बिहार का मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी बनाएगी, इस बात के लिए नीतीश कुमार राजी थे। हैं। लेकिन, अब भी कई मुद्दों पर बात फाइनल नहीं हुई है। इसी फाइनल के इंतजार में विधान परिषद् से नीतीश कुमार का इस्तीफा अंतिम दिन आया। अब भी वह मुख्यमंत्री की कुर्सी पर हैं। उससे इस्तीफे के लिए 200 मीटर दूर लोक भवन का रुख नहीं कर रहे। मुद्दे कई हैं और इसपर डील भाजपा से होनी है। वह डील फाइनल होते ही सीएम की कुर्सी छोड़ देंगे नीतीश कुमार।
Nitish Kumar: 25 से 30… फिर से नीतीश क्यों नहीं? जानिए, कब से कब तक सीएम रहे, कब पाला बदला और क्यों?
डिप्टी सीएम और विधानसभा अध्यक्ष- दोनों चाहिए
मौजूदा सरकार में मुख्यमंत्री की कुर्सी जनता दल यूनाईटेड के पास है तो दो उप मुख्यमंत्री का ओहदा और विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी भारतीय जनता पार्टी के पास। अब चूंकि मुख्यमंत्री की कुर्सी भाजपा लेने वाली है, इसलिए जदयू ने डिप्टी सीएम और विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर दावा ठोक रखा है। दोनों की बातों पर डील फाइनल नहीं हुई है। वैसे केंद्र की राजनीति में नीतीश कुमार की जगह को लेकर भी डील अटकी है, जिसके कारण मुख्यमंत्री पद से उनका इस्तीफा रुके रहने की जानकारी सामने आ रही है। जदयू में निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाने की जिद है। ऐसी स्थिति में संभव है कि वह इकलौते डिप्टी सीएम भी हों। ऐसा हुआ तो गृह विभाग की जिम्मेदारी जदयू में नीतीश के पुराने कद्दावर नेता के पास रखने को लेकर भी बात हो रही है। लंबी जद्दोजहद के बाद भाजपा ने पिछले साल गृह विभाग हासिल किया था और सम्राट चौधरी अभी डिप्टी सीएम के साथ इस विभाग के भी मंत्री हैं।
सम्राट चौधरी और प्रेम कुमार को लेकर किस बात की चर्चा
फिलहाल उपमुख्यमंत्री की कुर्सी पर सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा बैठे हुए हैं। सम्राट चौधरी के बारे में मुख्यमंत्री पद को लेकर सोशल मीडिया पर कयास लगाए जा रहे हैं। वह बंगाल जाकर गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात कर चुके हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी समृद्धि यात्रा के दौरान कई बार उनके पीठ पर हाथ रखकर आगे का कामकाज संभालने की बात कह चुके हैं। इधर, विजय सिन्हा राजस्व सेवा अधिकारियों के खिलाफ लगातार एक्शन से चर्चा में हैं। वहीं विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने हाल में ही नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दफ्तर से तस्वीर साझा की थी। इसके बाद से इनके भी नाम की चर्चा मुख्यमंत्री पद को लेकर होने लगी है।