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US-इजरायल का मुकाबला कब तक कर पाएगा ईरान? मिसाइल-ड्रोन का स्टॉक हो रहा खत्म – how long can iran sustain us israel attacks missile drone stock depleting lclar

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मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच पश्चिमी अधिकारियों का मानना है कि ईरान मौजूदा रफ्तार से हमले सिर्फ कुछ और दिनों तक ही जारी रख सकता है. अधिकारियों के अनुसार हाल के दिनों में हमलों की गति पहले ही धीमी पड़ गई है. खुफिया आकलन में यह संकेत मिला है कि इसकी एक बड़ी वजह अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के भीतर लॉन्च साइट्स और स्टोरेज डिपो पर किए जा रहे हमले हो सकते हैं.

हालांकि अधिकारी यह भी मान रहे हैं कि ईरान जानबूझकर हमलों की रफ्तार कम कर सकता है ताकि संघर्ष लंबा खिंच सके. उनका कहना है कि यह स्थिति अभी कुछ समय तक जारी रह सकती है. अब तक दस अलग-अलग देशों को सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलों और सैकड़ों ड्रोन के जरिए निशाना बनाया जा चुका है.

ईरान के हमलों की रफ्तार हुई धीमी

अधिकारियों का कहना है कि इन देशों ने अपनी पैट्रियट और अन्य एयर डिफेंस मिसाइलों के बड़े हिस्से का इस्तेमाल कर लिया है. लगातार हो रहे हमलों के कारण एयर डिफेंस सिस्टम पर दबाव बढ़ा है. ब्रिटेन के वे विशेषज्ञ, जिन्होंने यूक्रेन में ड्रोन हमलों का मुकाबला करने में मदद की थी, अब मिडिल ईस्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं. वे वहां संबंधित देशों को ड्रोन खतरे से निपटने के तरीकों पर सलाह देंगे.

अधिकारियों ने यह भी कहा है कि उनका मानना नहीं है कि साइप्रस स्थित RAF Akrotiri पर हमला करने वाला शहेद प्रकार का ड्रोन सीधे ईरान से दागा गया था. यह आकलन उस ड्रोन की रेंज और क्षमता के आधार पर किया गया है. हालांकि वे यह बताने से बच रहे हैं कि ड्रोन कहां से छोड़ा गया. लेबनान, जो साइप्रस के ज्यादा करीब है और जहां ईरान समर्थित समूह जैसे हिजबुल्लाह मौजूद हैं, संभावित लॉन्च साइट माना जा रहा है.

दस देशों पर सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन से हमला
 

ब्रिटेन का युद्धपोत HMS Dragon फिलहाल साइप्रस के लिए रवाना होने की तैयारी में है. यह Type 45 डेस्ट्रॉयर नियमित रखरखाव के दौर से गुजर रहा था और अब इसे दोबारा हथियारों से लैस किया जा रहा है. इसके अगले सप्ताह पूर्वी भूमध्य सागर के लिए रवाना होने की संभावना है. Dragon से उड़ान भरने वाले दो Wildcat हेलीकॉप्टर पहले भेजे जा सकते हैं.

HMS Dragon की साइप्रस के लिए तैयारी

अब तक ब्रिटेन के डिएगो गार्सिया और ग्लॉस्टरशायर स्थित RAF Fairford बेस पर उन अमेरिकी विमानों की तैनाती नहीं हुई है जिनका उपयोग ईरानी लॉन्च साइट्स को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है. हालांकि अधिकारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में ये विमान वहां पहुंचना शुरू कर सकते हैं. मौजूदा हालात में मिडिल ईस्ट का तनाव कई देशों की सुरक्षा व्यवस्था और सैन्य तैयारी की बड़ी परीक्षा बन गया है.
 

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By uttu

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