जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में पुलिस ने आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सैफुल्लाह ग्रुप से जुड़े दो कथित ओवरग्राउंड वर्कर्स को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक ये आरोपी विदेशी आतंकियों को मदद पहुंचाने और उनके लिए सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने में शामिल थे. पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है.
पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई सिंहपोरा-चतरू इलाके में चलाए गए विशेष ऑपरेशन के दौरान की गई. इस मामले में एफआईआर नंबर 03/2026 दर्ज की गई है. आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के साथ यूएपीए और आर्म्स एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं. पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपी आतंकियों को हर तरह की मदद पहुंचा रहे थे.
किश्तवाड़ के एसएसपी नरेश सिंह ने बताया कि जांच और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने मशकूर अहमद को गिरफ्तार किया. आरोपी मशकूर अहमद मोहम्मद रमजान का बेटा है और सिंहपोरा के बेघपोरा इलाके का रहने वाला है. वह स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षक के तौर पर काम करता था. पुलिस के अनुसार वह आतंकियों के ठिकाने तैयार कराने और उन्हें सहयोग देने में सीधे तौर पर शामिल था.
पुलिस का कहना है कि मशकूर अहमद की गिरफ्तारी से आतंकियों को मिलने वाला महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक सपोर्ट कमजोर हुआ है. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी लंबे समय से आतंकी नेटवर्क के संपर्क में था. पुलिस अब उसके अन्य साथियों और संपर्कों की भी जांच कर रही है ताकि पूरे मॉड्यूल का पर्दाफाश किया जा सके.
इससे पहले इसी मामले में मनीर अहमद नाम के एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया था. मनीर अहमद बांदेयान नैडगाम इलाके का रहने वाला है. पुलिस के मुताबिक उस पर भी विदेशी आतंकियों की मदद करने और उन्हें सुरक्षित सहयोग उपलब्ध कराने के आरोप हैं. दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा है कि आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ उसकी नीति पूरी तरह जीरो टॉलरेंस की है. पुलिस ने साफ किया कि जो भी व्यक्ति आतंकियों को शरण, मदद या संसाधन उपलब्ध कराएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सुरक्षा एजेंसियां क्षेत्र में लगातार सर्च ऑपरेशन और निगरानी अभियान चला रही हैं.
पुलिस ने यह भी दोहराया कि जम्मू-कश्मीर में शांति, कानून व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा बनाए रखना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. अधिकारियों का कहना है कि आतंकवाद से जुड़े नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा. पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके.
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