अमेरिका और इजरायल के साथ जारी सैन्य संघर्ष और मिडिल ईस्ट में बढ़ते टकराव के बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने सोमवार को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (जलडमरूमध्य) को पूरी तरह बंद करने का ऐलान कर दिया है. सेना ने चेतावनी दी है कि इस रास्ते से गुजरने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को आग के हवाले कर दिया जाएगा. वहीं, IRGC के इस फैसले के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है और वैश्विक स्तर पर युद्ध का खतरा गहरा गया है.
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, IRGC ने सोमवार को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को आधिकारिक तौर पर बंद करने की घोषणा कर दी है. ईरानी सेना ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस जलमार्ग से गुजरने वाले किसी भी जहाज को जला दिया जाएगा.
दुनिया की लाइफलाइन पर संकट
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्रों में से एक है. वैश्विक तेल खपत का लगभग पांचवां हिस्सा इसी संकरे रास्ते से होकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है.
फारस की खाड़ी को वैश्विक बाजारों से जोड़ने वाला यह मार्ग बंद होने से कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका है. पहले भी ईरान ने तनाव के दौरान इस रास्ते को बंद करने की धमकियां दी हैं, लेकिन रिवोल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा इसे ‘बंद’ घोषित करना एक बहुत बड़ा भू-राजनीतिक बदलाव है.
डगमगा सकती है वैश्विक अर्थव्यवस्था
वहीं, खामेनेई की मौत के बाद भड़की इस आग ने वित्तीय बाजारों को पहले ही संकट में डाल दिया है. अगर ये रास्ता लंबे वक्त तक बंद रहता है तो दुनिया भर में ईंधन की भारी किल्लत हो सकती है.
विशेषज्ञों का मानना है कि इस रास्ते में किसी भी प्रकार का व्यवधान वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए आत्मघाती साबित हो सकता है. फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस रणनीतिक जलमार्ग पर टिकी हैं, क्योंकि यहां होने वाली कोई भी छोटी सी सैन्य हलचल महायुद्ध की शुरुआत कर सकती है.
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