Wed. Feb 18th, 2026

NIA Chargesheet in Myanmar Human Trafficking | Myanmar Myawaddy Cyber Scam Centers Exposed | म्यांमार के ‘नर्क’ का बड़ा खुलासा! विदेश में नौकरी के नाम पर युवाओं को बनाया ‘गुलाम’, चीनी मास्टरमाइंड समेत 3 पर चार्जशीट

NIA 1 2026 02 6d0835b83a3ad700ac8a50d583a13b15

होमताजा खबरदेश

म्यांमार के ‘नर्क’ का बड़ा खुलासा! चीनी मास्टरमाइंड समेत 3 पर चार्जशीट

Last Updated:

नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने एक इंटरनेशनल ह्यूमन ट्रैफिकिंग और साइबर फ्रॉड सिंडिकेट चलाने के आरोप में एक भगोड़ी चीनी महिला समेत तीन लोगों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की है. भारतीय युवाओं को नौकरी का झूठा वादा करके थाईलैंड लाया गया, फिर उन्हें म्यांमार के म्यावाडी इलाके में ट्रैफिक करके US और UK के नागरिकों को टारगेट करके साइबर क्राइम करने के लिए मजबूर किया गया. पीड़ितों को बहुत टॉर्चर किया गया और फिरौती मांगी गई.

म्यांमार के 'नर्क' का बड़ा खुलासा! चीनी मास्टरमाइंड समेत 3 पर चार्जशीटZoom

एनआईए ने अंतरराष्ट्रीय ह्यूमन ट्रैफिकिंग और साइबर फ्रॉड रैकेट के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने एक इंटरनेशनल ह्यूमन ट्रैफिकिंग और साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है. जांच एजेंसी ने एक भगोड़ी चीनी महिला समेत तीन लोगों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की है. भारतीय युवाओं को नौकरी का झूठा वादा करके थाईलैंड लाया गया, फिर उन्हें म्यांमार के म्यावाडी इलाके में ट्रैफिक करके यूएस और यूके के नागरिकों को टारगेट करके साइबर क्राइम करने के लिए मजबूर किया गया. पीड़ितों को बहुत टॉर्चर किया गया और फिरौती मांगी गई.

नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने म्यांमार में सक्रिय एक अंतरराष्ट्रीय ह्यूमन ट्रैफिकिंग और साइबर फ्रॉड रैकेट के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. जांच एजेंसी ने बुधवार को इस संगठित अपराध सिंडिकेट के तीन मुख्य आरोपियों के खिलाफ पंचकूला (हरियाणा) की विशेष अदालत में चार्जशीट दायर की. इस मामले में एक फरार चीनी नागरिक का नाम भी शामिल है, जो इस पूरे खेल की मास्टरमाइंड बताई जा रही है.

कौन हैं ये आरोपी?

एनआईए द्वारा दायर चार्जशीट (केस आरसी-23/2025/एनआईए/डीएलआई) में तीन आरोपियों पर शिकंजा कसा गया है. इन आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और इमिग्रेशन एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. ये तीन नाम इस प्रकार है-

  1. अंकित कुमार उर्फ अंकित भारद्वाज
  2. इश्तिखार अली उर्फ अली
  3. लिसा (चीनी नागरिक, जो फिलहाल फरार है).

कैसे फंसाते थे युवाओं को?

जांच में सामने आया कि यह गिरोह मुख्य रूप से हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाता था. अंकित और इश्तिखार युवाओं को थाईलैंड में पक्की और भारी सैलरी वाली नौकरी का झांसा देते थे. चीनी मास्टरमाइंड लिसा के साथ मिलकर ये लोग ऑनलाइन इंटरव्यू आयोजित करते थे ताकि पीड़ितों को सिस्टम पर पूरा भरोसा हो जाए. एक बार जब युवा थाईलैंड पहुंच जाते, तो उन्हें अवैध तरीके से सीमा पार कराकर म्यांमार के कुख्यात म्यावाडी (Myawaddy) इलाके में भेज दिया जाता था.

साइबर स्कैम सेंटर

म्यांमार पहुंचने पर इन युवाओं की हकीकत बदल जाती थी. उन्हें वहां के साइबर स्कैम सेंटरों में कैद कर दिया जाता था. युवाओं को मजबूर किया जाता था कि वे सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाएं और अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के नागरिकों को फंसाएं. पीड़ितों को फर्जी ऐप्स के जरिए क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के लिए लुभाना उनका मुख्य काम था. यदि कोई युवा काम करने से मना करता, तो उसे बेरहमी से पीटा जाता, भूखा रखा जाता और बिजली के झटके जैसी यातनाएं दी जाती थीं. रिहाई के बदले परिवारों से भारी फिरौती भी मांगी जाती थी.

अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का खुलासा

एनआईए की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि यह केवल कुछ लोगों का काम नहीं है, बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया में सक्रिय एक विशाल क्रिमिनल नेटवर्क है. इस सिंडिकेट में भारतीय, थाई और चीनी एजेंट मिलकर काम कर रहे हैं, जो सीधे तौर पर युवाओं की आर्थिक तंगी का फायदा उठाते हैं. हरियाणा पुलिस से केस हाथ में लेने के बाद एनआईए अब इस रैकेट की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.

About the Author

authorimg

Deep Raj Deepak

दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें

By uttu

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *