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Us-iran Talks:जिनेवा में अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता, पश्चिम एशिया में सैन्य जमावड़े से बढ़ी जंग की आशंका – Us-iran Indirect Nuclear Talks Resume In Geneva Amid Rising Military Tensions In Middle East

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अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बार फिर अप्रत्यक्ष वार्ता शुरू हो गई है। स्विट्जरलैंड के जिनेवा में हो रही इस बातचीत पर पूरी दुनिया की नजर है, क्योंकि इसी के साथ पश्चिम एशिया में सैन्य हलचल भी तेज हो गई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के लिए नया समझौता चाहते हैं। वहीं ईरान का कहना है कि उसे यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) का अधिकार है और वह अपने मिसाइल कार्यक्रम या क्षेत्रीय संगठनों के समर्थन जैसे मुद्दों पर चर्चा नहीं करेगा।

युद्ध टालने की कोशिश, लेकिन खतरा बरकरार

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जिनेवा रवाना होने से पहले चेतावनी दी कि अगर अमेरिका हमला करता है तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने निशाने पर होंगे। उन्होंने कहा यह किसी के लिए जीत की स्थिति नहीं होगी। पूरा क्षेत्र एक विनाशकारी युद्ध की चपेट में आ सकता है। ईरान पहले ही संकेत दे चुका है कि वह इस्राइल को भी निशाना बना सकता है, जिससे पूरे मध्य पूर्व में बड़े संघर्ष की आशंका बढ़ गई है।

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ओमान की मध्यस्थता, IAEA से भी चर्चा

यह वार्ता ओमान की मध्यस्थता में हो रही है। ओमान लंबे समय से ईरान और पश्चिमी देशों के बीच संवाद का पुल रहा है। बातचीत में संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख से भी संपर्क किया गया। ओमान के विदेश मंत्री ने इसे रचनात्मक और सकारात्मक चर्चा बताया है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों पक्षों ने करीब तीन घंटे तक बातचीत की और फिर अपने-अपने सरकारों से परामर्श के लिए विराम लिया।

पिछले साल युद्ध से टूटी थी बातचीत

पिछले वर्ष कई दौर की वार्ता उस समय पटरी से उतर गई थी जब इस्राइल ने ईरान पर 12 दिन तक हमले किए और अमेरिका ने भी ईरान के परमाणु ठिकानों पर भारी बमबारी की। हालांकि नुकसान की पूरी तस्वीर अभी स्पष्ट नहीं है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान फिलहाल यूरेनियम संवर्धन नहीं कर रहा, लेकिन वह उस स्तर तक पहुंचने की कोशिश में है जहां से परमाणु हथियार बनाना संभव हो सके।

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ी सैन्य हलचल

उधर, अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के जहाजों की गतिविधियों में भी बदलाव देखा गया है। सैटेलाइट तस्वीरों से संकेत मिला है कि बहरीन स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डे से कई पोत समुद्र में तैनात किए गए हैं। तेल बाजार भी इस तनाव से प्रभावित है। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। पिछली वार्ता के दौरान ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही अस्थायी रूप से रोकने का संकेत दिया था, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ा था।

 

By uttu

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