Wed. Mar 4th, 2026

Cyclone Senyar Alert: बंगाल की खाड़ी से आई खतरे की घंटी, तूफान सेन-यार मचाएगा तबाही? आंध्र से अंडमान तक कांप उठे लोग!

Cyclone Senyar Alert 2025 11 d5bebfa882e8c55d6cf9f8fa3cd78d7f

Agency:एजेंसियां

Last Updated:

Cyclone Senyar Alert: IMD ने चेतावनी जारी की है कि बंगाल की खाड़ी में बन रहा चक्रवाती सिस्टम 24 नवंबर तक डिप्रेशन और उसके बाद शक्तिशाली साइक्लोन ‘सेन-यार’ बन सकता है. अंडमान–निकोबार में भारी बारिश, तेज हवाओं और उफनते समुद्र से हालात बिगड़ रहे हैं, जबकि आंध्र प्रदेश के जिलों को 27–30 नवंबर के संभावित लैंडफॉल को देखते हुए हाई अलर्ट पर रखा गया है.

ख़बरें फटाफट

बंगाल की खाड़ी का खतरा: तूफान सेन-यार से कितनी तबाही? आंध्र-अंडमान में दहशतIMD ने चेतावनी जारी की है कि 24 नवंबर के बाद बंगाल की खाड़ी में बन रहा सिस्टम Cyclone Senyar में बदल सकता है.

Cyclone Senyar Update News: बंगाल की खाड़ी इस वक्त एक खतरनाक उठापटक से गुजर रही है. मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी कर बताया है कि यहां बन रहा साइक्लोनिक सर्कुलेशन तेजी से मजबूत होकर एक शक्तिशाली सिस्टम का रूप ले सकता है, जो अगले कुछ दिनों में साइक्लोन ‘सेन-यार’ बनकर दहाड़ सकता है. ‘सेन-यार’ नाम अरबी भाषा के शब्द ‘शेर’ से लिया गया है. इसे संयुक्त अरब अमीरात ने नॉर्थ इंडियन ओशियन के चक्रवात नाम सूची में शामिल किया था.

इस संभावित तूफान ने अंडमान–निकोबार से लेकर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना तक चिंता बढ़ा दी है. 27–30 नवंबर के बीच लैंडफॉल की आशंका जताई जा रही है. अंडमान में भारी बारिश, तेज हवाओं और समुद्र में उठती ऊंची लहरों ने हालात बिगाड़ दिए हैं. वहीं आंध्र प्रदेश ने पहले ही जिलों को अलर्ट पर रख दिया है. क्या अरब का यह ‘शेर’ तटों पर तबाही मचाएगा? फिलहाल IMD की चेतावनी डर बढ़ा रही है.

Cyclone Montha 2025 10 b3d1949cd8cc2ba228b06e05443b6fc5
अंडमान–निकोबार में भारी बारिश और समुद्री उफान का खतरा. (फाइल फोटो AP)

IMD की चेतावनी: कैसे बनेगा ‘सेन-यार’?

IMD के अनुसार बंगाल की खाड़ी में साइक्लोनिक सर्कुलेशन 21 नवंबर से सक्रिय है.

  • 22 नवंबर तक यह लो-प्रेशर एरिया में बदलेगा.
  • 24 नवंबर तक डिप्रेशन बनने की पूरी संभावना.
  • इसके बाद सिस्टम तेजी से मजबूत होकर साइक्लोन ‘Senyar’ बन सकता है.

कुछ मॉडल्स 27 से 30 नवंबर के बीच लैंडफॉल की संभावना दिखा रहे हैं. सबसे अधिक खतरा कोस्टल आंध्र प्रदेश और नजदीकी तेलंगाना को बताया जा रहा है.

अंडमान–निकोबार में सबसे पहले दिखा असर

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह इस सिस्टम की सीधी चपेट में हैं.

IMD का अनुमान है:

  • निकोबार में 7–20 सेमी तक बहुत भारी बारिश.
  • अंडमान में 7–11 सेमी भारी बारिश.
  • 40–50 KM/h. की तेज हवाएं.
  • समुद्र में 35–45 KM/h की हवाएं, झोंकों में 55 35–45 KM/h तक
  • बिजली गिरने और गरज–चमक का खतरा

स्थानिक चेतावनी

पोर्ट ब्लेयर पोर्ट ने Local Cautionary Signal-3 जारी कर दिया है.

फिशरमैन को 23 नवंबर तक समुद्र में नहीं जाने की सख्त हिदायत दी गई है.

अंडमान में बिगड़ते हालात – प्रशासन की कार्रवाई

  • इंटर-आइलैंड वेसेल सर्विसेज को रोका या रीशेड्यूल किया जा सकता है.
  • चाथम, बंबूफ्लैट, डुंडास पॉइंट और हॉपटाउन में फेरी सेवाओं पर असर.
  • समुद्र में ऊंची लहरें, नाविकों को सतर्क रहने की सलाह.
  • पर्यटकों को बीच और वॉटर ऐक्टिविटी से दूर रहने का निर्देश.
  • मौसम 25 नवंबर तक खराब रहने की चेतावनी.

आंध्र–तेलंगाना पर क्यों बढ़ी चिंता?

आंध्र प्रदेश के समुद्री जिलों- श्रीकाकुलम, विजयनगरम, विशाखापट्टनम और काकीनाडा को हाई अलर्ट पर रखा गया है. 26 नवंबर से तेज हवाएं, आंधी और भारी बारिश की संभावनाएं जताई गई हैं. प्रशासन ने लोगों को घर में रहने और आपात सामान तैयार रखने की अपील की है.

Bay of Bengal Cyclone
आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों को अगले हफ्ते संभावित लैंडफॉल को लेकर चेतावनी. (फाइल फोटो)

तटीय क्षेत्रों में संभावित नुकसान

  1. तेज हवाएं और पेड़ गिरना: 60–80 KM/h. तक की हवाएं कच्चे घरों, बिजली के खंभों और पेड़ों को नुकसान पहुंचा सकती हैं.
  2. समुद्र में खतरनाक उछाल: तटीय इलाकों में 2–4 मीटर तक ऊंची लहरें उठने की संभावना, नावों के डूबने का खतरा.
  3. भारी बारिश से बाढ़: कई जिले फ्लैश फ्लड और जलभराव से प्रभावित हो सकते हैं- खासकर लो-लाइंग एरिया.

सिस्टम की टाइमलाइन- अब तक क्या हुआ, आगे क्या होगा?

तारीख क्या होगा?
21 नवंबर साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय
22 नवंबर लो-प्रेशर एरिया बनने की संभावना
24 नवंब डिप्रेशन बनने की संभावना
25–26 नवंबर सिस्टम मजबूत होगा
27–30 नवंबर संभावित Cyclone Senyar का लैंडफॉल

क्यों डरावना है ‘सेन-यार’? 

‘सेन-यार’ शब्द का मतलब ही ‘शेर’ है. और मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर सिस्टम तेजी से तीव्र होता है, तो यह एक सीवियर साइकलोनिक स्टॉर्म में तब्दील हो सकता है. दक्षिण बंगाल की खाड़ी पिछले 5 सालों में कई बार शक्तिशाली चक्रवातों का केंद्र रही है. अंडमान की तंग भौगोलिक स्थिति और आंध्र के खुले समुद्री तट इस सिस्टम के प्रति बेहद संवेदनशील हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि शुरुआती मॉडल्स अगर सही साबित हुए, तो 27–30 नवंबर का समय सबसे ज्यादा खतरनाक हो सकता है.

homenation

बंगाल की खाड़ी का खतरा: तूफान सेन-यार से कितनी तबाही? आंध्र-अंडमान में दहशत

By uttu

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *