दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो नेटवर्क को सबसे बड़ा विस्तार मिलने जा रहा है. डीएमआरसी ने राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में 97 किलोमीटर लंबी नई मेट्रो लाइन बिछाने की तैयारी शुरू कर दी है. इसके तहत 7 नए कॉरिडोर और 65 नए स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे उन इलाकों को भी मेट्रो कनेक्टिविटी मिलेगी जहां अब तक लोग सिर्फ बसों और निजी वाहनों पर निर्भर थे.
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के मुताबिक, फेज-4 और फेज-5 प्रोजेक्ट के जरिये राजधानी में कनेक्टिविटी को और मजबूत किया जाएगा. खास बात यह है कि नई लाइनें दिल्ली के आउटर और तेजी से विकसित हो रहे इलाकों को सीधे शहर के मुख्य हिस्सों से जोड़ेंगी. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी कहा है कि यह प्रोजेक्ट दिल्ली की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को पूरी तरह बदल देगा.
इस साल शुरू होंगे 3 नए मेट्रो कॉरिडोर
डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक विकास कुमार ने बताया कि फेज-4 के तहत इस साल के अंत तक तीन बड़े कॉरिडोर यात्रियों के लिए खोल दिए जाएंगे. इनमें जनकपुरी वेस्ट-आरके आश्रम मार्ग मैजेंटा लाइन एक्सटेंशन, एरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर और मजलिस पार्क-मौजपुर पिंक लाइन एक्सटेंशन शामिल हैं.
इन कॉरिडोर के शुरू होने से पश्चिमी, दक्षिणी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के बीच यात्रा आसान हो जाएगी. एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि गोल्डन लाइन के जरिए एरोसिटी और दक्षिण दिल्ली के कई हिस्सों के बीच तेज कनेक्टिविटी मिलेगी.
फेज-5 में बिछेगा 97KM लंबा नेटवर्क
दिल्ली मेट्रो का अगला बड़ा विस्तार फेज-5(B) के तहत होगा. इसके लिए करीब 48,204 करोड़ रुपये की लागत से 97.158 किलोमीटर लंबा नेटवर्क तैयार किया जाएगा. इसमें कुल 7 नए कॉरिडोर और 65 स्टेशन होंगे.
डीएमआरसी ने इन सभी परियोजनाओं की डीपीआर तैयार कर केंद्र सरकार को भेज दी है. इनमें कई ऐसे इलाके शामिल हैं, जहां अभी तक मेट्रो नहीं पहुंची है. यही वजह है कि इस विस्तार को दिल्ली मेट्रो का सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट माना जा रहा है.
कौन-कौन से होंगे नए कॉरिडोर?
1. धांसा बस स्टैंड-नांगलोई कॉरिडोर
यह 11.859 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर होगा. इसमें 9 स्टेशन बनाए जाएंगे. यह लाइन नजफगढ़ और पश्चिमी दिल्ली के इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी देगी. नांगलोई पर ग्रीन लाइन और धांसा बस स्टैंड पर ग्रे लाइन से इंटरचेंज मिलेगा.
2. सेंट्रल सेक्रेटेरिएट-किशनगढ़ कॉरिडोर
करीब 15.969 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर ज्यादातर भूमिगत होगा. इसमें 10 स्टेशन होंगे. यह रूट दक्षिण दिल्ली और एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा.
3. समयपुर बादली-नरेला DDA स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
यह 12.89 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर होगा. इसमें 8 स्टेशन बनाए जाएंगे. इस लाइन के जरिए नरेला जैसे तेजी से विकसित हो रहे इलाके सीधे मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएंगे.
4. कीर्ति नगर-पालम कॉरिडोर
करीब 9.967 किलोमीटर लंबा यह विस्तार पश्चिमी दिल्ली के कई घनी आबादी वाले इलाकों को राहत देगा. इससे सड़क यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है.
5. जोर बाग-मिठापुर लाइन
यह सबसे महत्वपूर्ण कॉरिडोर में से एक माना जा रहा है. 16.991 किलोमीटर लंबी इस लाइन से लोधी कॉलोनी, ओल्ड ईश्वर नगर, अली गांव, जैतपुर और मोलड़बंद जैसे इलाके जुड़ेंगे.
इस रूट पर जोर बाग, लाजपत नगर, NSIC ओखला, जसोला अपोलो और मदनपुर खादर जैसे बड़े इंटरचेंज स्टेशन होंगे. इससे दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के यात्रियों को काफी फायदा मिलेगा.
6. शास्त्री पार्क-मयूर विहार फेज-3
13.197 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर पूर्वी दिल्ली और ट्रांस-यमुना क्षेत्र के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है. इसमें लगभग 9 किलोमीटर हिस्सा भूमिगत होगा.
यह लाइन गीता कॉलोनी, गांधी नगर मार्केट, कैलाश नगर और न्यू कोंडली जैसे इलाकों को जोड़ेगी. शास्त्री पार्क, निर्माण विहार और त्रिलोकपुरी पर इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी.
7. केशव पुरम-रोहिणी सेक्टर 34
16.285 किलोमीटर लंबा यह एलिवेटेड कॉरिडोर उत्तर-पश्चिम दिल्ली के लिए अहम होगा. इसमें 12 स्टेशन होंगे. यह लाइन रोहिणी, पीतमपुरा और दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी देगी.
क्या आपके इलाके तक पहुंचेगी मेट्रो?
डीएमआरसी का कहना है कि फेज-5 का फोकस उन इलाकों पर है जहां अभी तक मेट्रो की पहुंच सीमित है. खास तौर पर नरेला, नजफगढ़, पालम, रोहिणी, जैतपुर और पूर्वी दिल्ली के कई हिस्सों को पहली बार सीधी मेट्रो सुविधा मिलेगी.
अगर आप आउटर दिल्ली या नई विकसित हो रही कॉलोनियों में रहते हैं, तो आने वाले कुछ वर्षों में आपके घर के पास से भी मेट्रो गुजर सकती है.
फेज-4 का कितना काम पूरा हुआ?
फेज-4 के तहत कुछ हिस्सों पर काम पूरा हो चुका है. जनकपुरी वेस्ट-कृष्णा पार्क एक्सटेंशन सेक्शन जनवरी 2025 में शुरू हो चुका है. वहीं मजलिस पार्क-मौजपुर कॉरिडोर मार्च 2026 में यात्रियों के लिए खोल दिया गया.
इसके अलावा मजलिस पार्क और दीपाली चौक के बीच का हिस्सा भी पूरा हो चुका है. अब डीएमआरसी का लक्ष्य बाकी प्राथमिक कॉरिडोर को दिसंबर 2026 तक पूरा करना है.
2028 और 2029 तक क्या होगा?
डीएमआरसी ने आरके आश्रम मार्ग-इंद्रप्रस्थ, एरोसिटी-आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 और तुगलकाबाद-कालिंदी कुंज जैसे कॉरिडोर को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है.
वहीं इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ, लाजपत नगर-साकेत G ब्लॉक और रिठाला-नरेला-नाथूपुर एक्सटेंशन जैसे बड़े प्रोजेक्ट 2029 तक पूरे होने की संभावना है. हालांकि, इनकी प्रगति जमीन अधिग्रहण और सरकारी मंजूरी पर भी निर्भर करेगी.
ट्रैफिक और प्रदूषण पर पड़ेगा असर
दिल्ली में लगातार बढ़ते ट्रैफिक और प्रदूषण के बीच मेट्रो विस्तार को बेहद अहम माना जा रहा है. नई लाइनें शुरू होने के बाद लाखों लोग निजी वाहनों की जगह मेट्रो का इस्तेमाल कर सकेंगे. इससे सड़कों पर दबाव कम होगा और यात्रा का समय भी घटेगा. डीएमआरसी का दावा है कि नए इंटरचेंज स्टेशन यात्रियों को ज्यादा विकल्प देंगे, जिससे एक लाइन से दूसरी लाइन पर जाना और आसान हो जाएगा.
दिल्ली मेट्रो पहले ही देश का सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क है. फेज-4 और फेज-5 पूरा होने के बाद इसका नेटवर्क और तेजी से बढ़ेगा. डीएमआरसी अधिकारियों का कहना है कि आने वाले वर्षों में दिल्ली-एनसीआर में ऐसा मेट्रो नेटवर्क तैयार होगा, जहां शहर का शायद ही कोई बड़ा इलाका मेट्रो से दूर रह जाए.
