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LoC से UN मिशन तक: लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने संभाली भारतीय सेना के सदर्न कमांड की कमान

Sandeep Jain 2026 04 4e77e9828f0d2c85af391bb5c5a4bab2

नई दिल्ली. भारतीय सेना में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन के तहत लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन, एवीएसएम, एसएम ने मंगलवार को सदर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) के रूप में पदभार संभाल लिया. उन्होंने यह जिम्मेदारी लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम से ग्रहण की है, जिन्होंने आज ही वाइस चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ का कार्यभार संभाला है.

भारतीय सेना की सबसे महत्वपूर्ण और व्यापक जिम्मेदारियों वाली कमानों में गिनी जाने वाली सदर्न कमांड देश की सुरक्षा संरचना में विशेष स्थान रखती है. पश्चिमी मोर्चे से जुड़े रणनीतिक क्षेत्र, रेगिस्तानी इलाकों, रण और क्रीक सेक्टर, लंबी तटीय सीमा, द्वीपीय क्षेत्रों और आंतरिक इलाकों की सुरक्षा के लिहाज से यह कमान बेहद संवेदनशील मानी जाती है. ऐसे में इस स्तर पर नेतृत्व परिवर्तन को राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा है.

नेशनल डिफेंस एकेडमी के पूर्व छात्र लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन को जून 1988 में महार रेजिमेंट में कमीशन मिला था. लगभग चार दशक लंबे सैन्य करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनल और स्टाफ नियुक्तियों में अपनी सेवाएं दी हैं. वे वर्तमान में महार रेजिमेंट के कर्नल भी हैं.

लेफ्टिनेंट जनरल जैन ने अर्ध-विकसित क्षेत्र में इन्फैंट्री बटालियन की कमान संभाली है, साथ ही संयुक्त राष्ट्र मिशन इन साउथ सूडान में भी नेतृत्व किया है. इसके अलावा उन्होंने स्ट्राइक कोर में इन्फैंट्री ब्रिगेड, नॉर्दर्न कमांड में काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स और पिवट कोर जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण सैन्य जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है.

उनका ऑपरेशनल अनुभव भी व्यापक रहा है. वे ऑपरेशन पवन का हिस्सा रहे हैं, इथियोपिया में संयुक्त राष्ट्र मिशन में मिलिट्री ऑब्जर्वर के रूप में सेवाएं दे चुके हैं, और लाइन ऑफ कंट्रोल, ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्रों तथा पूर्वोत्तर भारत में कई महत्वपूर्ण तैनातियों का अनुभव रखते हैं. सदर्न कमांड की कमान संभालने से पहले वे मुख्यालय सदर्न कमांड में चीफ ऑफ स्टाफ के पद पर तैनात थे. इस दौरान उन्होंने सैन्य क्षमता विकास, बल पुनर्गठन और समग्र ऑपरेशनल तैयारी को मजबूत करने में उल्लेखनीय योगदान दिया.

लेफ्टिनेंट जनरल जैन ने आर्मी वॉर कॉलेज से हायर कमांड कोर्स और केन्या में नेशनल डिफेंस कोर्स किया है. उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और सेना मेडल (SM) से सम्मानित किया जा चुका है. पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने सदर्न कमांड वॉर मेमोरियल पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और मुख्यालय में गार्ड ऑफ ऑनर प्राप्त किया.

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सदर्न कमांड अपनी विविध जिम्मेदारियों वाले क्षेत्रों – रेगिस्तान, रण और क्रीक सेक्टर, तटीय क्षेत्र, द्वीपीय इलाके और आंतरिक क्षेत्र – में ऑपरेशनल रेडीनेस को सर्वोच्च प्राथमिकता देती रहेगी. उन्होंने जॉइंटनेस, स्वदेशी सैन्य क्षमता निर्माण और नई तकनीकों के सैन्य उपयोग को और मजबूत करने पर जोर देते हुए सभी रैंकों को बदलती सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप उच्च स्तर की तैयारी, पेशेवर दक्षता और युद्धक क्षमता बनाए रखने का निर्देश दिया.

By uttu

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