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NTA NEET UG Question Paper Setting Process: इंटरनेट से कटा कंप्यूटर और CCTV का पहरा, खुफिया ठिकानों पर रखे जाते हैं नीट सब्जेक्ट एक्सपर्ट

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NTA NEET UG Question Paper Setting Process: इंटरनेट से कटे कंप्यूटर, सीसीटीवी की निगरानी और खुफिया ठिकानों पर बैठे एक्सपर्ट्स! जानिए एनटीए परीक्षाओं के पेपर कैसे सेट करता है और इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद कहां चूक होने से नीट यूजी पेपर लीक हो गया.

इंटरनेट से कटा कंप्यूटर और CCTV का पहरा, खुफिया जगहों पर रखे जाते हैं एक्सपर्टZoom

NEET UG Paper Setting Process: नीट यूजी पेपर सेट करने वाले एक्सपर्ट्स को खुफिया कमरे में रखा जाता है

नई दिल्ली (NEET UG Paper Setting Process). मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 के रद्द होने के बाद हर किसी के मन में बस एक ही सवाल है- देश की सबसे बड़ी टेस्ट एजेंसी एनटीए के सुरक्षा चक्र को शिक्षा माफिया ने कैसे भेद दिया? नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का पेपर सेटिंग प्रोसेस इतना खुफिया और सख्त होता है कि इसकी कल्पना करना भी मुश्किल है. लेकिन इस बार जो हुआ, उसने NTA के अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है. उन्होंने साफ तौर पर माना है कि यह किसी बाहरी सिस्टम की विफलता नहीं, बल्कि उनके अपने ही सिस्टम के अंदर बैठे भरोसेमंद लोगों का ‘विश्वासघात’ है.

नीट यूजी पेपर लीक संकट के बीच, एनटीए ने उम्मीदवारों के हितों की रक्षा के लिए कई बड़े और ऐतिहासिक फैसलों का ऐलान किया है. 21 जून को होने जा रहे Re-NEET के लिए कोई नई फीस नहीं देनी होगी, बल्कि पुरानी फीस भी रिफंड की जा रही है. इसके साथ ही, लगभग 3 लाख उम्मीदवारों की मांग पर उन्हें उनकी पहली पसंद का एग्जाम सेंटर देने की पूरी कोशिश की जा रही है. एनटीए ने सुरक्षा प्रोटोकॉल को दोबारा रिव्यू किया है, जिससे आगामी परीक्षाओं को पूरी तरह फुलप्रूफ बनाया जा सके. जानिए एनटीए नीट यूजी का पेपर कैसे बनता है और कहां पर चूक की बड़ी गुंजाइश रह गई.

नीट का सीक्रेट पेपर कैसे बनता है?

एनटीए ने नीट यूजी पेपर सेटिंग प्रोसेस को 5 बेहद सख्त और खुफिया चरणों में बांटा हुआ है, जिन्हें आप नीचे समझ सकते हैं:

  • स्टेप 1 (एक्सपर्ट्स की गोपनीयता): सबसे पहले फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के देशभर के टॉप सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स को बुलाया जाता है. इनकी पहचान इतनी गुप्त होती है कि खुद एजेंसी में भी गिने-चुने लोगों को ही पता होता है. इन्हें ऐसी सीक्रेट जगह (आइसोलेशन) पर रखा जाता है, जहां से वे बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट जाते हैं.
  • स्टेप 2 (नो-इंटरनेट कंप्यूटर): नीट यूजी प्रश्न पत्र तैयार होने के बाद उसकी डिजिटल फाइल को एनटीए कैंपस के एक ऐसे कंप्यूटर (टर्मिनल) पर रखा जाता है, जिसमें इंटरनेट कनेक्शन ही नहीं होता. यहां सख्त डिजिटल लॉग मेंटेन होता है कि किस व्यक्ति ने, किस समय और कितनी बार उस फाइल को एक्सेस किया.
  • स्टेप 3 (प्रिंटिंग पहरा): इस सुरक्षित कंप्यूटर से कॉपियों को छपने के लिए डेटा को सीधे प्रिंटिंग प्रेस भेजा जाता है. अगर एक से ज्यादा प्रेस का इस्तेमाल हो रहा है तो एनटीए हर प्रेस पर अपना एक स्पेशल पर्यवेक्षक (Supervisor) तैनात करता है. छपाई के दौरान उस सुपरवाइजर का मोबाइल भी स्विच ऑफ रहता है और पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की लाइव निगरानी में होती है.
  • स्टेप 4 (बैंक के सुरक्षित लॉकर): छपाई पूरी होने के बाद भारी सुरक्षा के बीच नीट यूजी परीक्षा के प्रश्न पत्रों को सीधे बैंक के ‘सिक्योर लॉकर’ में सील कर दिया जाता है, जिससे परीक्षा के दिन से पहले कोई इन तक न पहुंच सके.
  • स्टेप 5 (जीपीएस गाड़ियां और पुलिस सुरक्षा): नीट यूजी परीक्षा के दिन इन प्रश्न पत्रों को पुलिस सुरक्षा में, जीपीएस (GPS) ट्रैकिंग से लैस विशेष वाहनों के जरिए सीधे एग्जाम सेंटर्स तक पहुंचाया जाता है. इस मूवमेंट में जिला प्रशासन के आला अधिकारी भी शामिल होते हैं.

अपनों का विश्वासघात और ‘ट्रांसलेटर’ का पेच

अब सवाल उठता है कि इतने अभेद्य सुरक्षा चक्र के बावजूद नीट पेपर लीक कैसे हो गया? दैनिक भास्कर में छपी रिपोर्ट के अनुसार, एनटीए से जुड़े एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर स्पष्ट किया कि गड़बड़ी परीक्षा केंद्र या ट्रांसपोर्टेशन (रास्ते) के तंत्र से नहीं हुई है, बल्कि उससे पहले ही हो गई थी. उन्होंने कहा, ‘जिन्होंने इस बार गड़बड़ी की, वे सालों से हमारे साथ काम कर रहे थे. दिक्कत यही होती है कि जब आपके सबसे विश्वासी लोग ही आपके साथ विश्वासघात कर दें तो उससे बुरी बात नहीं हो सकती.’

जांच में सामने आया है कि क्षेत्रीय भाषाओं में पेपर अनुवाद करने वाले ‘ट्रांसलेटर’ के स्तर पर बड़ी चूक हुई है. चूंकि पेपर सेट करने वाले और अनुवाद करने वाले टीचर्स के पास सिस्टम और सवालों का एक्सेस होता है, ऐसे में अगर वे कमरे से बाहर आकर याददाश्त के आधार पर भी सवालों को लिख लें तो उसे रोकना बेहद चैलेंजिंग हो जाता है. शुरुआती जांच के मुताबिक, इस लीक का सबसे ज्यादा असर केमिस्ट्री के पेपर पर पड़ा है, जबकि बायोलॉजी पर इसका असर कम रहा है.

उम्मीदवारों के लिए बड़ी राहत

एनटीए ने स्वीकारा है कि जिम्मेदारी उनकी ही है और इसी वजह से उन्होंने बिना किसी झिझक के नीट यूजी परीक्षा रद्द करने का कड़ा फैसला लिया. आगामी 21 जून की नीट यूजी री परीक्षा को लेकर एनटीए ने सुरक्षा के कई ऐसे नए इंतजाम किए हैं जिन्हें सुरक्षा कारणों से पब्लिक नहीं किया जा सकता. लेकिन उम्मीदवारों को घबराने की जरूरत नहीं है. उन्हें फ्री ट्रांसपोर्टेशन देने के लिए राज्यों से बात की जा रही है और सुरक्षा की अब 3-4 लेयर में चेकिंग की जाएगी, जिससे दोबारा ऐसी किसी चूक की गुंजाइश न बचे.

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Deepali PorwalSenior Sub Editor

Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें

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