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परंपरा पर मंदी की मार! बहराइच में नहीं लगेगा 50 साल पुराना मशहूर मेला, हजारों कारीगरों की रोजी-रोटी पर संकट

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Bahraich Syed Salar Masood Ghazi Mela: बहराइच शहर के प्रसिद्ध स्थान सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर लगने वाला मेला न सिर्फ जिले में प्रसिद्ध है बल्कि जिले के साथ-साथ विश्व प्रसिद्ध भी है. बहराइच के इस ऐतिहासिक मेले के न लगने की कड़ी सीधे संभल से जुड़ी बताई जा रही है. लगभग 2 साल पहले संभल में नेजा मेले को लेकर विवाद और बवाल हुआ था. उसके बाद से ही सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बहराइच प्रशासन ने पिछले 50 साल से लगने वाले इस मेले की अनुमति देना बंद कर दिया.

बहराइच: बहराइच शहर के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर लगने वाला सालाना मेला न सिर्फ जिले में बल्कि देश और दुनिया भर में मशहूर है. हर साल लाखों जायरीन यहां पहुंचकर जियारत करते है और मेले का आनंद उठाते है. लेकिन पिछले 2 साल से दरगाह की जमीन पर सन्नाटा पसरा है मेला नहीं लग रहा. नतीजतन, हजारों लोगों की रोजी-रोटी पर संकट गहराता जा रहा है. लोग सवाल उठा रहे है कि आखिर इस परंपरा को थाम देने की वजह क्या है?

सैयद सालार मसूद गाजी का यह ऐतिहासिक मेला हर साल लगभग 1 महीने तक चलता था और हजारों परिवारों के लिए पूरे साल की आजीविका का सहारा बनता था. अब जब लगातार दूसरे साल भी मेला नहीं लगा तो इससे जुड़े लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. कई ढोल व्यापारी जो अलग-अलग जिलों से आकर 3 से 4 महीने पहले ही ढोल बनाना शुरू कर देते थे. बीते 2 साल से ढोल तो तैयार कर रहे है. लेकिन मेला न होने से उनकी सारी मेहनत बेकार जा रही है. कैमरे के सामने इन लोगों ने अपना दर्द बयां किया और बताया कि तैयार ढोल अब घरों में ही धूल खा रहे है.

सैकड़ों झोपड़ियों में पसरा सन्नाटा
ढोल बनाकर बेचने वाले कारीगरों के पूरे परिवार झोपड़ियों में रहकर दरगाह के पास के मैदान में ही डेरा डालते थे. तपती धूप और मुश्किल हालात में भी इन्हीं झोपड़ियों से उनका साल भर का गुजारा चल जाता था. लेकिन इस बार मेला न लगने से इन झोपड़ियों में उदासी छाई हुई है. यहां रहने वाली महिलाओं ने बताया कि जो भी पूंजी थी. वह सब ढोल बनाने में खर्च हो गई. अब स्थिति यह है कि परिवार का गुजारा मांगकर चलाना पड़ रहा है और तैयार माल बिक ही नहीं पा रहा.

मेला न लगने की वजह क्या?
बहराइच के इस ऐतिहासिक मेले के न लगने की कड़ी सीधे संभल से जुड़ी बताई जा रही है. लगभग 2 साल पहले संभल में नेजा मेले को लेकर विवाद और बवाल हुआ था. उसके बाद से ही सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बहराइच प्रशासन ने पिछले 50 साल से लगने वाले इस मेले की अनुमति देना बंद कर दिया. लोगों को उम्मीद थी कि हालात शांत होने के बाद इस बार मेला दोबारा लगेगा. रेहड़ी-पटरी वाले, छोटे व्यापारी और मेला कारीगर सब इसी आस में तैयारी कर रहे थे कि इस साल कमाई हो जाएगी. लेकिन लगातार दूसरे साल भी मेले की परमिशन नहीं मिली. अब मेले से जुड़े सैकड़ों-हजारों लोग, जिनकी कमाई का एकमात्र जरिया यही मेला था. गहरी परेशानी और अनिश्चितता में जिंदगी गुजारने को मजबूर है.

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Manish Rai

काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें

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