West Bengal BJP Female Candidate: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए चुनावी बिसात बिछ चुकी है. भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पहली सूची जारी कर हुंकार भर दी है. इस फेहरिस्त में सबसे खास है बीजेपी की ‘नारी शक्ति’ पर दांव. पार्टी ने बंगाल के सियासी मैदान में 10 फायरब्रांड महिला उम्मीदवारों को उतारकर साफ कर दिया है कि इस बार का मुकाबला सत्ताधारी ममता सरकार के लिए बेहद कड़ा होने वाला है.
बांकुरा की सादगी और संघर्ष का चेहरा बनीं चन्दना बाउरी से लेकर अपनी आक्रामक शैली के लिए मशहूर अग्निमित्रा पॉल तक, बीजेपी ने जमीनी पकड़ और ग्लैमर के साथ-साथ संघर्षशील चेहरों का एक सटीक संतुलन बनाया है. ये 10 महिलाएं न केवल अपनी सीटों पर ममता बनर्जी के किले को चुनौती देंगी, बल्कि बंगाल की अस्मिता और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चुनाव को केंद्रित करने का दम भी रखती हैं. आइए जानते हैं, कौन हैं ये 10 योद्धा जो बंगाल के इस महासंग्राम में बीजेपी का परचम लहराने को तैयार हैं.
1. कूचबिहार जिले की हाई-प्रोफाइल शीतलकुची सीट से बीजेपी ने सावित्री बर्मन को उम्मीदवार बनाया है. सावित्री स्थानीय राजबंशी समुदाय का एक प्रमुख चेहरा हैं और लंबे समय से जमीनी स्तर पर संगठन से जुड़ी रही हैं. शीतलकुची वह इलाका है जो पिछले चुनावों में राजनीतिक हिंसा के केंद्र में रहा था, ऐसे में सावित्री की उम्मीदवारी को पार्टी के एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है. वे विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं के अधिकारों और उत्तर बंगाल के पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए मुखर रही हैं. उनका मुख्य फोकस क्षेत्र में शांति बहाली और केंद्रीय योजनाओं का लाभ हर गरीब तक पहुँचाना है.
2. जलपाईगुड़ी जिले की डाबग्राम-फूलबाड़ी सीट से वर्तमान विधायक शिखा चटर्जी पर पार्टी ने एक बार फिर भरोसा जताया है. शिखा चटर्जी उत्तर बंगाल की राजनीति का एक बेहद अनुभवी नाम हैं. वे एक सेवानिवृत्त कर्मचारी रही हैं और उनकी छवि एक अनुशासित और ईमानदार नेता की है. 2021 के चुनाव में उन्होंने टीएमसी के दिग्गज नेता गौतम देब को हराकर सबको चौंका दिया था. वे स्थानीय बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सुविधाओं और चाय बागान श्रमिकों के मुद्दों को विधानसभा में प्रमुखता से उठाती रही हैं. उनकी पकड़ मध्यम वर्गीय और श्रमिक वर्ग दोनों पर समान रूप से मजबूत है.
3. दक्षिण 24 परगना के सुंदरबन इलाके में आने वाली कुलतली सीट से माधबी महलदर को मैदान में उतारा गया है. माधबी एक जुझारू कार्यकर्ता हैं जो दक्षिण बंगाल के इस चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में बीजेपी का झंडा बुलंद कर रही हैं. कुलतली जैसे कठिन भौगोलिक क्षेत्र में, जहां आज भी पीने के पानी और सड़कों जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, माधबी ने घर-घर जाकर अपनी पहचान बनाई है. वे विशेष रूप से चक्रवात प्रभावित परिवारों की मदद और महिला सुरक्षा के मुद्दों पर सक्रिय रहती हैं. पार्टी उन्हें एक साहसी महिला के रूप में देख रही है जो टीएमसी के इस गढ़ में कड़ी चुनौती पेश करेंगी.
4. पुरुलिया जिले की रघुनाथपुर सीट से मामुनी बाउरी बीजेपी का प्रतिनिधित्व कर रही हैं. मामोनी एक साधारण दलित पृष्ठभूमि से आती हैं और उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर काफी काम किया है. वे विशेष रूप से बाउरी समुदाय और अन्य पिछड़े वर्गों के बीच काफी लोकप्रिय हैं. मामोनी का चुनाव लड़ना इस बात का प्रतीक है कि बीजेपी कैसे सामान्य कार्यकर्ताओं को मुख्यधारा की राजनीति में ला रही है. उनका अभियान मुख्य रूप से भ्रष्टाचार मुक्त शासन और स्थानीय रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है.
5. बांकुरा की साल्तोरा सीट से चन्दना बाउरी 2021 में देश की सबसे चर्चित उम्मीदवार बनी थीं. एक दिहाड़ी मजदूर की पत्नी और झोपड़ी में रहने वाली चन्दना ने अपनी सादगी से पूरे देश का दिल जीत लिया था. विधायक बनने के बाद भी उनकी सादगी बरकरार है, जो उनकी सबसे बड़ी ताकत है. वे नियमित रूप से अपने क्षेत्र के लोगों के बीच रहती हैं और प्रधानमंत्री आवास योजना व राशन कार्ड में होने वाली धांधली के खिलाफ लड़ाई लड़ रही हैं. चन्दना आज उन लाखों ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं जो राजनीति में बदलाव लाना चाहती हैं.
6. पूर्व वर्धमान की आउसग्राम सीट से उम्मीदवार कलीता माझी की कहानी भी बेहद प्रेरणादायक है. राजनीति में आने से पहले वे दूसरों के घरों में मेड (Maid Servant) का काम करती थीं. एक साधारण पृष्ठभूमि से उठकर विधानसभा की उम्मीदवार बनने तक का उनका सफर बीजेपी के अंत्योदय दर्शन को दर्शाता है. कलीता माझी स्थानीय स्तर पर दीदी के नाम से मशहूर हैं और वे गरीबों की आवाज बनकर उभरी हैं. उनका मुख्य चुनावी मुद्दा शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं हैं ताकि किसी और को उनके जैसा संघर्ष न करना पड़े.
7. बीजेपी की प्रदेश उपाध्यक्ष और मशहूर फैशन डिजाइनर अग्निमित्रा पॉल एक बार फिर अपनी मौजूदा सीट आसनसोल दक्षिण से चुनाव लड़ रही हैं. अग्निमित्रा बंगाल बीजेपी का एक फायरब्रांड चेहरा मानी जाती हैं. वे महिला मोर्चा की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं और राज्य में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर ममता सरकार को घेरने में सबसे आगे रहती हैं. उनकी शैक्षिक योग्यता और आधुनिक सोच के साथ-साथ जमीनी पकड़ उन्हें एक कंपलीट पैकेज बनाती है. वे आसनसोल के औद्योगिक विकास और शहरी सुविधाओं के सुधार के लिए लगातार प्रयास करती रही हैं.
8. अनिमा दत्ता नदिया जिले की पलासीपाड़ा सीट से चुनाव लड़ रही हैं. नदिया जिला राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील माना जाता है, जहाँ मतुआ समुदाय और ग्रामीण वोटर्स की बड़ी भूमिका है. अनिमा दत्ता ने जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने में काफी मेहनत की है और वे महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों (SHG) के बीच काफी लोकप्रिय हैं.
9. सुमिता सिन्हा को पूर्व मेदिनीपुर की कांथी उत्तर सीट से मैदान में उतारा गया है. यह इलाका अधिकारी परिवार (शुभेंदु अधिकारी) का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है. सुमिता सिन्हा एक शिक्षित और समर्पित कार्यकर्ता रही हैं. वे स्थानीय स्तर पर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए काम करती रही हैं और मेदिनीपुर बेल्ट में बीजेपी की महिला शक्ति का प्रतिनिधित्व करती हैं.
10. मैना मुर्मू पुरुलिया जिले की मानबाजार (ST) सीट से चुनावी मैदान में हैं. वे आदिवासी समुदाय का एक सशक्त चेहरा हैं. जंगलमहल इलाके में आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन के अधिकारों के लिए उन्होंने कई आंदोलन किए हैं. उनकी उम्मीदवारी के जरिए बीजेपी आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है.
