल्मों की वजह से नहीं.’ वहीं एक यूजर ने कमेंट किया, ‘यह तब होता है जब आप एक वायरल मीम से एक्टर बन जाते हैं…सिनेमा का ज़ीरो परसेंट समझ है इन लोगों में और यह एक्ट्रेस कहलाती है.’
एक अन्य यूज़र ने कहा, ‘क्या तुमने कभी शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के बारे में सुना है???? जाहिर है… नहीं, तो अपना मुंह बंद ही रखो.’ एक और कमेंट में लिखा था, ‘अगर इस फिल्म ने सच में शराबखोरी को ‘ग्लैमराइज़’ किया होता, तो ‘देवदास’ खुशी-खुशी अपनी जिंदगी बिता रहा होता और अंत में ‘पारो’ के साथ मिल जाता—जैसे कि कुछ हुआ ही न हो.’
बता दें कि ‘देवदास’ शरत चंद्र के उपन्यास पर आधारित संजय लीला भंसाली की एक फिल्म थी, जिसमें शाहरुख ने मुख्य भूमिका निभाई थी. उस समय की सबसे महंगी भारतीय फिल्म, इसका प्रीमियर कान्स फिल्म फेस्टिवल में हुआ था और यह बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफल रही थी. इस फिल्म के भव्य सेट्स, म्यूजिक और कलाकारों की एक्टिंग के लिए काफी तारीफ हुई थी. इसे आज भी भंसाली की बेहतरीन फिल्मों में से एक माना जाता है.
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