अमेरिका और इस्राइल की ईरान से जंग का आज 26वां दिन है। तीन हफ्तों से ज्यादा के अपने सैन्य अभियान में अब तक अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर ढेरों बम बरसाए हैं और उसके शीर्ष नेतृत्व, जिसमें सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और अली लारिजानी जैसे नाम शामिल हैं, को निशाना बनाया। जवाब में ईरान ने भी इस्राइल और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर वार किए और उसे बड़े सैन्य और आर्थिक नुकसान पहुंचाए। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भले ही ईरानी शीर्ष नेतृत्व से बातचीत की बात कहते हुए इस हफ्ते ईरान के ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बनाने का आदेश टाल दिया हो, लेकिन पश्चिम एशिया में संघर्ष का दौर अभी भी जारी है।
ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर अमेरिका की ईरान में रणनीति क्या रही है और किस तरह यह नीति लगातार बदलती रही है? बीते तीन हफ्तों में ईरान पर अमेरिका के अभियानों का क्या असर हुआ है और कैसे वह अब तक इस्राइल-अमेरिका के साझा हमलों के बावजूद युद्ध के मैदान पर टिका हुआ है? यह ट्रंप की रणनीति को लेकर क्या कहता है? आइये जानते हैं…
