अब झेलिए गर्मी का डबल अटैक, आग उगलता दिन ही नहीं अब रातें भी बन रहीं जानलेवा
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दिल्ली और उत्तर भारत में भीषण गर्मी पड़ रही है. हाल ही में आईएमडी ने येलो अलर्ट जारी किया है और अगले दो दिनों भीषण गर्मी की चेतावनी दी है; वहीं अब CEEW के अनुसार गर्म रातों से स्वास्थ्य जोखिम बढ़ रहा है. विशेषज्ञ हीट एक्शन प्लान और कूल रूफ की सलाह दे रहे हैं.
दिल्ली एनसीआर और उत्तरी भारत में गर्मी का डबल अटैक होने वाला है.
राजधानी दिल्ली सहित पूरा उत्तर भारत इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है. आसमान से बरसती आग तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी कर रही है. यह गर्मी अभी और भी बढ़ने वाली है. हाल ही में भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार और बुधवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और अनुमान जताया है कि अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है.
हालांकि भीषण गर्मी के बीच सबसे खतरनाक चीज दिखाई दे रही है वह है गर्म रातें. हाल ही में हुई एक स्टडी में खुलासा हुआ था कि दिन के बजाय रात में घरों में गर्मी ज्यादा हो रही है और लंबे समय तक हो रही है. जिससे मई की रातें लोगों के लिए असहनीय होती जा रही हैं और लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है. अब यही बात काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर के विशेषज्ञों ने कही है.
डॉ. विश्वास चितले, फेलो, काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (CEEW) ने कहा है, ‘भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में लू (हीटवेव) चलने का अनुमान जताया है. दिल्ली में 18 से 20 मई के बीच तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है, जो राष्ट्रीय राजधानी में गर्मी का बढ़ता खतरा दर्शाता है.’
‘सीईईडब्ल्यू के जिला-स्तरीय आकलन के अनुसार, दिल्ली के आधे से अधिक जिले भीषण गर्मी के अति उच्च जोखिम (वेरी हाई रिस्क) श्रेणी में आते हैं. उत्तर-पश्चिम दिल्ली और नई दिल्ली जैसे जिलों में, 1982-2011 की तुलना में 2012-2022 के बीच प्रतिवर्ष बहुत अधिक गर्मी वाली 3-4 रातों की वृद्धि दर्ज की गई है. रातों का गर्म होना बहुत अधिक चिंताजनक है, क्योंकि इससे शरीर को दिन की गर्मी से छुटकारा पाने का मौका नहीं मिल पाता है.’
डॉ. चितले आगे कहते हैं कि इस समस्या से निपटने के लिए शहरों को प्रतिक्रियात्मक कार्रवाई या आपातकालीन कदमों की जगह पर हीट एक्शन प्लान को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ना होगा. इसके लिए गर्मी और सेहत से जुड़ी चेतावनी प्रणाली, कूलिंग सेंटर, पानी की व्यवस्था और खुली जगहों पर काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा जैसे कदम उठाने होंगे. इसके अलावा, छतों को ठंडा रखने वाली तकनीक (कूल रूफ), शहरों को हरा-भरा बनाने, जल निकायों (तालाबों-झीलों) का पुनरुद्धार और गर्मी का सामना करने में सक्षम बुनियादी ढांचे में दीर्घकालिक निवेश करने की जरूरत है. वर्ष 2024 से, राज्य आपदा प्रबंधन कोष (SDMF) के तहत लू का सामना करने के लिए बजट का प्रावधान किया गया है, इसलिए दिल्ली के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है कि वह वैज्ञानिक तरीकों से गर्मी के शमन और इसका सामना करने की तैयारियों को बड़े स्तर पर लागू करे.’
ऐसे में सीईईडब्ल्यू के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं क्योंकि रात का तापमान बढ़ने से लोग लगातार गर्मी में रह रहे हैं. इससे लोगों के शरीर में गर्मी से लड़ने की क्षमता और कूलिंग सिस्टम प्रभावित हो रहा है. डॉक्टरों का कहना है कि डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और अन्य गर्मी संबंधी बीमारियों के केस बढ़ रहे हैं.
लिहाजा विशेषज्ञों का सुझाव है कि दिल्ली सरकार को हीट एक्शन प्लान को तुरंत प्रभावी बनाना चाहिए. कूलिंग सेंटर खोलना, मजदूरों के लिए छाया और पानी की व्यवस्था तथा जागरूकता अभियान चलाना जरूरी है. लंबे समय में हरित क्षेत्र बढ़ाना और कूल रूफ टेक्नोलॉजी अपनाना गर्मी के प्रभाव को कम कर सकता है.
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Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें
