कम पानी और कम लागत में करनी है मोटी कमाई, तो करें सिट्रोनेला की खेती
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मुरादाबाद के किसान पारंपरिक फसलों के साथ अब सिट्रोनेला यानी नींबू घास की खेती की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. यह फसल कम पानी और कम उपजाऊ जमीन में भी आसानी से उगाई जा सकती है. कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार एक बार लगाने पर यह 5 साल तक उत्पादन देती है और किसान इससे सालाना 1 लाख रुपये से अधिक का मुनाफा कमा सकते हैं.
मुरादाबाद के किसान पारंपरिक फसलों के अलावा सिट्रोनेला (नींबू घास) की खेती करके अच्छा मुनाफा कमा सकतें है. इस फसल को करने में (लगभग 1 लाख से 1.2 लाख रुपये) का शानदार मुनाफा कमा सकते हैं. यह कम उपजाऊ और कम पानी वाली भूमि पर भी आसानी से उगाई जा सकती है. इसके साथ ही यह एक ऐसी फसल है. जो एक बार लगाने के बाद लगातार 5 साल तक उत्पादन देती है. जिससे किसान अच्छा मुनाफा कमा सकता है.
अच्छी फसल है सिट्रोनेला
मुरादाबाद के कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदीरत्ता के अनुसार, सिट्रोनेला एक लाभदायक नकदी फसल है.जिसे मुख्य रूप से तेल के लिए उगाया जाता है. यह बारहमासी फसल है. एक बार लगाने पर 5 साल तक लगातार पैदावार देती है. इसे बलुई दोमट और दोमट मिट्टी में आसानी से उगाया जा सकता है. खेती स्लीप यानी पौधे के कटिंग वाले हिस्से से की जाती है. एक हेक्टेयर में 35,000 से 40,000 स्लीप लगती हैं. गर्मी का मौसम इसकी बुवाई के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है.
दो बार कर सकतें है कटाई
सिट्रोनेला की फसल को साल में दो बार काटा जा सकता है. आसवन विधि से पौधों से तेल निकाला जाता है. एक हेक्टेयर से लगभग 250 से 300 किलोग्राम तक तेल प्राप्त हो जाता है. चूंकि यह तेल वाली फसल है. इसलिए मिट्टी में सल्फर की पर्याप्त मात्रा होना जरूरी है. अगर सल्फर कम हो तो जैविक और गोबर की खाद डालकर उत्पादन बढ़ाया जा सकता है. फसल को लगभग 120 किलोग्राम नाइट्रोजन प्रति हेक्टेयर की जरूरत होती है. कम देखभाल और लंबे समय तक आमदनी देने के कारण सिट्रोनेला किसानों के लिए मुनाफे का सौदा बन रही है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें
