ट्यूलिप गार्डन, जहां अमिताभ-रेखा ने ‘देखा एक ख्वाब’, मंडे से आप करेंगे दीदार
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श्रीनगर की वादियों में स्थित इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन (Indira Gandhi Memorial Tulip Garden) एक बार फिर पर्यटकों के लिए अपने दरवाजे खोलने को तैयार है. आगामी 16 मार्च यानी सोमवार से एशिया का यह सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा. जबरवन पहाड़ियों की तलहटी में स्थित यह उद्यान अपनी अद्भुत सुंदरता और रंगों के संगम के लिए विश्व प्रसिद्ध है. इस साल प्रशासन ने रिकॉर्ड तोड़ 18 लाख ट्यूलिप के फूलों के साथ पर्यटकों का स्वागत करने की तैयारी की है. बॉलीवुड की कालजयी फिल्म सिलसिला के उस मशहूर गाने ‘देखा एक ख्वाब तो ये सिलसिले हुए’ की याद दिलाने वाला यह नजारा एक बार फिर जीवंत होने जा रहा है.

श्रीनगर का यह ट्यूलिप गार्डन न केवल कश्मीर बल्कि पूरे एशिया की शान माना जाता है. इस गार्डेन ने बॉलीवुड के कई गानों के शान बढ़ाए साथ ही कई फिल्मों के रोमांस यहां शूट किए गए. यश राज चोपड़ा का मानो ये फेवरेट जगह था. आपने फिल्मों में इसकी सुंदरता तो देखी ही होंगे, अब इसका लाइव दीदार कर सकते हैं. सोमवार यानी कि 16 मार्च से इसे आम लोगों के लिए खोला जा रहा है.

बता दें कि इस साल इसके फ्लोरीकल्चर विभाग ने यहां सुंदरता के नए आयाम स्थापित किए हैं. निदेशक मथूरा मसूम के अनुसार, इस बार उद्यान में रिकॉर्ड 18 लाख ट्यूलिप लगाए गए हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक हैं. इन फूलों को इस तरह से व्यवस्थित किया गया है कि वे एक रंगीन कालीन की तरह प्रतीत होते हैं. पर्यटकों के लिए खासा व्यवस्था किया गया है.

इस बार ट्यूलिप गार्डन में विविधता पर विशेष ध्यान दिया गया है. गार्डन में 70 से अधिक विभिन्न किस्मों के ट्यूलिप के बल्ब रोपे गए हैं, जो अलग-अलग रंगों और आकारों में पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देंगे. केवल ट्यूलिप ही नहीं, बल्कि यहां डैफोडिल्स (Daffodils), हयासिंथ (Hyacinths), गुलाब, रैनकुलस और मस्करी जैसे अन्य फूलों की प्रजातियां भी अपनी खुशबू बिखेरेंगी.
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फूलों की यह विविधता गार्डन के सात छतों (Terraces) पर इस तरह बिखरी हुई है कि हर कदम पर एक नया रंग और नया अहसास मिलता है. फूलों के खिलने की अवधि मौसम के आधार पर लगभग 15 से 20 दिनों की होती है, जिसे देखने के लिए दुनिया भर से लोग कश्मीर पहुंचते हैं.

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने इस साल पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए डिजिटल सुविधाओं में इजाफा किया है. इस सीजन में पहली बार ऑनलाइन टिकट बुकिंग (Online Ticket Booking) की सुविधा शुरू की जा रही है, ताकि पर्यटकों को लंबी कतारों में खड़ा न होना पड़े. इसके माध्यम से स्थानीय लोग और देश-विदेश से आने वाले पर्यटक घर बैठे अपनी यात्रा प्लान कर सकते हैं.

डायरेक्टर माथूरा मसूम ने बताया कि यह कदम पर्यटन को सुव्यवस्थित करने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उठाया गया है. ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से टिकट खरीदने की सुविधा से उन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो कम समय के लिए कश्मीर की यात्रा पर आ रहे हैं.

आज के सोशल मीडिया के दौर को देखते हुए इस ऐतिहासिक गार्डन में कई नए बदलाव किए गए हैं. विभाग ने गार्डन के भीतर विशेष सेल्फी पॉइंट्स (Selfie Points) और सजावटी प्लांटर्स लगाए हैं, जो पर्यटकों को बेहतरीन तस्वीरें खींचने का अवसर प्रदान करेंगे. गार्डन के बुनियादी ढांचे में सुधार करते हुए रास्तों को साफ-सुथरा बनाया गया है और बैठने की समुचित व्यवस्था की गई है. मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन किए जाने के बाद यह उद्यान पूरी तरह से तैयार होगा, जहां लोग अपनी यादों को कैमरों में कैद कर सकेंगे और प्रकृति की गोद में शांति के कुछ पल बिता सकेंगे.

श्रीनगर के ट्यूलिप गार्डन की सबसे बड़ी खासियत इसकी भौगोलिक स्थिति है. यह गार्डन सात छतों वाली ढलान वाली जमीन पर बना है, जिसके पीछे राजसी ज़बरवन पर्वत श्रृंखला (Zabarwan Range) का पहरा है और सामने विश्व प्रसिद्ध डल झील का विस्तार है. साल 2007 में जब इस गार्डन को खोला गया था. तब इसका मुख्य उद्देश्य कश्मीर में पर्यटन और फ्लोरीकल्चर को बढ़ावा देना था.

उन्होंने आगे बताया कि आज यह स्थान न केवल एक पर्यटन केंद्र है, बल्कि कश्मीर की पहचान बन चुका है. पहाड़ियों से उतरती ठंडी हवा और खिले हुए ट्यूलिप के बीच का सामंजस्य एक ऐसा वातावरण तैयार करता है जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है. इसे दर्शकों के दीदार के लिए खोला जा रहा है और यहां आने वाले निराश नहीं होंगे.

ट्यूलिप गार्डन की तैयारी के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर प्रशासन प्राकृतिक जल निकायों के संरक्षण पर भी जोर दे रहा है. हाल ही में वुलर-मानसबाल विकास प्राधिकरण (WMDA) ने ऐतिहासिक मानसबाल झील (Manasbal Lake) में बड़े पैमाने पर सफाई और ड्रेजिंग अभियान चलाया है. पिछले कई वर्षों से जमी गाद और खरपतवार को हटाने के लिए चलाए गए इस अभियान के सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं.

गार्डन की लगभग 1.3 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की सफाई की जा चुकी है, जिससे न केवल पानी की गुणवत्ता में सुधार हुआ है. इसकी सफाई की वजह से दशकों बाद प्रवासी पक्षी भी इस झील में लौटने लगे हैं. यह पहल क्षेत्र के पारिस्थितिक संतुलन और पर्यटन दोनों के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो रही है.

ट्यूलिप सीजन की शुरुआत केवल फूलों का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह कश्मीर की स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए संजीवनी के समान है. हजारों की संख्या में आने वाले पर्यटकों से होटल व्यवसायी, शिकारा वाले, टैक्सी ड्राइवर और हस्तशिल्प व्यापारियों को भारी रोजगार मिलता है. इस बार इसके खुलने की वजह से और भी रोजगार मिलने की संभावना है.

मानसबाल झील के सफाई अभियान से स्थानीय मछुआरों और कमल के डंठल (Nadru) इकट्ठा करने वालों को भी नई उम्मीद मिली है. स्थानीय निवासी अब्दुल अहमद और सज्जाद अहमद जैसे लोगों का मानना है कि इन प्रयासों से उनकी आजीविका में सुधार होगा. सरकार की इन दूरगामी नीतियों का उद्देश्य कश्मीर को एक सुरक्षित और आकर्षक पर्यटन गंतव्य के रूप में वैश्विक मानचित्र पर फिर से मजबूती से स्थापित करना है.

कश्मीर और बॉलीवुड का रिश्ता दशकों पुराना है, और ट्यूलिप गार्डन इस रिश्ते की सबसे खूबसूरत कड़ी है. फिल्म ‘सिलसिला’ में अमिताभ बच्चन और रेखा पर फिल्माया गया गाना आज भी लोगों के जेहन में ताजा है. प्रशासन की कोशिश है कि पर्यटक जब इस गार्डन में आएं, तो उन्हें वही फिल्मी रुमानियत महसूस हो.

फूलों की सुगंध, ठंडी हवा और चारों तरफ बिखरे रंग एक ऐसी जादुई दुनिया रचते हैं जो किसी को भी मंत्रमुग्ध कर दे. इस मंडे से शुरू हो रहा यह सीजन न केवल प्रेमियों के लिए बल्कि परिवारों और प्रकृति प्रेमियों के लिए भी एक सुनहरा अवसर है कि वे कश्मीर की असली खूबसूरती और वहां की मेहमाननवाजी का लुत्फ उठा सकें.
