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Army Arrests Bangladeshi: सेना ने सिलीगुड़ी के पास बेंगडुबी सैन्य अड्डे से एक बांग्लादेशी नागरिक को पकड़ा है, जिसके पास आधार, पैन और वोटर आईडी जैसे फर्जी भारतीय दस्तावेज मिले. वह मजदूर के रूप में काम कर रहा था. जांच में सामने आया कि आरोपी के पास बांग्लादेशी ID कार्ड भी था. मामला संवेदनशील ‘चिकन नेक’ क्षेत्र का है, जिसे लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं.
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं है. (AI फोटो)नई दिल्ली: भारत-बांग्लादेश सीमा के पास स्थित बेंगडुबी मिलिट्री स्टेशन से एक बड़ा सुरक्षा मामला सामने आया है. सेना ने यहां एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है. उसके पास आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर ID जैसे भारतीय पहचान पत्र मिले हैं. वह असैन्य मजदूर के रूप में काम कर रहा था.
घटना का खुलासा तब हुआ जब सैन्य अड्डे पर कार्यरत नागरिक कर्मचारियों का पुनः सत्यापन अभियान चलाया जा रहा था. जांच में सामने आया कि आरोपी के पास बांग्लादेशी पहचान पत्र भी मौजूद था. इस घटना ने सीमावर्ती इलाकों में फर्जी भारतीय दस्तावेजों के इस्तेमाल और संभावित जासूसी खतरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है.
बेंगडुबी मिलिट्री स्टेशन पर पकड़ा गया संदिग्ध
5 नवंबर 2025 को सेना ने अपने नियमित सुरक्षा अभियान के तहत सभी असैन्य कर्मचारियों के दस्तावेजों की जांच शुरू की. इसी दौरान एक मजदूर के दस्तावेज संदिग्ध पाए गए. जांच में पता चला कि वह बांग्लादेश का नागरिक है और उसके पास एक वैध बांग्लादेशी ID कार्ड के साथ भारतीय दस्तावेज भी मौजूद हैं. सेना ने तुरंत उसे हिरासत में लेकर स्थानीय पुलिस को जांच के लिए सौंप दिया.
‘चिकन नेक’ के पास अलर्ट हुई सेना
बेंगडुबी मिलिट्री स्टेशन रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण “चिकन नेक कॉरिडोर” के पास स्थित है यह वही पतली पट्टी है जो पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्से से जोड़ती है. इस इलाके में किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की मौजूदगी को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना जाता है. रक्षा सूत्रों ने बताया कि “यह मामला सेना की सतर्कता और जमीनी स्तर पर खुफिया एजेंसियों की चौकसी का नतीजा है, जिसने समय रहते संभावित खतरे को रोक लिया.”
जांच में खुलासा – ‘फर्जी भारतीय दस्तावेजों’ से काम कर रहा था
रक्षा अधिकारियों ने कहा कि पकड़े गए व्यक्ति के पास आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी कार्ड मिले हैं. पहली नजर में यह सभी दस्तावेज असली प्रतीत होते हैं, लेकिन पुलिस अब यह जांच कर रही है कि ये दस्तावेज किस नेटवर्क के जरिए तैयार कराए गए. इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि कई बांग्लादेशी नागरिक फर्जी भारतीय दस्तावेज बनवाकर देश में नौकरी कर रहे हैं.
सेना और खुफिया एजेंसियों की सतर्कता
सेना ने अपने बयान में कहा, “यह घटना दिखाती है कि हमारी खुफिया इकाइयां और जमीनी स्तर पर तैनात जवान हर संभावित खतरे के प्रति सतर्क हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि यह अभियान विभिन्न अंतरालों पर जारी रहेगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.
सीमा पार से घुसपैठ और फर्जी दस्तावेजों पर बढ़ी चिंता
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं है. यह उस बड़े नेटवर्क की झलक है जिसके जरिए फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार कराए जा रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि अब इन दस्तावेजों के स्रोत का पता लगाने और अवैध घुसपैठ के चैनल को बंद करने के लिए विशेष जांच शुरू की गई है.
Sumit Kumar is working as Senior Sub Editor in News18 Hindi. He has been associated with the Central Desk team here for the last 3 years. He has a Master’s degree in Journalism. Before working in News18 Hindi, …और पढ़ें
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