Mon. May 18th, 2026

NEET Paper Leak: कोचिंग हब में चल रहा था नीट पेपर लीक का खेल? डॉक्टर और टीचर्स पर कस रहा शिकंजा

NEET Paper Leak Latur 2026 05 93f3c837e968dbfd9d230ccecd070869

नई दिल्ली (NEET Paper Leak Latur CBI Investigation). नीट यूजी 2026 परीक्षा को लेकर विवादों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. पेपर लीक और धांधली के आरोपों के बीच अब CBI ने अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है. ताजा घटनाक्रम में जांच की आंच महाराष्ट्र के लातूर तक जा पहुंची है, जहां सीबीआई ने एक बड़े कोचिंग सेंटर और कुछ रसूखदार डॉक्टरों को अपने रडार पर लिया है. जांच एजेंसी को पुख्ता सबूत मिले हैं कि इस पूरे नेटवर्क के तार न सिर्फ स्थानीय स्तर पर, बल्कि देश के अन्य राज्यों से भी जुड़े हुए हैं. इस नई कार्रवाई ने लाखों परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों की टेंशन बढ़ा दी है.

सीबीआई की जांच अब उस ‘सिंडिकेट’ को बेनकाब करने के करीब है, जो मेडिकल प्रवेश परीक्षा की पवित्रता से खिलवाड़ कर रहा है. लातूर, जो अपने बेहतरीन कोचिंग कल्चर के लिए जाना जाता है, वहां के एक प्रसिद्ध डॉक्टर और कोचिंग संचालक पर शक की सुई घूमने से कई चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है. जांच टीम ने छापेमारी के दौरान डिजिटल दस्तावेज और कई संदिग्ध मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनसे नीट पेपर लीक के समय की संदिग्ध लोकेशन और संपर्कों का पता चल रहा है. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, साफ होता जा रहा है कि यह मामला सिर्फ एक केंद्र तक सीमित नहीं है.

नीट पेपर लीक: लातूर में सीबीआई का बड़ा एक्शन

नीट यूजी 2026 के पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई ने अब अपना पूरा ध्यान महाराष्ट्र के लातूर जिले पर केंद्रित कर दिया है. लातूर हमेशा से ही शिक्षा का हब रहा है, लेकिन अब यह एक बड़े घोटाले के केंद्र के रूप में उभर रहा है. सीबीआई की टीम ने यहां के कुछ प्रमुख ठिकानों पर दबिश दी है, जिसमें एक हाई-प्रोफाइल कोचिंग सेंटर और उससे जुड़े लोगों के आवास शामिल हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में कुछ स्थानीय डॉक्टरों की भूमिका बेहद संदिग्ध पाई गई है, जो कथित तौर पर छात्रों और पेपर लीक करने वाले गिरोह के बीच ‘सेतु’ का काम कर रहे थे.

रडार पर डॉक्टर और कोचिंग सेंटर संचालक

सीबीआई को शुरुआती जांच में पता चला है कि लातूर के एक नामी डॉक्टर का संबंध उस बड़े गिरोह से है, जो बिहार और उत्तर प्रदेश में पहले से ही एक्टिव था. शक है कि इन डॉक्टरों ने न केवल स्टूडेंट्स को पेपर उपलब्ध कराने में मदद की, बल्कि मोटी रकम के बदले परीक्षा के दौरान ‘सॉल्वर’ गैंग का इंतजाम करने में भी भूमिका निभाई. सीबीआई अब उन संदिग्ध लेन-देन की पड़ताल कर रही है, जो परीक्षा से ठीक कुछ दिन पहले इन संदिग्धों के खातों में देखे गए थे. कोचिंग संचालकों से भी लंबी पूछताछ की जा रही है जिससे पता लगाया जा सके कि लीक हुआ पेपर कितने छात्रों तक पहुंचा था.

क्या है ‘लातूर कनेक्शन’ और जांच का अगला कदम?

सीबीआई की जांच का ‘लातूर कनेक्शन’ तब सामने आया जब गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपियों के मोबाइल डेटा से लातूर के मोबाइल टावरों की लोकेशन मिली. इससे स्पष्ट हो गया कि नीट पेपर लीक के मास्टरमाइंड परीक्षा से पहले लातूर में सक्रिय थे. सीबीआई अब उन सभी स्टूडेंट्स की लिस्ट तैयार कर रही है, जो इन संदिग्ध कोचिंग सेंटरों या डॉक्टरों के संपर्क में थे. आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं, जिससे इस पूरे नेक्सस की कमर टूट सकती है. शिक्षा मंत्रालय भी सीबीआई की हर रिपोर्ट पर बारीकी से नजर रख रहा है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.

स्टूडेंट्स और अभिभावकों में बढ़ता गुस्सा

इस पूरे विवाद ने मेडिकल एस्पिरेंट्स के भविष्य पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है. लातूर जैसी जगहों पर जहां स्टूडेंट्स दिन-रात मेहनत करते हैं, वहां पेपर लीक की खबरों ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया है. अभिभावकों की मांग है कि जो भी रसूखदार लोग इस धांधली में शामिल हैं, उन पर कठोर कार्रवाई हो और नीट यूजी परीक्षा की पूरी प्रक्रिया को फिर से पारदर्शी बनाया जाए. सीबीआई की सक्रियता उम्मीद की किरण जरूर है, लेकिन देखना होगा कि असली गुनहगारों तक कानून के हाथ कितनी जल्दी पहुंचते हैं.

By uttu

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *