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1868 से शुरू हुई घुड़सवारी, मलकपेट रेस ट्रैक ऐसे बना शाही खेलों का केंद्र, शाही परंपरा की दिखती है झलक

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1868 से शुरू हुई घुड़सवारी, मलकपेट रेस ट्रैक ऐसे बना शाही खेलों का केंद्र

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1868 से शुरू हुई घुड़सवारी, मलकपेट रेस ट्रैक ऐसे बना शाही खेलों का केंद्र

 

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Deccan Derby Race Hyderabad: हैदराबाद का मलकपेट रेस कोर्स भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित हॉर्स रेसिंग ट्रैक्स में से एक माना जाता है, जिसका इतिहास शाही निजाम काल से जुड़ा है. जानकारी के अनुसार, यहां घुड़सवारी की शुरुआत 1868 में मौला-अली क्षेत्र से हुई थी, जब छठे निजाम मीर महबूब अली खान के संरक्षण में रेसिंग को शाही पहचान मिली. बाद में 1886 में इसे मलकपेट स्थानांतरित किया गया. लगभग 1.5 मील लंबे इस ट्रैक की खासियत इसका तीखा दाहिना मोड़ है, जो रेस को और रोमांचक बनाता है. यहां स्थित ग्रैंड पैविलियन भी ऐतिहासिक धरोहर माना जाता है. वर्तमान में हैदराबाद रेस क्लब द्वारा इसका संचालन किया जाता है और यहां निजाम्स गोल्ड कप व प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया गोल्ड कप जैसे बड़े आयोजन होते हैं. हर साल 2 अक्टूबर को होने वाली डेक्कन डर्बी इसकी सबसे बड़ी रेस मानी जाती है.

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By uttu

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