पटना. हिंदी सिनेमा के अभिनेता धर्मेंद्र की तबीयत नाजुक बनी हुई है. वे मुंबई के ब्रेच कैंडी अस्पताल में भर्ती हैं. डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू में रखा है और वेंटिलेटर पर हैं. 89 वर्षीय धर्मेंद्र को सांस लेने में तकलीफ की शिकायत पर 10 नवंबर को अस्पताल ले जाया गया. परिवार ने कहा है कि उनकी स्थिति स्थिर है, लेकिन निगरानी में हैं. अभिनेत्री, सांसद और धर्मेंद्र की पत्नी हेमा मालिनी ने अपील की है कि सभी उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करें. इसी बीच बिहार चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग हो रही है और भोजपुरी गायक और अभिनेता पवन सिंह सक्रिय हैं. बिहार चुनाव के बीच बात पवन सिंह और धर्मेंद्र के मुलाकात और उनकी (धर्मेंद्र) एक पुरानी सीख को याद किया जा रहा है.पवन सिंह ने बीते दिनों मीडिया से बात करते हुए बताया था कि 2013 में फिल्म ‘देश-परदेस’ के सेट पर धर्मेंद्र ने उन्हें सलाह दी थी जो आज भी उन्हें याद है और जीवन भर इस सीख पर अमल करते रहेंगे.
‘देश-परदेस’ के सेट की वो मुलाकात
बात साल 2013 की है. फिल्म देश-परदेस की शूटिंग के दौरान पवन सिंह पहली बार धर्मेंद्र से आमने-सामने मिले थे. धर्मेंद्र की वैनिटी वैन में बुलावा आया था. पवन उस पल को याद करते हुए कई बार भावुक हो चुके हैं. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था-धरम पाजी से मिलना किसी भगवान से मिलने जैसा था. मैं उस वक्त नया था, डर भी लग रहा था, लेकिन उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा- ‘आओ बेटा, बैठो.’ फिर वो बोले-‘जिंदगी में जब ऊंचा उड़ो तो जमीन को कभी मत भूलना. पैर दबा कर चलना.’ पवन सिंह ने कहा उनकी वो बात मेरी आत्मा में उतर गई. आज जब धर्मेंद्र की तबीयत नाजुक है तो पवन सिंह उसी बात को बार-बार दोहरा रहे हैं. उनके करीबी बताते हैं कि उन्होंने कहा- धरम पाजी की यह बात हर बार मंच पर जाने से पहले उनको याद आ जाती है.

धर्मेंद्र की तबीयत नाजुक, ब्रेच कैंडी अस्पताल में भर्ती. पवन सिंह ने उनकी सीख को बिहार चुनाव में याद किया.
बिहार की राजनीति और पवन को धर्मेंद्र की सीख
दिलचस्प यह है कि बिहार विधानसभा चुनाव के माहौल में पवन सिंह भी अब एक्टिव हैं. कई मंचों पर वो जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं. राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि पवन सिंह मंच से आते हैं तो उनका जोश वाला तेवर रहता है पर अहंकार बिल्कुल नहीं. शायद यही धर्मेंद्र की सीख का असर है. राजनीति के जानकार कहते हैं कि भोजपुरी स्टार्स में पवन सिंह की लोकप्रियता इसीलिए अलग है, क्योंकि वे मंच पर ‘सुपरस्टार’ होकर नहीं, ‘जमीन पर रहने वाला बेटा’ बनकर आते हैं. शायद वह धरम पा जी की बात याद रखते हैं कि- सीना चौड़ा रखिये लेकिन सिर झुका के चलना चाहिए.
‘ही-मैन’ की इंसानियत और ‘पावर स्टार’ की विनम्रता
धरम पाजी की दी सीख अब जिंदगी का मंत्र
बता दें कि पवन सिंह ने 2024 में लोकसभा चुनाव में काराकाट संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे. अब फिर से वह बीजेपी के साथ सक्रिय हैं. इस बीच उनके व्यवहार में विनम्रता की चर्चा आम लोगों के बीच भी होती है. स्टारडम के बावजूद पावर स्टार पवन सिंह की व्यवहार कुशलता और आम लोगों से उनका कनेक्ट सुर्खियों में है. जाहिर है पवन सिंह की यह बात इस बात का सबूत है कि सिनेमा सिर्फ परदे की दुनिया नहीं, बल्कि उन रिश्तों (धर्मेंद्र और पवन सिंह का संबंध और उनकी सीख याद रखना) की कहानी है जो पीढ़ियों को जोड़ती हैं. पवन सिंह के शब्दों में-धरम पाजी की सीख हर वक्त साथ है वो सिर्फ अभिनेता नहीं एक रास्ता दिखाने वाले इंसान हैं.
