Published on: 28-Apr-2026
Updated on: 28-Apr-2026
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कृषि मशीनों पर 50%–80% तक सब्सिडी, ऐसे उठाएं फायदा
पंजाब सरकार ने किसानों को पराली जलाने की समस्या से राहत दिलाने और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से क्रॉप रेजिड्यू मैनेजमेंट (CRM) योजना के तहत बड़ी घोषणा की है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र खरीदने पर भारी सब्सिडी दी जा रही है। व्यक्तिगत किसानों को मशीनों की लागत पर 50% तक सब्सिडी मिलेगी, जबकि किसान समूहों, सहकारी समितियों, पंचायतों और एफपीओ (FPO) को 80% तक सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य खेती में नई तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ पर्यावरण को प्रदूषण से बचाना है, खासकर पराली जलाने जैसी समस्या को खत्म करना।
आवेदन की अंतिम तिथि और बजट की जानकारी
इस योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसानों के लिए समय बेहद महत्वपूर्ण है। आवेदन प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है और इसकी अंतिम तिथि 29 अप्रैल 2026, शाम 5 बजे निर्धारित की गई है। सरकार ने इस योजना के लिए लगभग ₹600 करोड़ का बजट निर्धारित किया है और इसके तहत करीब 25,000 नई CRM मशीनों की खरीद का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में जो किसान इस अवसर का लाभ उठाना चाहते हैं, उन्हें जल्द से जल्द आवेदन करना चाहिए ताकि वे सब्सिडी का फायदा उठा सकें।
CRM योजना क्या है और क्यों जरूरी है?
CRM यानी क्रॉप रेजिड्यू मैनेजमेंट योजना एक ऐसी पहल है, जो किसानों को फसल अवशेष (पराली) को जलाने की बजाय उसका सही तरीके से प्रबंधन करने के लिए प्रेरित करती है। इस योजना के तहत सरकार उन मशीनों पर सब्सिडी दे रही है, जो खेत में ही पराली को खत्म करने (इन-सीटू) या खेत से बाहर उसका उपयोग करने (एक्स-सीटू) में मदद करती हैं। इससे न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है बल्कि पर्यावरण प्रदूषण भी कम होता है और किसानों की लागत भी घटती है।
किन-किन मशीनों पर मिल रही है सब्सिडी?
- इन-सीटू मशीनें (खेत में ही पराली प्रबंधन)
- इन मशीनों की मदद से किसान खेत में ही पराली का निपटान कर सकते हैं और उसी खेत में अगली फसल की बुवाई भी कर सकते हैं।
- सुपर सीडर एक बेहद उपयोगी मशीन है, जो धान की कटाई के तुरंत बाद बिना जुताई के गेहूं की बुवाई कर देती है और इस पर लगभग ₹1.20 लाख तक की सब्सिडी मिल सकती है।
- हैप्पी सीडर पराली के ऊपर ही सीधे बुवाई करता है और मिट्टी की नमी बनाए रखने में मदद करता है।
- स्मार्ट सीडर हैप्पी सीडर का उन्नत रूप है, जिसमें बेहतर तकनीक और अधिक दक्षता मिलती है।
इसके अलावा जीरो टिल ड्रिल बिना जुताई के बीज बोने के लिए उपयुक्त है, जबकि पैडी स्ट्रॉ चॉपर, श्रेडर और मल्चर पराली को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर मिट्टी में मिला देते हैं, जिससे जैविक खाद बनती है।
एक्स-सीटू मशीनें (खेत से बाहर पराली प्रबंधन)
इन मशीनों का उपयोग पराली को इकट्ठा करके अन्य उपयोगों में लाने के लिए किया जाता है।
- बेलर (स्क्वायर और राउंड) पराली की गांठें बनाता है, जिन्हें बायोमास प्लांट्स या उद्योगों में बेचा जा सकता है।
- रेक पराली को इकट्ठा करके व्यवस्थित करता है, जिससे उसे उठाना आसान हो जाता है।
- क्रॉप रीपर फसल की कटाई और एकत्रीकरण में मदद करता है।
अन्य कृषि उपकरण
CRM योजना के अंतर्गत कुछ अन्य महत्वपूर्ण उपकरण भी शामिल हैं, जैसे श्रब मास्टर/रोटरी स्लेशर, जो झाड़ियों और अवशेषों को काटने में मदद करता है। हाइड्रोलिक रिवर्सिबल मोल्ड बोर्ड प्लो मिट्टी पलटने के लिए उपयोगी है और कंबाइन हार्वेस्टर के लिए सुपर SMS अटैचमेंट कटाई के दौरान ही पराली को नियंत्रित करने का काम करता है।
सब्सिडी की दरें और लाभार्थी
इस योजना में अलग-अलग श्रेणियों के लिए अलग सब्सिडी दर तय की गई है।
व्यक्तिगत किसानों को मशीनों की लागत पर 50% तक सब्सिडी दी जाएगी।
कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) के लिए 80% तक सब्सिडी मिल सकती है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹24 लाख तक है।
इसके अलावा ग्राम पंचायत, किसान उत्पादक संगठन (FPO) और ग्रामीण उद्यमियों को भी 50% से 80% तक सब्सिडी का लाभ मिलेगा, जिससे वे मशीनरी खरीदकर दूसरों को किराये पर देकर अतिरिक्त आय कमा सकते हैं।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना में आवेदन करते समय किसानों को कुछ आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। इनमें आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, भूमि के कागजात, और यदि लागू हो तो अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र शामिल हैं। इन दस्तावेजों की स्कैन कॉपी ऑनलाइन आवेदन के दौरान अपलोड करनी होती है।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
आवेदन करने के लिए किसान सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल agrimachinerypb.com पर जाएं। वहां CRM योजना के अंतर्गत “Apply Online” विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद जरूरी जानकारी भरें, दस्तावेज अपलोड करें और फॉर्म जमा कर दें। आवेदन पूरा होने के बाद उसका प्रिंट निकालकर अपने पास सुरक्षित रखना जरूरी है। यदि किसी प्रकार की जानकारी या सहायता की जरूरत हो, तो किसान अपने क्षेत्र के ब्लॉक कृषि अधिकारी या मुख्य कृषि अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
किसानों के लिए जरूरी निर्देश
इस योजना से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण नियमों का पालन करना जरूरी है। सरकार ने सब्सिडी प्रक्रिया को बैंक से जोड़ दिया है, यानी सब्सिडी की राशि सीधे किसानों के खाते में नहीं जाकर बैंक को ट्रांसफर की जाएगी। किसानों को खरीदी गई मशीन को कम से कम 5 साल तक अपने पास रखना अनिवार्य होगा। साथ ही, नकली मशीनों से बचने के लिए केवल अधिकृत डीलरों से ही खरीदारी करें। यदि आवेदन ज्यादा संख्या में आते हैं, तो पात्र किसानों का चयन ड्रॉ सिस्टम (लॉटरी) के माध्यम से किया जाएगा।
CRM योजना किसानों के लिए एक बेहतरीन अवसर है, जिससे वे आधुनिक कृषि यंत्रों को कम कीमत पर खरीद सकते हैं और पराली प्रबंधन की समस्या का समाधान कर सकते हैं। यह योजना न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसलिए जो किसान इस योजना के पात्र हैं, उन्हें समय रहते आवेदन कर इसका पूरा लाभ उठाना चाहिए।
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