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BrahMos Missile: पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर में भारत के ब्रह्मोस मिसाइल ने पड़ोसी देश में कई एयरफील्ड तबाह कर दिए थे. ब्रह्मोस मिसाइल का खौफ पाकिस्तान में इतना था कि जैसे ही उन्हें पता चला कि ब्रह्मोस उनके देश की तरफ बढ़ रही है, सभी अपने-अपने बंकर में जाकर छिप गए थे.
‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारत ने ब्रह्मोोस मिसाइल से पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचाया था.नई दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खुलासा किया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद कई देशों ने ब्रह्मोस मिसाइल में गहरी दिलचस्पी दिखाई है. उन्होंने कहा, ‘हमारा लक्ष्य है कि साल 2030 तक भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट 50,000 करोड़ रुपए तक पहुंचे.’ वर्तमान में यह आंकड़ा लगभग 25,000 करोड़ है. राजनाथ ने बताया कि ब्रह्मोस के साथ-साथ अन्य भारतीय डिफेंस सिस्टम्स भी अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग में हैं. उन्होंने कहा कि भारत अब ‘आयातक देश’ नहीं बल्कि ‘निर्यातक ताकत’ के रूप में उभर रहा है. दरअसल, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत ने ब्रह्मोस मिसाइल से पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचाया था. उसके कई एयर फील्ड तबाह कर दिए थे. यह भी कहा जा रहा है कि जैसे पाकिस्तान को पता चला कि भारत ने ब्रह्मोस मिसाइल दागे हैं, आसिम मुनीर सहित सभी अपने-अपने बंकर में छिप गए थे.
रक्षा मंत्री ने ब्रह्मोस की क्षमताओं पर प्रकाश डालते हुए अक्टूबर में कहा था कि ब्रह्मोस सिर्फ एक मिसाइल नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती स्वदेशी ताकत का प्रतीक है. यह परंपरागत वॉरहेड, उन्नत गाइडेड सिस्टम और सुपरसोनिक गति के साथ लंबी दूरी तक सटीक प्रहार करने में सक्षम है. गति, सटीकता और शक्ति का यह अनूठा संयोजन ब्रह्मोस को विश्व की सर्वश्रेष्ठ मिसाइल प्रणालियों में शुमार करता है. हमारे लिए यह गर्व की बात है कि ब्रह्मोस आज भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना-तीनों की रीढ़ बन चुका है.
‘ऑपरेशन सिंदूर’ में ब्रह्मोस ने न केवल अपनी तकनीकी श्रेष्ठता साबित की, बल्कि यह भी दिखाया कि यह भारत की सुरक्षा का सबसे बड़ा व्यावहारिक प्रमाण है’ इस ऑपरेशन ने सिद्ध किया कि जीत अब हमारे लिए कोई घटना नहीं, बल्कि हमारी आदत बन चुकी है. ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस का जो प्रैक्टिकल प्रदर्शन हुआ है, उसने न केवल देशवासियों बल्कि पूरी दुनिया में ब्रह्मोस के प्रति एक गहरा विश्वास और आत्मविश्वास पैदा किया है. ब्रह्मोस मिसाइल का इस्तेमाल सेना, नौसेना और वायु सेना सभी करते हैं.
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h… और पढ़ें
