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दिल्ली-एनसीआर प्रदूषण: सुप्रीम कोर्ट ने बच्चों की खेल गतिविधियों पर CAQM को निर्देश

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Delhi AQI Latest News: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण और बच्चों के स्वास्थ्य खतरे को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने CAQM से कहा है कि स्कूलों की खेल गतिविधियों को उन महीनों में शिफ्ट करने पर विचार किया जाए, जब हवा ज्यादा साफ रहती है. कोर्ट ने कहा कि जहरीली हवा में बच्चों को मैदान में भेजना जोखिम भरा है. केंद्र और दिल्ली सरकार को भी लांग-टर्म रणनीति बनाने के निर्देश दिए गए हैं. अब फैसला CAQM और हाई कोर्ट की कार्रवाई पर निर्भर करेगा.

गैस-चैंबर में खेल बंद? SC बच्चों की हेल्‍थ पर सख्‍त, CAQM को दे डाला आदेशसुप्रीम कोर्ट ने सख्‍त रुख अख्तियार किया.
दिल्ली-एनसीआर की जहरीली हवा और बच्चों पर पड़ रहे उसके खतरनाक असर को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अहम टिप्पणी की. कोर्ट ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग यानी CAQM से साफ कहा कि वह इस सुझाव पर गंभीरता से विचार करे कि स्कूलों में होने वाली खेल गतिविधियों को ऐसे महीनों में शिफ्ट किया जाए जब हवा तुलनात्‍मक तौर पर साफ हो. सुप्रीम कोर्ट ने माना कि इस मौसम में बच्‍चों को स्‍कूल में बाहर खेलने देने का मतलब है उन्‍हें गैस-चैंबर में धकेलना है. यह टिप्पणी उस समय आई जब कोर्ट को बताया गया कि प्रदूषण की वजह से बच्चों की खुली जगहों में गतिविधियों पर गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बढ़ गया है.

NIA ने अलमोल की मांगी 15 दिन की कस्‍टडी
पटियाला हाउस कोर्ट में गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई की पेशी के दौरान माहौल बेहद तनावपूर्ण रहा. NIA ने कोर्ट से बिश्नोई की 15 दिन की पुलिस कस्टडी की मांग की है, ताकि गैंग की फंडिंग, विदेश कनेक्शन और हालिया सुपारी नेटवर्क पर गहराई से पूछताछ की जा सके. शाम 5 बजे बिश्नोई को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट रूम में लाया गया. सूत्रों के मुताबिक वह अपने वकील के साथ लगातार बातचीत कर रहा है जबकि NIA टीम कोर्ट को रिमांड के लिए विस्तृत ग्राउंड्स समझा रही है. सुनवाई अभी जारी है और जल्द ही कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा.

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CAQM जारी करे निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता की दलीलें सुनने के बाद CAQM से कहा कि वह इस दिशा में उचित दिशानिर्देश जारी करने पर विचार करे. कोर्ट को यह भी अवगत कराया गया कि इसी मुद्दे पर एक अलग याचिका दिल्ली हाई कोर्ट में भी दायर है, जिसकी सुनवाई दोपहर को निर्धारित है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट इस मामले में अपनी समझ के अनुसार आदेश पारित कर सकता है और दोनों अदालतें समानांतर रूप से बच्चों की सुरक्षा को लेकर काम कर सकती हैं.

बच्चों की फेफड़ों पर पड़ेगा गंभीर असर
यह निर्देश उस समय आया है जब सुप्रीम कोर्ट MC मेहता बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले में वर्षों से दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण संकट की निगरानी कर रहा है. नवंबर और दिसंबर के महीनों में AQI अक्सर “गंभीर” श्रेणी में पहुंच जाता है और इस वर्ष भी हालात इससे अलग नहीं रहे. स्कूलों, चिकित्सा विशेषज्ञों, पर्यावरण वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य एजेंसियों ने लगातार चेतावनी दी है कि बच्चों की फेफड़ों की क्षमता, इम्यून सिस्टम पर इस प्रदूषण का अत्यधिक गंभीर असर पड़ सकता है.

मार्च-अप्रैल या अगस्त–सितंबर में शिफ्ट हो स्‍पोर्ट्स एक्टिविटी
कोर्ट के समक्ष रखा गया यह तर्क भी महत्त्वपूर्ण था कि जब वयस्कों को भी इस जहरीली हवा से सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो ऐसे माहौल में बच्चों को मैदानों में खेल गतिविधियों के लिए भेजना न सिर्फ जोखिम भरा है बल्कि उनके भविष्य के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ भी है. याचिकाकर्ता ने कहा कि सर्द महीनों में आउटडोर स्पोर्ट्स को बंद या सीमित किया जाए, और उन्हें मार्च-अप्रैल या अगस्त–सितंबर जैसे अपेक्षाकृत साफ महीनों में आयोजित किया जाए.

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हाईकोर्ट में  भी चल रही सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने सहमति जताते हुए कहा कि CAQM को इस पहलू पर “व्यावहारिक और वैज्ञानिक रूप से” विचार करना चाहिए. अदालत ने केंद्र और दिल्ली सरकार को भी आगाह किया कि प्रदूषण से निपटने के लिए केवल अल्पकालिक कदम काफी नहीं हैं, लंबी अवधि की नीति, वायु गुणवत्ता सुधार के नियमित मूल्यांकन और बच्चों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. अब निगाहें CAQM और हाई कोर्ट की आगे की कारवाई पर टिकी हैं! क्या दिल्ली के बच्चों के लिए खेलकूद का कैलेंडर बदलने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट हो जाएगा.

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Sandeep Gupta

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्‍त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्‍कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्‍त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्‍कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें

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