ऐसी क्रूरता:युवती को 6 टुकड़ों में काटा, 5 ट्रेन में मिले, सिर गायब; बक्से में धड़ और हाथ-पैर पॉलिथीन में पैक – Young Woman Cut Into Six Pieces Five Found In Train Head Missing Body Found Inside Box In Coach At Lucknow
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी की राजधानी लखनऊ में एक युवती की बड़ी बेरहमी से हत्या कर शव को छह टुकड़ों में काटने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हत्यारों ने उसके सिर कटे धड़ को बक्से में और हाथ व पैर को पॉलिथीन में पैक कर बैग में रखकर छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस की स्लीपर बोगी में छोड़ दिया।
रविवार सुबह ट्रेन लखनऊ के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पहुंची तो मामले का खुलासा हुआ। शव के पांच टुकड़े बरामद हुए, लेकिन सिर गायब है। जीआरपी के अनुसार, ट्रेन गोमतीनगर स्टेशन पहुंची, तो स्लीपर कोच एस-1 में लावारिस बक्सा और बैग पड़े होने की सूचना मिली।
2 of 8
बक्से में मिला युवती का धड़
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बक्सा खोला गया, तो उसमें 25-30 वर्ष की आयु की महिला का धड़ मिला, जिससे लोग सन्न रह गए। पास रखे बैग से पॉलीथीन में पैक हाथ-पैर बरामद हुए। जांच के लिए तत्काल फोरेंसिक टीम बुलाई गई।
3 of 8
बक्से खोलता युवक
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसीपी रेलवे रोहित मिश्र ने बताया कि मामला दर्ज कर तीन टीमों को हत्याकांड के खुलासे की जिम्मेदारी सौंपी गई है। युवती की पहचान नहीं हो सकी है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। बोगी में आरक्षित टिकट वाले यात्रियों का ब्योरा लिया गया है। हालांकि, सामान्य टिकट वाले भी उसमें सवार थे। इससे जांच में दिक्कत हो सकती है।
4 of 8
बक्से में मिला युवती का धड़, बैग में पैक मिले हाथ-पैर
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
20 स्टेशनों के खंगाले जाएंगे सीसीटीवी
छपरा-गोमतीनगर ट्रेन 20 स्टेशनों से गुजरती है और 12 घंटे में सफर पूरा करती है। रूट के स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर यह पता लगाया जा रहा है कि बक्सा लेकर बोगी में कौन सवार हुआ था।
5 of 8
बक्से खोलते हुए युवक
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शव के टुकड़े ऐसे पैक थे, खून के धब्बे बाहर न आ सकें
युवती के शव को बेहद धारदार हथियार या इलेक्ट्रॉनिक कटर से काटे जाने की आशंका है। युवती के शव पर किसी अन्य प्रकार की चोट के निशान नहीं मिले हैं। हत्यारों ने बेहद शातिराना तरीके से शव को बक्से और बैग में भरकर ट्रेन में इस तरह रखा कि किसी को भी भनक नहीं लगी। शव ऐसे पैक किया गया था कि खून के धब्बे बाहर नहीं आएं।