एयर फेयर पर पड़ी मिडिल ईस्ट संकट की मार, इंडिगो ने ₹10000 तक बढ़ाए अपने किराए
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अमेरिका इजराइल ईरान युद्ध के चलते मिडिल ईस्ट में जारी संकट की मार फ्लाइट्स के किरायों पर पड़ी है. इस मार के बाद इंडिगो ने अपने एयर फेयर में 275 रुपए से लेकर 10 हजार रुपए तक की बढ़ोत्तरी की है. यह बढ़ोत्तरी फ्लाइट्स की दूरी के आधार पर की गई है.

इंडिगो ने अपने एयर फेयर में 10 हजार रुपए तक की बढ़ोत्तरी की हे. (फाइल फोटो)
IndiGo Fuel Charge Hike: अमेरिका-ईरान के बीच जारी जंग के चलते मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब सिर्फ कूटनीति और तेज-गैस तक सीमित नहीं रहा. अब इसकी सीधी मार एविएशन सेक्टर पर भी पड़ना शुरू हो गई है. दरअसल, मिडिल ईस्ट के साथ वेस्ट एशिया में शुरू हुई खींचता के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से उछाल आया है. जिसकी वजह से एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतें भी तेजी से बढ़ना शुरू हो गई है. नतीजतन, अब एयरलाइंस ने भी अपने फ्लाइट्स के एयर फेयर बढ़ाना शुरू कर दिए है.
भारत में एयर फेयर बढ़ाने की शुरूआत इंडिगो की तरफ से की गई है. इंडिगो ने अपने डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स के एयर फेयर में 275 रुपए से लेकर 10 हजार रुपए तक एटीएफ चार्ज वसूलने की बात कही है. एयरलाइन के अनुसार, 2 अप्रैल 2026 की आधी रात के बाद बुक होने वाले सभी टिकटों पर नए फ्यूल चार्ज लागू होंगे. नए फ्यूल चार्ज को फ्लाइट की दूरी के हिसाब से लागू किया गया है. डोमेस्टिक सेक्टर में अब 0 से 500 किलोमीटर तक की फ्लाइट पर 275 रुपये, 500 से 1000 किलोमीटर तक 400 रुपये, 1000 से 1500 किलोमीटर तक 600 रुपये बतौर एटीएफ चार्ज देने होंगे.
इसके अलावा, 1500 से 2000 किलोमीटर तक की डोमेस्टिक फ्लाइट पर 800 रुपये और 2000 किलोमीटर से अधिक दूरी की डोमेस्टिक फ्लाइट्स पर 950 रुपये फ्यूल चार्ज देना होगा.
इंटरनेशनल सेक्टर में पर पड़ी फ्यूल चार्ज की बड़ी मार
इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर एविएशन प्यूल चार्ज की मार अधिक देखने को मिली है. एयरलाइन ने अपने इंटरनेशनल सेक्टर की फ्लाइट्स पर फ्यूल चार्ज के तौर पर 900 रुपए से लेकर 10 हजार रुपए तक चार्ज करने की बात कही गई है. इसमें सबसे कम 900 रुपए का फ्यूल चार्ज भारतीय उपमहाद्वीप के लिए उड़ान भरने वाली फ्लाइट पर लगाया गया है. वहीं सबसे अधिक 10 हजार रुपए का फ्यूल चार्ज यूके और यूरोप जाने वाली फ्लाइट्स पर लगाया गया है. ऐसे में आने वाली गर्मियों की छुट्टियों में आपके लिए विदेश यात्रा इस बार काफी महंगी साबित हो सकती है.
इंटरनेशनल सेक्टर में किस फ्लाइट में कितना फ्यूल चार्ज
| रूट्स | दूरी़ | फ्यूल चार्ज |
| भारतीय उपमहाद्वीप | 500 किमी तक | ₹900 |
| 500 किमी से अधिक | ₹2,500 | |
| गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल और मिडिल ईस्ट | 2,000 किमी तक | ₹3,000 |
| 2,000 किमी से अधिक | ₹5,000 | |
| साउथ-ईस्ट एशिया और चीन | 2,000 किमी तक | ₹3,500 |
| 2,000 किमी से अधिक | ₹5,000 | |
| अफ्रीका | ₹5,000 | |
| ग्रीस और तुर्की | ₹7,500 | |
| UK और यूरोप | ₹10,000 | |
क्या भविष्य में एयर फेयर और बढ़ने की संभावना है?
एविएशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर अमेरिका-ईरान के बीच तनाव जारी रहता है तो तेल की कीमतें ऊंचाई छू सकती हैं. ऐसे में एयरलाइंस के लिए ऑपरेशन कॉस्ट को कंट्रोल करना मुश्किल होगा. नतीजतन, एयर फेयर में अभी और बढ़ोतरी हो सकती है. वहीं, इस बढ़ोत्तरी का सीधा असर पैसेंजर्स और ट्रैवल डिमांड पर पड़ सकता है.
क्या भविष्य में एटीएफ चार्ज कम होने की संभावना है?
इंडिगो का कहना है कि वह एटीएफ की कीमतों में हुई बढ़ोत्तरी का पूरा बोझ पैसेंजर्स पर नहीं डाल रही है, बल्कि सीमित स्तर पर ही चार्ज बढ़ाए गए हैं. यह फैसला अचानक बदले ऑपरेटिंग इनवायरमेंट के कारण लेना पड़ा है. साथ ही एयरलाइन ने भरोसा दिलाया है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार आगे भी बदलाव किए जाएंगे.
क्या एटीएफ को लेकर सरकार की तरफ को कोई कदम उठाया गया है?
सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए दखल दिया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने घरेलू उड़ानों के लिए एटीएफ की कीमतों में केवल 25% की आंशिक की बढ़ोत्तरी की बात कही है. साथ ही, दोनों मंत्रालयों ने इस बढ़ोत्तरी को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का फैसला लिया है.
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Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें
