तेलंगाना नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस की जय-जय, हवा में उड़े KCR-ओवैसी
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Telangana Local Body Election Results: एक मुद्दत के बाद राहुल गांधी और कांग्रेस के लिए अच्छी खबर आई है. तेलंगाना के शहरी निकाय चुनाव में सत्तारूढ़ पार्टी ने जबर्दश्त सफलता हासिल की है. बीआरएस, बीजेपी और असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM हवा में उड़ गई है. सबसे ज्यादा नुकसान के. चंद्रशेखर राव की पार्टी बीआरएस को हुआ है.

तेलंगाना स्थानीय शहरी निकाय चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने प्रचंड जीत हासिल की है. मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने जनता का आभार जताया है. (फोटो: PTI)
Telangana Local Body Election Results: तेलंगाना में सरकार में वापसी के दो साल बाद कांग्रेस ने शहरी राजनीति में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है. 11 फरवरी को हुए नगर निकाय चुनावों में पार्टी की 116 में से कम से कम 83 नगरपालिकाओं और सात में से पांच नगर निगमों में जीत पक्की है. नतीजों ने राज्य की शहरी सियासत में नए समीकरणों के संकेत दिए हैं. कांग्रेस ने मंचेरियल, रामागुंडम और नलगोंडा नगर निगमों में बहुमत हासिल कर लिया था, जबकि 60 सदस्यीय महबूबनगर नगर निगम में 29 सीटें जीतकर वह बीआरएस से सत्ता छीनने के करीब पहुंच गई. कोठागुडेम में कांग्रेस और उसकी सहयोगी सीपीआई को 22-22 सीटें मिलीं, जहां मेयर पद को लेकर दोनों दलों के बीच बातचीत चल रही है.
2,996 वार्डों वाले 123 शहरी स्थानीय निकायों में कांग्रेस ने 1,537 सीटें जीतकर बड़ी छलांग लगाई है. साल 2020 के चुनावों में पार्टी को केवल 569 सीटें मिली थीं. इससे पहले दिसंबर 2025 के ग्रामीण चुनावों में भी कांग्रेस ने अधिकांश पंचायतों में जीत दर्ज की थी. मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इस जीत को सरकार की दो साल की कल्याणकारी और विकास नीतियों पर जनता की मुहर बताया. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में मतदाताओं और कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि यह जनादेश सरकार की जिम्मेदारी और बढ़ाता है. सीएम रेवंत ने कहा कि इस प्रचंड विजय के साथ हम राज्य के विकास, जनकल्याण और पारदर्शी शासन के प्रति फिर से समर्पित होते हैं.
KCR की BRS को जोरदार झटका
बीआरएस को इस बार बड़ा झटका लगा है. पार्टी 2020 में 1,686 वार्ड जीतने के मुकाबले इस बार 781 वार्डों पर सिमट गई और उसे 15 नगरपालिकाएं मिलीं. भाजपा ने अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए 335 वार्ड जीते, जो पिछली बार 293 थे. असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM को 70 सीटें मिलीं, जो पिछले चुनाव में 87 थीं. ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा ने करीमनगर और निजामाबाद नगर निगमों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर सबको चौंकाया. 16 फरवरी को होने वाले मेयर और चेयरपर्सन चुनाव में मनोनीत सदस्यों और 181 निर्दलीयों की भूमिका अहम मानी जा रही है. कुछ नगर निकायों में त्रिशंकु स्थिति बनी है, जिससे राजनीतिक जोड़-तोड़ और दल-बदल की आशंकाएं भी सामने आई हैं.
तेलंगाना के समीकरण में कितना बदलाव?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शहरी मतदाताओं ने कांग्रेस को स्पष्ट बढ़त दी है, लेकिन बीआरएस और भाजपा ने भी कड़ी टक्कर दी. एक वरिष्ठ पर्यवेक्षक के मुताबिक, ये नतीजे दिसंबर 2023 के विधानसभा चुनावों के बाद बदलते राजनीतिक रुझानों को दर्शाते हैं, हालांकि इससे राज्यस्तरीय समीकरणों में बड़ा बदलाव होने की संभावना कम है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने दावा किया कि उनकी पार्टी छह नगरपालिकाओं में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. एआईएमआईएम ने भैंसा नगरपालिका में सबसे बड़ी पार्टी बनने के साथ निजामाबाद निगम में भी मजबूत प्रदर्शन किया. हालांकि, हैदराबाद के जीएचएमसी सहित आउटर रिंग रोड के शहरी क्षेत्र के दो अन्य निगमों और खम्मम व वारंगल नगर निगमों में अभी चुनाव नहीं हुए हैं. इन निकायों के चुनाव भविष्य में राज्य की शहरी राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें
