रायपुर एम्स की तीसरी मंजिल से गिरकर मरीज करण नायक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बी-वार्ड में भर्ती मरीज के गिरते ही अस्पताल में हड़कंप मच गया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित एम्स अस्पताल में शुक्रवार को एक मरीज की संदिग्ध परिस्थितियों में तीसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई। मृतक की पहचान करण नायक बंजारा के रूप में हुई है जो रक्त संबंधी बीमारी के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती था। दुर्घटना के दौरान मरीज के नीचे गिरते ही मौत हो गई। मामले ने अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, करण नायक बंजारा बी ब्लॉक के बी4 वार्ड में भर्ती था। इलाज के दौरान वह तीसरी मंजिल से नीचे गिर गया। गिरने के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। स्टाफ ने तुरंत स्थिति संभालने की कोशिश की लेकिन चोट इतनी गंभीर थी कि उसे बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और सुरक्षा अमला सक्रिय हो गया।
मामले की सूचना मिलते ही आमानाका थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना महज एक दुर्घटना थी, आत्महत्या का मामला है या फिर किसी प्रकार की लापरवाही का परिणाम था। वार्ड में मौजूद स्टाफ और अन्य मरीजों से पूछताछ की जा रही है। अस्पताल परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि घटना के सही कारणों का पता लगाया जा सके। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो पाएगी।
घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं और मरीजों की निगरानी में गंभीर चूक सामने आई है। यह भी चर्चा में रहा है कि अस्पताल परिसर में पहले भी मरीजों के कीमती सामान चोरी होने की घटनाएं हो चुकी हैं। जबकि, यहां बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं।
एम्स रायपुर में इससे पहले भी संदिग्ध मौत और आत्महत्या के मामले सामने आ चुके हैं। साल 2025 में आंध्र प्रदेश के निवासी 26 वर्षीय डॉक्टर ए. रवि ने अस्पताल परिसर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इससे पहले 9 दिसंबर 2021 को आंत के कैंसर से पीड़ित एक युवक ने दूसरी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। वहीं, 3 जनवरी 2021 को सर्जरी विभाग में भर्ती एक कैंसर मरीज ने भी दूसरी मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने अस्पताल प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
