पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात एक बड़ा मोड़ तब आया, जब ईरान ने हिंद महासागर में मौजूद 4000 किलोमीटर दूर एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाते हुए दो बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं। यूं तो दोनों ही मिसाइलें निशाने पर नहीं पहुंचीं, लेकिन ईरान की मिसाइल क्षमताओं को लेकर पश्चिमी देशों की तरफ से अब तक जो अनुमान लगाए गए थे, वह सब धरे के धरे रह गए। इसके साथ ही यह भी साफ हो गया कि ईरान के हमलों को रोकने के लिए भले ही अमेरिका के पास जरूरी हथियार हैं, लेकिन उसके क्षेत्र में मौजूद सभी एयरबेस ईरान की जद में हैं। यहां तक कि डिएगो गार्सिया एयरबेस भी, जिसे लेकर हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर के बीच तनाव हुआ।
ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर यह डिएगो गार्सिया क्या है, कहां है और इसका इतिहास क्या है? यह अमेरिका के हितों के लिए कितना अहम है? इसे लेकर हालिया समय में क्या विवाद रहा था? अब ईरान ने इस सैन्य ठिकाने को निशना क्यों बनाया है? आइये जानते हैं…
