Last Updated:
DRDO Torpedo: DRDO ने चीन की स्टेल्थ पनडुब्बियों को टक्कर देने के लिए नया इलेक्ट्रिक हैवीवेट टॉरपीडो तैयार किया है. यह 800 मीटर गहराई तक जाकर 1100 KM दूर लक्ष्य भेद सकेगा. कलवरी-क्लास पनडुब्बियों में इसके इंटीग्रेशन से भारत को डीप-वॉटर वारफेयर में रणनीतिक बढ़त मिलेगी. आत्मनिर्भर भारत के तहत यह पूरी तरह स्वदेशी प्रोजेक्ट है.
DRDO ने चीन की गहराई तक डुबकी लगाने वाली पनडुब्बियों का जवाब देने के लिए नया इलेक्ट्रिक हैवीवेट टॉरपीडो विकसित किया है. (सांकेतिक फोटो)नई दिल्ली: भारत की रक्षा तकनीक एक बार फिर वैश्विक सुर्खियों में है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने नए इलेक्ट्रिक हैवीवेट टॉरपीडो के एडवांस वर्जन पर काम शुरू कर दिया है जो अब तक का सबसे घातक ‘डीप-स्ट्राइक’ हथियार साबित हो सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक यह टॉरपीडो 800 मीटर की गहराई तक जाकर दुश्मन की पनडुब्बियों को निशाना बना सकेगा और इसकी रेंज करीब 1100 किलोमीटर तक बढ़ाई जा रही है.
डीप-वॉटर स्ट्राइक में भारत को मिलेगा बढ़त
नया टॉरपीडो मौजूदा 600 मीटर क्षमता वाले मॉडलों से कहीं अधिक एडवांस होगा. इसकी साइलेंट इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन सिस्टम और लो-नॉइज ऑपरेशन इसे लगभग ‘अदृश्य’ बना देंगे. DRDO इसे भारतीय नौसेना की कलवरी-क्लास पनडुब्बियों के साथ इंटीग्रेट करने की दिशा में काम कर रहा है. इससे भारत को डीप-वॉटर एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (ASW) में बड़ी रणनीतिक बढ़त मिलेगी.
नई तकनीक – अधिक गहराई, अधिक ताकत
टॉरपीडो के इस नए संस्करण में हाई डेंसिटी बैटरी मॉड्यूल, बेहतर हाइड्रोडायनमिक डिजाइन और उन्नत कंट्रोल सूट शामिल किए जा रहे हैं, जो इसे तेजी से दिशा बदलने और गहराई में सटीक वार करने में सक्षम बनाएंगे. यह लंबे मिशनों के दौरान अपनी ऊर्जा को संतुलित रख सकेगा. यानी यह टॉरपीडो हजारों किलोमीटर दूर भी स्वतंत्र रूप से लक्ष्य का पीछा कर सकेगा.
चीन-पाकिस्तान पर रणनीतिक दबाव
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह टॉरपीडो आने वाले वर्षों में हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का प्रभुत्व सुनिश्चित करेगा और पाकिस्तान की पनडुब्बी क्षमताओं को भी चुनौती देगा.
‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में बड़ा कदम
यह पूरा प्रोजेक्ट ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित है. परीक्षण अगले दो वर्षों में शुरू होने की संभावना है. इसके सफल ट्रायल के बाद भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल होगा, जिनके पास इतनी गहराई तक मार करने वाली इंडिजिनस टॉरपीडो टेक्नोलॉजी है.
Sumit Kumar is working as Senior Sub Editor in News18 Hindi. He has been associated with the Central Desk team here for the last 3 years. He has a Master’s degree in Journalism. Before working in News18 Hindi, …और पढ़ें
Sumit Kumar is working as Senior Sub Editor in News18 Hindi. He has been associated with the Central Desk team here for the last 3 years. He has a Master’s degree in Journalism. Before working in News18 Hindi, … और पढ़ें
