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सोने से भी ज्यादा रिटर्न देगा इस फल की खेती, 90 दिन में मिलेगा 400% मुनाफा, किसान से जानें नाम और तरीका

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सोने से भी ज्यादा रिटर्न देगा इस फल की खेती, 90 दिन में मिलेगा 400% मुनाफा

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गर्मी के सीजन में खरबूजे की खेती में ₹50 हजार का निवेश किया और महज 90 दिनों में करीब ₹2.5 लाख की आय अर्जित कर 400 प्रतिशत रिटर्न हासिल किया. खरबूजे की खेती गर्मी के मौसम में सबसे ज्यादा लाभ देती है. जितनी तेज धूप पड़ती है, फल उतना ही मीठा उन्होंने पांच बीघा में खरबूजा लगाया है और गुणवत्तापूर्ण होता है. जिससे बाजार में मांग बढ़ जाती है.

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में किसान अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर नकदी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं और इससे बेहतर मुनाफा भी कमा रहे हैं. पिछोर तहसील के ग्राम धापोरा निवासी किसान अप्पी केवट इसकी मिसाल बनकर सामने आए हैं. उन्होंने गर्मी के सीजन में खरबूजे की खेती में ₹50 हजार का निवेश किया और महज 90 दिनों में करीब ₹2.5 लाख की आय अर्जित कर 400 प्रतिशत रिटर्न हासिल किया.

अप्पी केवट बताते हैं कि वे पिछले कई वर्षों से गर्मी के मौसम में खरबूजे की खेती कर रहे हैं. इस बार उन्होंने करीब पांच बीघा जमीन में खरबूजा लगाया. शुरुआत में खेत की तैयारी, उन्नत बीज, सिंचाई और खाद आदि पर लगभग ₹50 हजार की लागत आई. मौसम अनुकूल रहने और मेहनत रंग लाने से फसल शानदार हुई. बाजार में अच्छी कीमत मिलने से ढाई लाख रुपए तक की आय हुई.

बादल सबसे बड़ा खतरा
खरबूजे की खेती गर्मी के मौसम में सबसे ज्यादा लाभ देती है. जितनी तेज धूप पड़ती है, फल उतना ही मीठा उन्होंने पांच बीघा में खरबूजा लगाया है और गुणवत्तापूर्ण होता है. जिससे बाजार में मांग बढ़ जाती है. यही वजह है कि इस बार फसल की मिठास और गुणवत्ता ने खरीदारों को आकर्षित किया. स्थानीय मंडियों के अलावा आसपास के जिलों से भी व्यापारी सीधे खेत पर खरीदारी करने पहुंचे. इससे उन्हें बेहतर दाम मिल.अप्पी केवट बताते हैं कि खरबूजे की खेती में सबसे बड़ा खतरा बादलों और नमी भरे मौसम से रहता है. लगातार बादल छाने या हल्की बारिश होने पर फसल में रोग लगने और फल खराब होने की आशंका बढ़ जाती है. इससे मिठास भी प्रभावित होती है. बाजार भाव गिर जाता है. इसलिए किसान मौसम पर लगातार नजर रखते है.

ड्रिप सिंचाई और तकनीक से बढ़ा उत्पादन
अप्पी बताते हैं कि इस बार उन्होंने खेत में ड्रिप सिंचाई तकनीक अपनाई, जिससे पानी की बचत हुई और पौधों को जरूरत के अनुसार नमी मिलती रही. इससे फल का आकार बेहतर हुआ और उत्पादन बढ़ा। उनका कहना है कि अगर किसान आधुनिक तकनीक और सही समय पर देखभाल करें तो खरबूजे जैसी नगदी फसल से कम समय में अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है.

अन्य किसानों के लिए प्रेरणा
अप्पी केवट की सफलता अब क्षेत्र के अन्य किसानों को भी प्रेरित कर रही है. गांव के कई किसान अब पारंपरिक गेहूं-चना की खेती के साथ-साथ गर्मी में खरबूजे जैसी फसलों को अपनाने की तैयारी कर रहे हैं. अप्पी का कहना है कि खेती में जोखिम जरूर है, लेकिन सही योजना, मेहनत और मौसम की समझ से किसान कम समय में बड़ी आय अर्जित कर सकते हैं। शिवपुरी के किसानों के लिए अप्पी केवट की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि अगर खेती वैज्ञानिक तरीके से की जाए तो खेत भी सोने से ज्यादा रिटर्न दे सकते हैं.

By uttu

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