बारिश ने अप्रैल में पिछले साल का रिकाॅर्ड तोड़ दिया है। गेहूं की फसल को 10 फीसदी से अधिक का नुकसान हुआ है। मार्च माह में 60 एमएम से ज्यादा बारिश हुई थी। अप्रैल माह में फिर से 50 एमएम से ज्यादा बारिश हो चुकी है।
बीते साल 15 एमएम तक बारिश दर्ज की थी। ज्यादा बारिश से अभी तक 10 फीसदी फसल बर्बाद हुई है। नुकसान का आंकलन जारी है। उधर, 20 फीसदी से ज्यादा बीजी गई सब्जियां भी बर्बाद हुई हैं। बारिश लगातार होने के कारण ढही फसल के खराब होने की संभावना है।
बारिश से खेतों में खड़ी फसलों के दाने काले हो सकते हैं। बारिश के बाद कृषि विभाग की टीम ने नुकसान का आंकलन करना शुरू कर दिया है। कृषि विभाग के अनुसार इस समय बारिश की जरूरत नहीं है। अधिक बारिश और हवा चलने से फसल का नुकसान होगा।
अप्रैल माह में अभी तक हुई बारिश
तीन अप्रैल को दस, चार को 8, पांच को 8, छह को पांच, सात को दो, आठ को आठ, नौ को 5 और दस को 5 एमएम बारिश हुई है।
क्या है सलाह
खेतों में बारिश होने पर तुरंत पानी की निकासी करें। पानी खड़ा होने से फसल ढहने पर बर्बाद हो सकती है। उधर, सब्जियों खासकर बेल वाली भी प्रभावित हो सकती है। टमाटर, मटर सहित अन्य सब्जियों को काट लें।
बारिश लगातार जारी है। खेतों में पानी की निकासी का प्रबंध करें। गिरी फसल अब पानी के कारण सड़ सकती है। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
– अनिल गुप्ता, निदेशक, कृषि विभाग
