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Mobile Network Connection : मकानों के अंदर मोबाइल नेटवर्क को सुधारने के लिए दूरसंचार नियामक ट्राई ने बड़ी तैयारी कर ली है. ट्राई ने कहा है कि भवनों के अंदर ज्यादा ताकतवर बैंड लगाए जाएंगे, ताकि घर के कोने-कोने में नेटवर्क को बेहतर बनाया जा सके.

ट्राई ने मोबाइल नेटवर्क बेहतर बनाने के लिए सरकार से सिफाशि की है.
नई दिल्ली. क्या आपके भी घर के कोने और बेसमेंट में मोबाइल नेटवर्क नहीं पकड़ता है तो जल्द ही यह समस्या दूर होने वाली है. दूरसंचार नियामक ट्राई ने पहली बार इस पर काम करना शुरू किया है. ट्राई का मानना है कि देश में मोबाइल की बढ़ती संख्या और डाटा की बढ़ती खपत के बावजूद आज भी मकानों और भवनों में मोबाइल नेटवर्क सही से नहीं पकड़ता है. इस समस्या को दूर करने के लिए ट्राई ने बिल्डिंग बनाते समय ताकतवर बैंड लगाने की बात कही है.
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के चेयरमैन एके लाहोटी ने कहा कि मोबाइल डेटा का इस्तेमाल और उसकी गति तेजी से बढ़ने के बावजूद लोग घरों और इमारतों के अंदर नेटवर्क की समस्या का सामना कर रहे हैं जिससे निर्माण योजनाओं में डिजिटल संपर्क ढांचे को शामिल करना अब जरूरी हो गया है. उन्होंने कहा कि डेटा की मांग को पूरा करने के लिए केवल मोबाइल नेटवर्क काफी नहीं हैं, खासकर एआई के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए अब नेटवर्क के पूरे ढांचे को बेहतर बनाना जरूरी है.
नियामक ने क्या बनाया प्लान
दूरसंचार नियामक ने नेटवर्क के ढांचे और ब्रॉडबैंड के विस्तार को बढ़ावा देने पर काम शुरू किया है, ताकि उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सके. नियामक के चेयरमैन ने कहा कि इमारतों के अंदर नेटवर्क की समस्या अब एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है. डेटा उपयोग बढ़ने के बावजूद घरों के अंदर खराब सिग्नल की शिकायतें लगातार मिल रही हैं. लिहाजा जरूरी है कि भवन निर्माण में डिजिटल संपर्क के लिए ढांचा अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए.
सरकार को भेज दी सिफारिश
लाहोटी ने बताया कि इस संबंध में दूरसंचार नियामक ने सरकार को सिफारिशें दी हैं, जिन्हें स्वीकार कर लिया गया है. अब इन्हें भवनों के डिजाइन और निर्माण प्रक्रियाओं में शामिल करना आवश्यक होगा. उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए दूरसंचार नियामक ने इमारतों में डिजिटल संपर्क की गुणवत्ता के आधार पर ‘रेटिंग’ देने का ढांचा भी तैयार किया है. इससे मकानों और व्यावसायिक इमारतों में नेटवर्क की गुणवत्ता में सुधार होगा.
मकानों में लगेंगे ताकतवर बैंड
ट्राई ने अक्टूबर 2024 में नियम जारी किए थे जिनके तहत मुख्य रूप से आवासीय और व्यावसायिक भवनों को उनकी डिजिटल संपर्क की गुणवत्ता के आधार पर ‘रेटिंग’ दी जाएगी. यह ‘रेटिंग’ दूरसंचार नियामक द्वारा अधिकृत एजेंसी प्रदान करेगी. लाहोटी ने साथ ही बताया कि ट्राई ने सरकार से दूरसंचार कंपनियों के लिए अतिरिक्त स्पेक्ट्रम उपलब्ध कराने की सिफारिश की है जिसमें 37 से 40 गीगाहर्ट्ज बैंड और 600 मेगाहर्ट्ज बैंड शामिल हैं. उन्होंने बताया कि 600 मेगाहर्ट्ज बैंड में भेजे जाने वाले सिग्नल मकानों के अंदर मोबाइल नेटवर्क को बेहतर बनाने में मदद करेंगे.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
