Last Updated:
RSS Congress News: जबलपुर में दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कांग्रेस ने कई बार RSS पर बैन लगाने की कोशिश की, लेकिन जनता ने RSS को स्वीकार किया है और कोर्ट ने भी संघ के पक्ष में फैसला दिया है.
दत्तात्रेय होसबाले ने कांग्रेस पर निशाना साधा. (एएनआई)जबलपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस ने पहले भी कई बार संघ पर बैन लगाने की कोशिश की है, लेकिन भारत के लोगों ने RSS को स्वीकार किया है. वह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के उस बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थ, जिसमें उन्होंने संघ पर बैन लगाने की मांग करते हुए हुए इसकी विचारधारा को ‘जहर’ बताया था. होसबाले ने मध्य प्रदेश के जबलपुर में RSS की अखिल भारतीय कार्यकारी बैठक में शामिल होने के बाद कहा, “कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि वह RSS पर बैन क्यों लगाना चाहती है. RSS पर बैन लगाने की कोशिशें पहले भी नाकाम रही हैं. लोग लगातार RSS से जुड़ रहे हैं, जो साफ तौर पर संघ के लिए उनके प्यार को दिखाता है.”
दत्तात्रेय होसबाले ने कहा, “कांग्रेस ने पहले भी संघ पर प्रतिबंध लगाने की कई बार कोशिश की है. उन्हें पिछले अनुभवों से सीखना चाहिए. उनके एक बड़े नेता ने तीन बार बैन लगाने की कोशिश की थी, तब क्या हुआ था? कोर्ट और लोगों दोनों ने अपना फैसला सुनाया था. RSS आगे बढ़ रहा है. बैन लगाने का कोई वैलिड कारण होना चाहिए; यह सिर्फ इसलिए नहीं किया जा सकता क्योंकि कोई ऐसा चाहता है. आप उस संघ पर बैन लगाना चाहते हैं जो भारत की सुरक्षा और सांस्कृतिक सुरक्षा के लिए काम करता है. समाज ने संघ को स्वीकार कर लिया है. ऐसे नेताओं को इतिहास से सीखना चाहिए.”
दत्तात्रेय होसबाले ने यह भी कहा कि संघ जाति-आधारित जनगणना के खिलाफ नहीं है, लेकिन यह राजनीतिक रूप से प्रेरित नहीं होनी चाहिए और इसका मकसद सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़े समुदायों की पहचान करके उनकी प्रगति करना होना चाहिए. पत्रकारों से बात करते हुए होसबाले ने दावा किया कि लोग अक्सर जाति या पैसे के आधार पर वोट देते हैं और ऐसी प्रथाओं को खत्म करने के लिए जागरूकता की जरूरत है.
आरएसएस नेता ने कहा, “चुनावों के दौरान, वोट हासिल करने के लिए ही जाति-आधारित टिप्पणियां की जाती हैं। देश की प्रगति के लिए एकता और सद्भाव जरूरी है. जातिगत अहंकार सामाजिक कलह पैदा कर रहा है. हिंदू समाज में कई जातियां और संप्रदाय हैं, साथ ही आध्यात्मिक संगठन भी हैं. समाज में आत्मविश्वास को मजबूत करने के लिए सामाजिक सद्भावना की भावना बढ़नी चाहिए.”
जाति जनगणना के बारे में एक सवाल के जवाब में होसबाले ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही कह चुका है कि अगर जरूरी हो तो यह किया जा सकता है. उन्होंने कहा, “ऐसे आंकड़े कल्याणकारी योजनाओं के लिए उपयोगी हैं. इसका इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि इससे समाज बंटेगा. कुछ जातियां पिछड़ी रह गई हैं और उन्हें सशक्तीकरण की जरूरत है. अगर सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाने के लिए आंकड़ों की जरूरत है, तो उसे इकट्ठा किया जाना चाहिए.”
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h… और पढ़ें
