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SBI Strike : देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई के कर्मचारियों ने अगले सप्ताह की शुरुआत से हड़ताल पर जाने का फैसला कर लिया है. कर्मचारी संगठन का कहना है कि उनकी ओर से चेयरमैन को 16 मांगों वाला पत्र पहले ही सौंपा जा चुका है, जिस पर अभी तक कोई सुनवाई नहीं की गई है.
एसबीआई के कर्मचारियों ने 2 दिन की हड़ताल करने का ऐलान किया है.
नई दिल्ली. अगर आपका भी खाता देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई में है तो सारा काम आज ही निपटा लीजिए. अगले हफ्ते की शुरुआत से बैंक के कर्मचारी 2 दिनों की हड़ताल पर जाने वाले हैं. इसके अगले दिन त्योहार की वजह से अवकाश रहेगा और हड़ताल से पहले शनिवार और रविवार पड़ते हैं तो इन दिनों में भी बैंक बंद ही रहेंगे. इसका मतलब है कि आपके पास सिर्फ आज यानी शुक्रवार का समय है. इसके बाद अगले 5 दिनों तक एसबीआई बैंक में कोई कामकाज नहीं होगा.
दरअसल, भारतीय स्टेट बैंक के कर्मचारियों ने पर्याप्त कर्मियों की नियुक्ति सहित विभिन्न मांगों को लेकर 25 मई से दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है. एसबीआई के कर्मचारी यह हड़ताल अखिल भारतीय स्टेट बैंक कर्मचारी महासंघ (एआईएसबीआईएसएफ) के तहत करेंगे. यदि हड़ताल होती है, तो इससे भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बैंकिंग कार्यों पर 5 दिनों तक असर पड़ेगा, क्योंकि हड़ताल की तारीख से पहले चौथा शनिवार और रविवार पड़ रहा है. हड़ताल समाप्त होने के अगले दिन 27 मई को ईद अल-अजहा के कारण कई राज्यों में छुट्टी रहेगी.
क्या है एसबीआई कर्मचारियों की डिमांड
कर्मचारी महासंघ ने बताया है कि एसबीआई कर्मचारियों की मांगों में संदेशवाहकों, सशस्त्र गार्डों की नियुक्ति और एनपीएस कर्मचारियों के लिए पेंशन कोष प्रबंधक बदलने के विकल्प की मांग भी शामिल है. कर्मचारियों ने यह भी मांग की कि बैंक स्थायी नौकरियों की आउटसोर्सिंग बंद करे, क्योंकि इससे आंकड़ों की चोरी, दुरुपयोग और धोखाधड़ी का सीधा खतरा पैदा होता है. इससे ग्राहकों का विश्वास खतरे में पड़ता है और बैंक को गंभीर प्रतिष्ठा और कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ सकता है.
बोर्ड में भी बदलाव की डिमांड
एसबीआई कर्मचारियों की एक अन्य डिमांड बोर्ड में कर्मचारी निदेशक की नियुक्ति से संबंधित है. मुख्य श्रम आयुक्त कार्यालय 23 मई को कर्मचारी संगठन और प्रबंधन के साथ एक सुलह बैठक आयोजित करने वाला है, ताकि हड़ताल से बचने के लिए आम सहमति पर पहुंचा जा सके. हालांकि, इस हड़ताल को काफी पहले ही प्रस्तावित किया गया था और इसका मकसद बैंकों के कामकाज को बेहतर बनाने के साथ ग्राहकों का भरोसा बढ़ाना भी है.
संगठन ने लिखा था चेयरमैन को पत्र
कर्मचारियों के संगठन ने इस महीने की शुरुआत में ही एसबीआई चेयरमैन को पत्र लिखकर अपनी डिमांड रखी थी. पत्र में कुल 16 मांगों पर विचार करने के लिए कहा गया था. संगठन ने कहा था कि कर्मचारियों के अधिकारों को नजरअंदाज किया जा रहा है और सालों की मेहनत से मिले सुरक्षा अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है. संगठन ने आरोप लगाया कि बैंक का प्रबंधन समझौतों को सही तरीके से लागू नहीं कर रहा है और कर्मचारियों की आवाज को दबाया जा रहा है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
