4 महीने में 3 किलो की मछली! पप्पू यादव का यूपी-बंगाल फिशरी मॉडल बिहार में हिट
Fish Farming Success Story: छपरा के पप्पू यादव की यह कहानी साबित करती है कि अगर स्मार्टफोन का सही इस्तेमाल किया जाए, तो वह आपकी तकदीर बदल सकता है. कभी सामान्य युवक रहे पप्पू ने यूट्यूब पर मछली पालन का एक वीडियो देखा और उसे ही अपना करियर बनाने की ठान ली. उन्होंने केवल वीडियो देखकर शुरुआत नहीं की, बल्कि उत्तर प्रदेश और बंगाल के बड़े मत्स्य केंद्रों का दौरा कर आधुनिक तकनीक सीखी. पप्पू की सफलता का राज उनका प्रोग्रेसिव ग्रोथ मॉडल है. वे मछली के जीरे को सीधे पोखर में डालने के बजाय पहले छोटे डेम में पालते हैं. जब मछलियां 20-25 दिन में विकसित हो जाती हैं. तब उन्हें बड़े तालाब में शिफ्ट किया जाता है. इस वैज्ञानिक तरीके से मछलियां महज 4-5 महीने में ढाई से तीन किलो तक की हो जाती हैं. जिससे वे साल में तीन बार उत्पादन लेकर लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं. 5 कट्ठा जमीन से शुरू हुआ यह सफर आज तीन बड़े पोखरों तक पहुंच चुका है. पप्पू न केवल खुद आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं, बल्कि उन्होंने एक दर्जन से अधिक किसानों को भी इस व्यवसाय से जोड़ा है. उनके इस फिशरी मॉडल से क्षेत्र के सैकड़ों छोटे व्यापारियों को नियमित रोजगार मिल रहा है.

