ईरान की सेना ने खाड़ी क्षेत्र में एक ही दिन में दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मार गिराने का दावा किया है. ईरान के पब्लिक ब्रॉडकास्टर ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकॉस्टिंग’ (IRIB) के मुताबिक, अमेरिका के A-10 थंडरबोल्ट विमान को ईरान आर्मी के एयर डिफेंस सिस्टम ने निशाना बनाया, जिसके बाद वह दुर्घटनाग्रस्त होकर फारस की खाड़ी में गिर गया. इससे पहले दिन में, अमेरिका एक F-15E स्ट्राइक ईगल विमान ईरानी एयरस्पेस में क्रैश हो गया. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस विमान को एयर डिफेंस सिस्टम से मार गिराने का दावा किया.
अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी दोनों विमानों के क्रैश होने की पुष्टि की है. एनवाईटी की रिपोर्ट के मुताबिक F-15E स्ट्राइक ईगल विमान में पायलट और गनर सवार थे, इनमें से एक को अमेरिका ने रेस्क्यू कर लिया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है. इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मिडिल ईस्ट में अमेरिकी विमानों के गिरने से ईरान के साथ वार्ता में कोई रुकावट नहीं आएगी. उन्होंने अमेरिकी वायुसेना को हुए नुकसान को युद्ध का हिस्सा बताया. ट्रंप के दावे के विपरीत एक अन्य अमेरिकी अखबार ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक समाधान निकालने का प्रयास बेपटरी हो गया है और दोनों देशों के बीच वार्ता नहीं हो रही.
इधर, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायली हमलों में ईरान की करीब 70% स्टील उत्पादन क्षमता नष्ट हो चुकी है, जिससे हथियार बनाने की उसकी क्षमता को बड़ा झटका लगा है. वहीं, ईरान और उसके सहयोगियों ने इजरायल और खाड़ी देशों में अमेरिका से जुड़े ठिकानों पर जवाबी हमले तेज कर दिए हैं. पश्चिम एशिया में ईरान अमेरिका से जुड़े ठिकानों के साथ-साथ ऊर्जा और नागरिक बुनियादी ढांचे को भी निशाना बना रहा है. एक महीने से जारी इस युद्ध के थमने के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं.
